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Barabanki News: बाहर से मंगाई जातीं दवाएं, इंजेक्शन व धागा

Fri, 26 May 2023 12:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Fri, 26 May 2023 12:57 AM IST
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Medicines, injections and threads brought from outside
सतरिख (बाराबंकी)। सीएचसी पर तैनात डॉक्टरों और कर्मचारियों की मनमानी मरीजों पर भारी पड़ रही है। सबसे ज्यादा दिक्कतें प्रसव पीड़िताओं को हो रही हैं और इनसे बाहर से दवाएं, इंजेक्शन तथा टांका लगाने वाला धागा तक मंगाया जा रहा है। आरोप है कि न तो भोजन मिलता है और न ही दूध दिया जाता है, सिर्फ चाय देकर काम चलाया जा रहा है। लेकिन जिम्मेदार इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। यहीं वजह है कि डॉक्टरों और कर्मचारियों की मनमानी जारी है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतरिख में मरीजों को बाहर से दवाएं लिखी जा रही हैं। यहां पर भर्ती मोहद्दीनपुर निवासी खुशबू पत्नी रंजीत ने बताया कि बुधवार को प्रसव पीड़ा पर उसे परिजनों ने सीएचसी में भर्ती कराया। उससे करीब 750 रुपये की दवाएं बाहर से मंगाई गईं। इसी प्रकार हरख की रहने वाली रानी पत्नी लवकुश से 509 रुपये की दवाएं, इंजेक्शन और धागा तक बाहर से मंगाया गया। खानवापुर की पुष्पा रावत पत्नी संदीप से भी करीब 670 रुपये की दवाएं बाहर से मंगाई गईं।
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मरीजों का आरोप है कि दवाएं तय मेडिकल स्टोरों से मंगाई जाती है जो दवा डॉक्टर लिखते, वह तय मेडिकल स्टोरों पर ही मिलती है। दूसरे मेडिकल स्टोर पर ये दवाएं नहीं मिलती हैं। यहीं वजह है मेडिकल स्टोर संचालक भी मनमाना पैसा मरीजों और उनके तीमारदारों से वसूलते हैं। लेकिन इस पर रोक नहीं लग पा रही है, जबकि सीएमओ ने सभी चिकित्सकों को आदेश दे रखा है कि कोई भी डॉक्टर बाहर से दवाएं नहीं लिखेगा। इसके बाद भी आदेश का अनुपालन नहीं हो रहा है।
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दूध की जगह चाय देकर चला रहे काम
अस्पताल में भर्ती होने वाली प्रसूताओं को भोजन के साथ दूध दिए जाने का आदेश है, मगर इस आदेश का भी पालन नहीं हो रहा है। भोजन की बात तो दूर अस्पताल में भर्ती होने वाली प्रसव पीड़िताओं का दूध की जगह चाय देकर काम चलाया जा रहा है। आरोप यह भी है कि यदि दूध दिया भी जाता है तो उसमें दूध की मात्रा कम पानी ज्यादा होता है। लेकिन जिम्मेदार इस ओर जरा भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।






बाहर से दवाएं लिखने पर पूरी तरह से रोक है। यदि कहीं दवाएं नहीं हैं तो वहां के अधीक्षक को मांग भेजनी चाहिए। यदि बाहर से दवाएं लिखी जा रही हैं तो इस पर कार्रवाई की जाएगी। भोजन क्यों नहीं दिया जाता है इसकी जांच कराई जाएगी।
डॉ. अवधेश कुमार यादव, सीएमओ
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