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बिजली व पानी के लिए उग्र दिखे जनप्रतिनिधि
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बाराबंकी। जिला पंचायत में शनिवार को हुई बोर्ड बैठक में विकास कार्यों के लिए 126 करोड़ रुपये का बजट सर्वसम्मति से पास किया गया। इस दौरान जिले में हो रही बिजली कटौती और जलापूर्ति न होने पर जनप्रतिनिधियों ने गहरी नाराजगी जाहिर की। वहीं जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का तत्काल निराकरण कराया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
जिला पंचायत कार्यालय के सभागार में हुई बोर्ड बैठक में पास किए गये 126 करोड़ के बजट में 42 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किये जाएंगे। वहीं कई सड़कों का निर्माण हॉटमिक्स प्लांट के जरिए किया जाएगा। इसके अलावा पांच अमृत सरोवर बनाए जाएंगे और पांच वर्ष पूर्व बनी सड़कों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा।
सीसी मार्ग, नाला निर्माण, खड़ंजा मार्ग आदि के कार्य कराए जाएंगे। इसके साथ ही मनरेगा लेबर बजट को भी स्वीकृति प्रदान की गई। जिला स्तरीय समस्याओं पर चर्चा करते हुुए अधिकारियों को निर्देश दिए गये। जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत ने जहां अधिकारियों को इन समस्याओं के साथ ही जनता की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर कराएं जाने के निर्देश दिए।
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वहीं सदस्यों को भी आश्वस्त करते हुए कहा कि उनको साथ में लेकर जिले में विकास कार्य कराए जाएंगे। राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि सरकार आम जनता के लिए कार्य कर रही है और मैं पूरी तरह से आप लोगों और जनता के साथ खड़ा हूं। इस मौके पर सांसद उपेंद्र सिंह रावत, एमएलसी अंगद कुमार सिंह, विधायक दिनेश रावत, सीडीओ एकता सिंह, एमए संजय शर्मा, पीडी भोलानाथ कनौजिया, डीसी मनरेगा बृजेश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
नहरों के संचालन की मांग उठी
जिला पंचायत सदस्य रामबरन वर्मा ने 20 मई तक नहरों के संचालन की मांग की। इस पर सिंचाई अभियंता राकेश वर्मा ने बताया कि आठ मई तक ही नहरों में पानी आएगा। बारिश से पहले नालियों के सफाई का मुद्दा उठा। इस पर सीडीओ एकता सिंह ने कहा कि दस्तक अभियान चल रहा है, बरसात से पहले सभी नालों की सफाई हो जाएगी।
सदस्यों ने जिले में हो रही अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा उठाया। बताया कि इस समय आठ से दस घंटे बिजली कटौती हो रही है। इस पर अधीक्षण अभियंता चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि उपभोग बढ़ा है। हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, राजस्थान से बिजली आती है। यहां से दो हजार मेगावाट बिजली कम आ रही है।
इसलिए आठ घंटे की कटौती की जा रही है। बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए केंद्र स्तर पर प्रयास चल रहे थे। जैसे ही बिजली मांग के अनुरूप मिलेगी, कटौती बंद हो जाएगी। इस पर सांसद उपेंद्र रावत ने कहा कि सीएचसी और पीएचसी में बिजली की कमी न हो। जहां भी डीजल का पैसा बाकी हो, सीएमओ तत्काल भुगतान कराएं।
पंचायत सहायक आते नहीं, निकल रहा वेतन
जिले में पंचायत घर लगभग 900 तैयार हैं, लेकिन अधिकांश जगहों पर बिजली कनेक्शन नहीं है। पंचायत सहायक बैठते नहीं है, वेतन फर्जी तरीके से निकल रहा है। यही दशा सामुदायिक शौचालयों की है। ये संचालित नहीं हो रहे हैं और भुगतान हो रहा है। यह मुद्दा भी सदस्यों ने बैठक में उठाया।
पशु चिकित्सकों के अस्पताल में न आने व सीएचसी पर डॉक्टरों के रात में न रुकने के साथ जर्जर सड़कों का मुद्दा उठाया गया। इस पर सीडीओ ने कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। जिला पंचायत सदस्य शंहशाह, ओमप्रभा बिट्टो, भुल्लन वर्मा, अवधेश वर्मा, नेहा सिंह आनंद, हारून राईन, मिथिलेश त्रिवेदी आदि ने विभिन्न मुद्दे उठाए।
शोपीस बनी पानी की टंकियों की होगी जांच
वर्ष 2007 से लेकर 2017 तक जिले में जितने भी ओवरहेड टैंकों का निर्माण हुआ, वह आज तक पानी नहीं दे पाये। कुछ संचालित भी हुये, लेकिन पाइप लाइन फटने से बंद पड़े हैं। बताया गया कि करीब 25 पानी की टंकी गांवों में करोड़ों की लागत से बनी है जो शुरू नहीं हुईं।
सदस्यों ने इसकी जांच की मांग की और हंगामा भी किया। इस पर सांसद ने जांच के निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि अगली बैठक तक ओवरहेड टैंकों के निर्माण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे और दोषियों पर कार्रवाई करेंगे। इसकी जांच जल निगम अधिशाषी अभियंता करेंगे।
नहीं पहुंचा सपा का कोई विधायक
