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Barabanki News: वकीलों ने अपने ही साथी की कुर्सी-बेंच फूंकी, नारेबाजी
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कचहरी में अधिवक्ता की कुर्सी व बेंच जलाते अधिवक्ता।
बाराबंकी। टोल कर्मियों द्वारा वकील की पिटाई के मामले में आरोपियों की ओर से न्यायालय में वकालतनामा दाखिल किए जाने की सूचना मिलते ही बृहस्पतिवार को कचहरी में वकीलों का आक्रोश फूट पड़ा। देखते ही देखते सैकड़ों अधिवक्ता एकत्र हो गए और वकालतनामा दाखिल करने वाले अधिवक्ता की सीट व बेंच को सड़क पर फेंक कर आग लगा दी। घटना के बाद वकालतनामा दाखिल करने वाले अधिवक्ता ने भी पूरे मामले पर पुनर्विचार करने की बात कही है।
दरअसल 15 जनवरी को प्रतापगढ़ निवासी अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला को लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर हैदरगढ़ क्षेत्र स्थित बारा टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों ने बेरहमी से पीट दिया था। इस घटना से आक्रोशित वकीलों ने उस समय जोरदार प्रदर्शन किया था और निर्णय लिया गया था कि कोई भी अधिवक्ता टोल कर्मियों की ओर से वकालतनामा दाखिल नहीं करेगा। इस प्रकरण में पुलिस द्वारा कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इनमें से पांच आरोपियों की जमानत अर्जी दाखिल करने के लिए एक अधिवक्ता द्वारा वकालतनामा लगाए जाने की जानकारी जैसे ही सामने आई, वकीलों में रोष फैल गया। यह सूचना सोशल मीडिया ग्रुपों के माध्यम से तेजी से प्रसारित हुई।
बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे उग्र अधिवक्ता वकालतनामा दाखिल करने वाले अधिवक्ता की सीट पर पहुंच गए और उनकी कुर्सी व बेंच को उठाकर बाहर फेंक दिया। इसके बाद उनमें आग लगा दी गई। संबंधित अधिवक्ता के कई महत्वपूर्ण कागजात भी जल गए। मौके पर जमकर नारेबाजी हुई, जिससे कचहरी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर शहर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ कचहरी पहुंचे, हालांकि तब तक स्थिति काफी हद तक शांत हो चुकी थी।
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दरअसल 15 जनवरी को प्रतापगढ़ निवासी अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला को लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर हैदरगढ़ क्षेत्र स्थित बारा टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों ने बेरहमी से पीट दिया था। इस घटना से आक्रोशित वकीलों ने उस समय जोरदार प्रदर्शन किया था और निर्णय लिया गया था कि कोई भी अधिवक्ता टोल कर्मियों की ओर से वकालतनामा दाखिल नहीं करेगा। इस प्रकरण में पुलिस द्वारा कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इनमें से पांच आरोपियों की जमानत अर्जी दाखिल करने के लिए एक अधिवक्ता द्वारा वकालतनामा लगाए जाने की जानकारी जैसे ही सामने आई, वकीलों में रोष फैल गया। यह सूचना सोशल मीडिया ग्रुपों के माध्यम से तेजी से प्रसारित हुई।
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बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे उग्र अधिवक्ता वकालतनामा दाखिल करने वाले अधिवक्ता की सीट पर पहुंच गए और उनकी कुर्सी व बेंच को उठाकर बाहर फेंक दिया। इसके बाद उनमें आग लगा दी गई। संबंधित अधिवक्ता के कई महत्वपूर्ण कागजात भी जल गए। मौके पर जमकर नारेबाजी हुई, जिससे कचहरी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर शहर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ कचहरी पहुंचे, हालांकि तब तक स्थिति काफी हद तक शांत हो चुकी थी।
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