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Barabanki News: पछुआ हवाओं से बढ़ी गलन
Wed, 10 Jan 2024 01:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 10 Jan 2024 01:36 AM IST
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बाराबंकी। सुबह घने कोहरे के बाद दिनभर चलीं तेज पछुआ हवाओं ने फिर मौसम सर्द कर दिया। दोपहर एवं शाम को हुई बूंदाबांदी ने पारा गिराने में भूमिका निभाई। हालात यह हो गए कि दिन में निकली धूप का भी असर नहीं हुआ। ऐसे में शाम को लोग जल्द ही अपने घरों में दुबकने लगे और सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा। कोहरे, बारिश और हवाओं के बीच हृदय एवं सांस रोगियों के साथ बच्चों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। वहीं बारिश और हवाओं के कारण फसलों को भी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
जिले में सोमवार की रात से ही घना कोहरा पड़ना शुरू हो गया था। मंगलवार की सुबह कोहरे का प्रकाेप इस कदर हो गया था कि दृश्यता पूरी तरह से शून्य हो गई थी। सड़क पर गुजरने वाले वाहनों को चंद कदमों की दूरी तक भी नहीं दिखाई दे रहा था। ऐसे में लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ा। इसके बाद हवा चली तो कोहरा छंट गया, लेकिन पश्चिम की ओर से आने वाली तेज बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन में इजाफा हो गया।
इससे सड़क पर निकलने वाले राहगीर ठिठुरते रहे। सरकारी दफ्तरों में अधिकारी-कर्मचारी हीटर व ब्लोअर के सहारे ठंड से बचने का प्रयास करते रहे। दोपहर में बूंदाबांदी भी हुई। इसके बाद धूप निकली, लेकिन हवाओं के कारण उसका कोई असर नहीं नजर आया। शाम होते-होते ठंडी हवाओं और बूंदाबांदी के बीच सड़कों पर जल्द ही सन्नाटा पसरना शुरू हो गया। मौसम के कारण सरसों, आलू, गेहूं की फसलों में रोग लगने की संभावना बढ़ गई है। दिन का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
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दिल के रोगियों को सावधान रहने की जरूरत
ठंड के मौसम में हार्ट अटैक होने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए दिल के मरीजों को सावधानी बरतने की जरूरत है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. राजेश कुशवाहा ने कहा कि दिल के मरीजों को ठंड के मौसम में ज्यादा मेहनत नहीं करनी चाहिए, क्योंकि दिल पर किसी भी तरह का दबाव अटैक का कारण बन सकता है। हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति को फ्लू का टीका जरूर लगवाना चाहिए। धूम्रपान से परहेज करना चाहिए। बाहर निकलने से बचें। घर के अंदर व्यायाम करें अपने लिविंग रूम में योग या आसान एक्सरसाइज करें। वहीं खानपान में अधिक वसा और नमक लेने से बचें। फल और सब्जियों का सेवन अधिक मात्रा में करें। बच्चों को ठंड से बचाव के लिए नहलाते समय गुनगुने पानी का प्रयोग करें। ज्यादा से ज्यादा गर्म कपड़े पहनाएं। मालिश के लिए गर्म तेल का प्रयोग करें।
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जिले में सोमवार की रात से ही घना कोहरा पड़ना शुरू हो गया था। मंगलवार की सुबह कोहरे का प्रकाेप इस कदर हो गया था कि दृश्यता पूरी तरह से शून्य हो गई थी। सड़क पर गुजरने वाले वाहनों को चंद कदमों की दूरी तक भी नहीं दिखाई दे रहा था। ऐसे में लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ा। इसके बाद हवा चली तो कोहरा छंट गया, लेकिन पश्चिम की ओर से आने वाली तेज बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन में इजाफा हो गया।
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इससे सड़क पर निकलने वाले राहगीर ठिठुरते रहे। सरकारी दफ्तरों में अधिकारी-कर्मचारी हीटर व ब्लोअर के सहारे ठंड से बचने का प्रयास करते रहे। दोपहर में बूंदाबांदी भी हुई। इसके बाद धूप निकली, लेकिन हवाओं के कारण उसका कोई असर नहीं नजर आया। शाम होते-होते ठंडी हवाओं और बूंदाबांदी के बीच सड़कों पर जल्द ही सन्नाटा पसरना शुरू हो गया। मौसम के कारण सरसों, आलू, गेहूं की फसलों में रोग लगने की संभावना बढ़ गई है। दिन का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
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दिल के रोगियों को सावधान रहने की जरूरत
ठंड के मौसम में हार्ट अटैक होने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए दिल के मरीजों को सावधानी बरतने की जरूरत है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. राजेश कुशवाहा ने कहा कि दिल के मरीजों को ठंड के मौसम में ज्यादा मेहनत नहीं करनी चाहिए, क्योंकि दिल पर किसी भी तरह का दबाव अटैक का कारण बन सकता है। हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति को फ्लू का टीका जरूर लगवाना चाहिए। धूम्रपान से परहेज करना चाहिए। बाहर निकलने से बचें। घर के अंदर व्यायाम करें अपने लिविंग रूम में योग या आसान एक्सरसाइज करें। वहीं खानपान में अधिक वसा और नमक लेने से बचें। फल और सब्जियों का सेवन अधिक मात्रा में करें। बच्चों को ठंड से बचाव के लिए नहलाते समय गुनगुने पानी का प्रयोग करें। ज्यादा से ज्यादा गर्म कपड़े पहनाएं। मालिश के लिए गर्म तेल का प्रयोग करें।