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Barabanki News: ओसीआर से ली जाएगी मीटर रीडिंग, पारदर्शी होगी बिलिंग
Tue, 18 Feb 2025 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 18 Feb 2025 12:03 AM IST
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बाराबंकी। पावर कॉरपोरेशन ने बिजली मीटर रीडिंग की प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन (ओसीआर) सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल शुरू किया है। इससे अनुमानित नहीं बल्कि बिजली की वास्तविक खपत पर आधारित बिल ही मिलेगा। नई व्यवस्था के लागू होने से मीटर रीडिंग में गड़बड़ियों और औसत बिलिंग की समस्याओं से भी उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की शिकायत रहती थी कि मीटर रीडर मौके पर नहीं आते और औसत रीडिंग डालकर अनुमानित बिल भेज दिया जाता है। इस कारण उपभोक्ताओं को बिजली विभाग के चक्कर काटने पड़ते हैं। लेकिन अब ओसीआर तकनीक से जितनी रीडिंग मीटर में दिखेगी, उतनी ही रीडिंग दर्ज होगी और उसी के आधार पर बिल तैयार होगा।
क्या है ओसीआर तकनीक
ओसीआर एक ऐसी अत्याधुनिक तकनीक है, जो मीटर पर दर्ज अंकों की छवि को मशीन-पठनीय डेटा में बदल देती है। इसके लिए मीटर रीडर को उपभोक्ता के घर आकर मीटर से तार कनेक्ट करना होगा। यह साफ्टवेयर मीटर पर मौजूद रीडिंग को सटीक रूप से कैप्चर कर लेगा और उसी आधार पर बिल तैयार होगा।
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पॉवर कॉरपोरेशन ने इस नई तकनीक को इसी महीने से लागू कर दिया है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है। इसके लागू होने से गलत रीडिंग की समस्या दूर होने के साथ ही उपभोक्ताओं को अब अनुमानित नहीं, बल्कि मीटर में दर्ज बिजली की वास्तविक खपत पर आधारित बिल ही जमा करने के लिए मिलेगा।
- सुभाष चंद्र मौर्य, अधिशासी अभियंता पावर कार्पोरेशन
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बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की शिकायत रहती थी कि मीटर रीडर मौके पर नहीं आते और औसत रीडिंग डालकर अनुमानित बिल भेज दिया जाता है। इस कारण उपभोक्ताओं को बिजली विभाग के चक्कर काटने पड़ते हैं। लेकिन अब ओसीआर तकनीक से जितनी रीडिंग मीटर में दिखेगी, उतनी ही रीडिंग दर्ज होगी और उसी के आधार पर बिल तैयार होगा।
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क्या है ओसीआर तकनीक
ओसीआर एक ऐसी अत्याधुनिक तकनीक है, जो मीटर पर दर्ज अंकों की छवि को मशीन-पठनीय डेटा में बदल देती है। इसके लिए मीटर रीडर को उपभोक्ता के घर आकर मीटर से तार कनेक्ट करना होगा। यह साफ्टवेयर मीटर पर मौजूद रीडिंग को सटीक रूप से कैप्चर कर लेगा और उसी आधार पर बिल तैयार होगा।
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पॉवर कॉरपोरेशन ने इस नई तकनीक को इसी महीने से लागू कर दिया है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है। इसके लागू होने से गलत रीडिंग की समस्या दूर होने के साथ ही उपभोक्ताओं को अब अनुमानित नहीं, बल्कि मीटर में दर्ज बिजली की वास्तविक खपत पर आधारित बिल ही जमा करने के लिए मिलेगा।
- सुभाष चंद्र मौर्य, अधिशासी अभियंता पावर कार्पोरेशन