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मास्क पहनकर एमडीएम बनाएंगी रसोइयां
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बाराबंकी। कोरोना काल में ठंडे पड़े विद्यालयों के एमडीएम के चूल्हे बुधवार से जलेंगे। ऐसे में 11 माह बाद नौनिहालों को मध्याह्न भोजन का निवाला नसीब होगा। हालांकि रसोइयों के स्वयं व परिवार के सदस्यों के कोविड-19 से संक्रमित न होने का प्रमाण-पत्र देना होगा। वहीं मास्क लगाकर ही एमडीएम बनाना होगा तो आभूषण पहनने की मनाही होगी। शासन से इसके आदेश मिलने के बाद तैयारी शुरू कर दी गई है।
10 फरवरी से जिले में कक्षा छह से आठ तक के सभी 1575 विद्यालय खुलेंगे। इसमें 1,86,261 विद्यार्थी पंजीकृत है। मगर, इनमें से 914 उच्च प्राथमिक, कंपोजिट, अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर स्कूल व मदरसों में पंजीकृत 1,18,512 नौनिहालों को पूर्व की भांति मध्याह्न भोजन मिलेगा। कोरोना काल में विद्यालय बंद होने के कारण मार्च से अभी तक बच्चों के अभिभावकों के खाते में भत्ता व कोटे से एमडीएम का राशन मिलता था।
मगर, 10 फरवरी से विद्यालय खुलने के बाद इसका लाभ नहीं मिलेगा। बल्कि 11 माह बाद नौनिहालों को स्कूल में निवाला मिलेगा। कोविड-19 के प्रोटोकाल के तहत विद्यालयों के एमडीएम के चूल्हे जलेंगे। इसके लिए जहां रसोइयों के स्वयं व परिवार के सदस्यों के कोविड-19 से संक्रमित न होने का घोषणा-पत्र देना होगा। वहीं स्कूल में प्रवेश करते समय रसोइसों को हाथ सैनिटाइज करना होगा। सभी रसाइयों को मास्क लगाना होगा तो किसी प्रकार के आभूषण को पहनने की अनुमति नहीं होगी।
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भोजन वितरण से पहले बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के अनुरूप पंक्ति में बैठाकर भोजन परोसा जाएगा। हाथ धुलने के समय विद्यार्थियों के बीच दूूूरी का ध्यान रखना होगा। रसोई में एकत्र कूड़े को ढक्कन वाली डस्टबिन में डालना होगा। बर्तन धोने के बाद पोंछने की जगह उनको सूखाना होगा।
एमडीएम खाते का एसएमसी व प्रधानाध्यापक करेंगे संचालन
पंचायत चुनाव को लेकर प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया है। ऐसे में जिला प्रशासन ने एमडीएम के खाते के संचालन की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंध समिति व प्रधानाध्यापक को संयुक्त रूप से करने के आदेेश जारी किए है। 10 फरवरी से एमडीएम शुरू होने को लेकर पहले से सिलेंडर भराने के साथ खाद्यान्न आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश प्रधानाध्यापकों को दिए गए हैं। सोमवार को फल व बुधवार को दूध का वितरण नौनिहालों को किया जाएगा।
पूर्व की भांति बच्चों को स्कूल में एमडीएम दिया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर ली गई है। हालांकि इस दौरान भी कोविड-19 के प्रोटोकाल का पूर्णतया पालन किया जाना है।
-राजेश कुमार वर्मा, बीएसए
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10 फरवरी से जिले में कक्षा छह से आठ तक के सभी 1575 विद्यालय खुलेंगे। इसमें 1,86,261 विद्यार्थी पंजीकृत है। मगर, इनमें से 914 उच्च प्राथमिक, कंपोजिट, अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर स्कूल व मदरसों में पंजीकृत 1,18,512 नौनिहालों को पूर्व की भांति मध्याह्न भोजन मिलेगा। कोरोना काल में विद्यालय बंद होने के कारण मार्च से अभी तक बच्चों के अभिभावकों के खाते में भत्ता व कोटे से एमडीएम का राशन मिलता था।
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मगर, 10 फरवरी से विद्यालय खुलने के बाद इसका लाभ नहीं मिलेगा। बल्कि 11 माह बाद नौनिहालों को स्कूल में निवाला मिलेगा। कोविड-19 के प्रोटोकाल के तहत विद्यालयों के एमडीएम के चूल्हे जलेंगे। इसके लिए जहां रसोइयों के स्वयं व परिवार के सदस्यों के कोविड-19 से संक्रमित न होने का घोषणा-पत्र देना होगा। वहीं स्कूल में प्रवेश करते समय रसोइसों को हाथ सैनिटाइज करना होगा। सभी रसाइयों को मास्क लगाना होगा तो किसी प्रकार के आभूषण को पहनने की अनुमति नहीं होगी।
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भोजन वितरण से पहले बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के अनुरूप पंक्ति में बैठाकर भोजन परोसा जाएगा। हाथ धुलने के समय विद्यार्थियों के बीच दूूूरी का ध्यान रखना होगा। रसोई में एकत्र कूड़े को ढक्कन वाली डस्टबिन में डालना होगा। बर्तन धोने के बाद पोंछने की जगह उनको सूखाना होगा।
एमडीएम खाते का एसएमसी व प्रधानाध्यापक करेंगे संचालन
पंचायत चुनाव को लेकर प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया है। ऐसे में जिला प्रशासन ने एमडीएम के खाते के संचालन की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंध समिति व प्रधानाध्यापक को संयुक्त रूप से करने के आदेेश जारी किए है। 10 फरवरी से एमडीएम शुरू होने को लेकर पहले से सिलेंडर भराने के साथ खाद्यान्न आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश प्रधानाध्यापकों को दिए गए हैं। सोमवार को फल व बुधवार को दूध का वितरण नौनिहालों को किया जाएगा।
पूर्व की भांति बच्चों को स्कूल में एमडीएम दिया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर ली गई है। हालांकि इस दौरान भी कोविड-19 के प्रोटोकाल का पूर्णतया पालन किया जाना है।
-राजेश कुमार वर्मा, बीएसए