भले ही जिले में सपा के तीन विधायक हैं। लेकिन इस बैठक में सपा विधायक सुरेश उर्फ धर्मराज यादव, फरीद महफूज किदवई व गौरव कुमार रावत नहीं पहुंचे। विपक्षी जनप्रतिनिधियों द्वारा बैठक में न पहुंचने को लेकर तरह-तरह की चर्चा होती रही।
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जिला पंचायत कार्यालय के सभागार में हुई बोर्ड बैठक में पास किए गये 126 करोड़ के बजट में 42 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किये जाएंगे। वहीं कई सड़कों का निर्माण हॉटमिक्स प्लांट के जरिए किया जाएगा। इसके अलावा पांच अमृत सरोवर बनाए जाएंगे और पांच वर्ष पूर्व बनी सड़कों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा।
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सीसी मार्ग, नाला निर्माण, खड़ंजा मार्ग आदि के कार्य कराए जाएंगे। इसके साथ ही मनरेगा लेबर बजट को भी स्वीकृति प्रदान की गई। जिला स्तरीय समस्याओं पर चर्चा करते हुुए अधिकारियों को निर्देश दिए गये। जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत ने जहां अधिकारियों को इन समस्याओं के साथ ही जनता की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर कराएं जाने के निर्देश दिए।
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वहीं सदस्यों को भी आश्वस्त करते हुए कहा कि उनको साथ में लेकर जिले में विकास कार्य कराए जाएंगे। राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि सरकार आम जनता के लिए कार्य कर रही है और मैं पूरी तरह से आप लोगों और जनता के साथ खड़ा हूं। इस मौके पर सांसद उपेंद्र सिंह रावत, एमएलसी अंगद कुमार सिंह, विधायक दिनेश रावत, सीडीओ एकता सिंह, एमए संजय शर्मा, पीडी भोलानाथ कनौजिया, डीसी मनरेगा बृजेश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
नहरों के संचालन की मांग उठी
जिला पंचायत सदस्य रामबरन वर्मा ने 20 मई तक नहरों के संचालन की मांग की। इस पर सिंचाई अभियंता राकेश वर्मा ने बताया कि आठ मई तक ही नहरों में पानी आएगा। बारिश से पहले नालियों के सफाई का मुद्दा उठा। इस पर सीडीओ एकता सिंह ने कहा कि दस्तक अभियान चल रहा है, बरसात से पहले सभी नालों की सफाई हो जाएगी।
सदस्यों ने जिले में हो रही अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा उठाया। बताया कि इस समय आठ से दस घंटे बिजली कटौती हो रही है। इस पर अधीक्षण अभियंता चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि उपभोग बढ़ा है। हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, राजस्थान से बिजली आती है। यहां से दो हजार मेगावाट बिजली कम आ रही है।
इसलिए आठ घंटे की कटौती की जा रही है। बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए केंद्र स्तर पर प्रयास चल रहे थे। जैसे ही बिजली मांग के अनुरूप मिलेगी, कटौती बंद हो जाएगी। इस पर सांसद उपेंद्र रावत ने कहा कि सीएचसी और पीएचसी में बिजली की कमी न हो। जहां भी डीजल का पैसा बाकी हो, सीएमओ तत्काल भुगतान कराएं।
पंचायत सहायक आते नहीं, निकल रहा वेतन
जिले में पंचायत घर लगभग 900 तैयार हैं, लेकिन अधिकांश जगहों पर बिजली कनेक्शन नहीं है। पंचायत सहायक बैठते नहीं है, वेतन फर्जी तरीके से निकल रहा है। यही दशा सामुदायिक शौचालयों की है। ये संचालित नहीं हो रहे हैं और भुगतान हो रहा है। यह मुद्दा भी सदस्यों ने बैठक में उठाया।
पशु चिकित्सकों के अस्पताल में न आने व सीएचसी पर डॉक्टरों के रात में न रुकने के साथ जर्जर सड़कों का मुद्दा उठाया गया। इस पर सीडीओ ने कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। जिला पंचायत सदस्य शंहशाह, ओमप्रभा बिट्टो, भुल्लन वर्मा, अवधेश वर्मा, नेहा सिंह आनंद, हारून राईन, मिथिलेश त्रिवेदी आदि ने विभिन्न मुद्दे उठाए।
शोपीस बनी पानी की टंकियों की होगी जांच
वर्ष 2007 से लेकर 2017 तक जिले में जितने भी ओवरहेड टैंकों का निर्माण हुआ, वह आज तक पानी नहीं दे पाये। कुछ संचालित भी हुये, लेकिन पाइप लाइन फटने से बंद पड़े हैं। बताया गया कि करीब 25 पानी की टंकी गांवों में करोड़ों की लागत से बनी है जो शुरू नहीं हुईं।
सदस्यों ने इसकी जांच की मांग की और हंगामा भी किया। इस पर सांसद ने जांच के निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि अगली बैठक तक ओवरहेड टैंकों के निर्माण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे और दोषियों पर कार्रवाई करेंगे। इसकी जांच जल निगम अधिशाषी अभियंता करेंगे।
नहीं पहुंचा सपा का कोई विधायक
भले ही जिले में सपा के तीन विधायक हैं। लेकिन इस बैठक में सपा विधायक सुरेश उर्फ धर्मराज यादव, फरीद महफूज किदवई व गौरव कुमार रावत नहीं पहुंचे। विपक्षी जनप्रतिनिधियों द्वारा बैठक में न पहुंचने को लेकर तरह-तरह की चर्चा होती रही।