{"_id":"5ddad4a38ebc3e54ed5f03a9","slug":"medicine-barabanki-news-lko494055094","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएचसी में जलाई गईं दवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएचसी में जलाई गईं दवाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। मरीजों को उपलब्ध कराने के लिए आईं तमाम दवाओं को रविवार को रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में जला दिया जा रहा है। सीएचसी के पीछे जलाई गईं दवाओं में ज्यादातर ऑयरन और कैल्शियम की थीं। मौके पर सीरप की शीशियां भी देखी गई हैं। इनको जलाए जाने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। सीएचसी अधीक्षक भी इस बारे में कुछ नहीं बता सके। उनका कहना है कि इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
रामनगर सीएचसी परिसर में पीछे की तरफ कूड़े के ढेर में रविवार दोपहर करीब एक बजे दवाएं जलती देखीं गईं। काफी देर तक कूड़े के साथ दवाएं सुलगने से धुआं उठता रहा। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक आग के हवाले की गई दवाओं में ऑयरन और कैल्शियम की गोलियों के साथ सीरप की शीशियां भी शामिल थीं। यह दवाओं की जरूरत गर्भावस्था के समय महिलाओं को अधिक पड़ती हैं। इन दवाओं के लिए कई बार मरीजों को भटकना पड़ता। दवाओं के अभाव के चलते उन्हें बाहर से खरीदना पड़ता है। ऐसी तमाम दवाएं रविवार को सीएचसी परिसर में ही आग के हवाले कर दी गईं।
विज्ञापन
रामनगर सीएचसी परिसर में पीछे की तरफ कूड़े के ढेर में रविवार दोपहर करीब एक बजे दवाएं जलती देखीं गईं। काफी देर तक कूड़े के साथ दवाएं सुलगने से धुआं उठता रहा। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक आग के हवाले की गई दवाओं में ऑयरन और कैल्शियम की गोलियों के साथ सीरप की शीशियां भी शामिल थीं। यह दवाओं की जरूरत गर्भावस्था के समय महिलाओं को अधिक पड़ती हैं। इन दवाओं के लिए कई बार मरीजों को भटकना पड़ता। दवाओं के अभाव के चलते उन्हें बाहर से खरीदना पड़ता है। ऐसी तमाम दवाएं रविवार को सीएचसी परिसर में ही आग के हवाले कर दी गईं।
विज्ञापन