{"_id":"641f4db2465b64c5d90de174","slug":"little-rojedar-busy-in-the-worship-of-allah-barabanki-news-c-13-1-148291-2023-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: अल्लाह की इबादत में मशगूल नन्हे रोजेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: अल्लाह की इबादत में मशगूल नन्हे रोजेदार
Sun, 26 Mar 2023 01:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 26 Mar 2023 01:08 AM IST
विज्ञापन
जैदपुर (बाराबंकी)। अल्लाह से प्यार व इबादत की कोई उम्र नहीं होती। बड़ों के साथ-साथ छोटे भी अल्लाह की इबादत में मशगूल हो गए हैं। बड़ों के साथ छोटे बच्चों ने रमजान के पाक महीने में रोजा रखकर इबादत की। नन्हे रोजेदारोंं ने भी नमाज पढ़ी और अल्लाह पाक से दुआ मांगी।
रमजान उल मुबारक का पहला रोजा शुक्रवार को था। कस्बे के मोहल्ला रईसकटरा निवासी नफीस की बेटी जैनब बानो ने अपना पहला रोजा मात्र सात साल की उम्र में रखा। दिनभर मम्मी और दादा-दादी के साथ समय गुजार कर रोजा पूरा किया। छेदाकटरा मोहल्ला निवासी वसीम के पुत्र जुबैर ने 10 साल की उम्र में रोजा रखकर कुरान पाक के दो पारे की तिलावत भी की।
जाकिर हुसैन की बेटी तनवीर फातिमा ने 10 साल की उम्र में पहला रोजा रखकर अल्लाह की इबादत में वक्त बिताया। अर्सलान इस्लाम 11 साल की उम्र में तीसरी बार पूरा रोजा रख रहे हैं, साथ ही रोजाना तीन पारे की कुरान की तिलावत भी कर रहे हैं। अल्लाह पाक से दुआ कर रहे हैं कि अपने मम्मी-पापा के सपनों को हम साकार कर सकें। ग्राम पंचायत बरैया के सईद अहमद के पुत्र असद अहमद ने आठ साल की उम्र में पहला रोजा रखा। नन्हे रोजेदारों को शाम होते ही घर वाले इफ्तारी के समय तोहफा देकर खुश भी कर रहे हैं। रमजान मुबारक में नन्हे रोजेदारो की संख्या इस बार ज्यादा बढ़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रमजान उल मुबारक का पहला रोजा शुक्रवार को था। कस्बे के मोहल्ला रईसकटरा निवासी नफीस की बेटी जैनब बानो ने अपना पहला रोजा मात्र सात साल की उम्र में रखा। दिनभर मम्मी और दादा-दादी के साथ समय गुजार कर रोजा पूरा किया। छेदाकटरा मोहल्ला निवासी वसीम के पुत्र जुबैर ने 10 साल की उम्र में रोजा रखकर कुरान पाक के दो पारे की तिलावत भी की।
विज्ञापन
जाकिर हुसैन की बेटी तनवीर फातिमा ने 10 साल की उम्र में पहला रोजा रखकर अल्लाह की इबादत में वक्त बिताया। अर्सलान इस्लाम 11 साल की उम्र में तीसरी बार पूरा रोजा रख रहे हैं, साथ ही रोजाना तीन पारे की कुरान की तिलावत भी कर रहे हैं। अल्लाह पाक से दुआ कर रहे हैं कि अपने मम्मी-पापा के सपनों को हम साकार कर सकें। ग्राम पंचायत बरैया के सईद अहमद के पुत्र असद अहमद ने आठ साल की उम्र में पहला रोजा रखा। नन्हे रोजेदारों को शाम होते ही घर वाले इफ्तारी के समय तोहफा देकर खुश भी कर रहे हैं। रमजान मुबारक में नन्हे रोजेदारो की संख्या इस बार ज्यादा बढ़ रही है।
विज्ञापन