{"_id":"5d4c74168ebc3e6c9a25da4e","slug":"investigation-order-barabanki-news-lko47541948","type":"story","status":"publish","title_hn":"20 हजार संपत्तियों की रजिस्ट्री की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
20 हजार संपत्तियों की रजिस्ट्री की होगी जांच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। तथ्य छुपाकर जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कसने की तैयारी की है। पिछले चार साल के दौरान हुए करीब दो लाख बैनामों में 20 हजार बड़ी भू-संपत्तियों की पहचान कराने के बाद डीएम ने स्थलीय जांच कराने का निर्णय किया है। यह जांच डीएम के साथ एडीएम, एआईजी निबंधन व उप निबंधक करेंगे। ये अधिकारी मौके पर निरीक्षण कर बैनामे के दौरान छुपाए गए तथ्यों की जानकारी करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि बैनामे में तथ्य छुुपाकर स्टाम्प चोरी करने वालों से चार से दस गुना तक जुर्माना वसूला जाएगा।
शहर व तहसील मुख्यालय पर स्थित उप निबंधक कार्यालयों में प्रतिवर्ष जमीनों की करीब 50 हजार रजिस्ट्री होती है। वर्ष 2014 से दिसम्बर 2018 तक करीब दो लाख रजिस्ट्री कराई गई हैं। इनमें दस प्रतिशत बड़ी जमीनों की रजिस्ट्री को चिन्हित कर जांच कराने का डीएम डॉ. आदर्श सिंह ने निर्णय लिया है। डीएम के साथ एडीएम, निबंधन विभाग के सहायक महानिरीक्षक, उप निबंधक, ट्रेक्निकल आडिट व महालेखाकार की टीम स्थलीय निरीक्षण करेगी। यह अधिकारी देखेंगे कि मौके पर जमीन की स्थिति को रजिस्ट्री में दर्शाया गया या नहीं। बैनामा में तथ्य छुपाए कर स्टांप चोरी पकड़े जाने पर चार से दस गुना तक जुर्माना वसूला जाएगा।
रजिस्ट्री के समय छुपाए गए कई तथ्य
डीएम डॉ. आदर्श सिंह ने 29 जुलाई को उप निबंधक कार्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान डीएम को पता चला कि कई रजिस्ट्री सर्किल रेट से अधिक कीमत पर कराई गईं। प्रारंम्भिक जांच में पाया गया है कि जमीन की रजिस्ट्री कराते समय स्टांप शुल्क बचाने को सड़क, बाग, बोरिंग, निर्माण व दुुकान के साथ ही दो सौ मीटर की परिधि में महत्पवूर्ण स्थान जैसे पेट्रोल पंप, स्कूल, अस्पताल आदि का उल्लेख नहीं किया गया है। इस पर गंभीर रूख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने जांच कराने का निर्णय लिया। जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने बुधवार को निबंधन अधिकारियों के साथ बैठक कर चार साल के बड़े बैनामों के बारे में रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन
वर्जन
वर्ष 2014 से लेकर 2018 तक हुई जमीन की रजिस्ट्री में 10 प्रतिशत की जांच की जाएगी। बड़ी भूमि की रजिस्ट्री की पहचान की गई है। तथ्य छुपाकर रजिस्ट्री कराने वालों से चार से दस गुना तक जुर्माना वसूला जाएगा। जिलाधिकारी के साथ ही एडीएम, उप निबंधक, महालेखाकर व टेक्निकल ऑडिट टीम स्थलीय जांच करेगी।
-ऋषिकेश पाण्डेय, सहायक महानिरीक्षक निबंधन
विज्ञापन
शहर व तहसील मुख्यालय पर स्थित उप निबंधक कार्यालयों में प्रतिवर्ष जमीनों की करीब 50 हजार रजिस्ट्री होती है। वर्ष 2014 से दिसम्बर 2018 तक करीब दो लाख रजिस्ट्री कराई गई हैं। इनमें दस प्रतिशत बड़ी जमीनों की रजिस्ट्री को चिन्हित कर जांच कराने का डीएम डॉ. आदर्श सिंह ने निर्णय लिया है। डीएम के साथ एडीएम, निबंधन विभाग के सहायक महानिरीक्षक, उप निबंधक, ट्रेक्निकल आडिट व महालेखाकार की टीम स्थलीय निरीक्षण करेगी। यह अधिकारी देखेंगे कि मौके पर जमीन की स्थिति को रजिस्ट्री में दर्शाया गया या नहीं। बैनामा में तथ्य छुपाए कर स्टांप चोरी पकड़े जाने पर चार से दस गुना तक जुर्माना वसूला जाएगा।
विज्ञापन
रजिस्ट्री के समय छुपाए गए कई तथ्य
डीएम डॉ. आदर्श सिंह ने 29 जुलाई को उप निबंधक कार्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान डीएम को पता चला कि कई रजिस्ट्री सर्किल रेट से अधिक कीमत पर कराई गईं। प्रारंम्भिक जांच में पाया गया है कि जमीन की रजिस्ट्री कराते समय स्टांप शुल्क बचाने को सड़क, बाग, बोरिंग, निर्माण व दुुकान के साथ ही दो सौ मीटर की परिधि में महत्पवूर्ण स्थान जैसे पेट्रोल पंप, स्कूल, अस्पताल आदि का उल्लेख नहीं किया गया है। इस पर गंभीर रूख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने जांच कराने का निर्णय लिया। जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने बुधवार को निबंधन अधिकारियों के साथ बैठक कर चार साल के बड़े बैनामों के बारे में रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन
वर्जन
वर्ष 2014 से लेकर 2018 तक हुई जमीन की रजिस्ट्री में 10 प्रतिशत की जांच की जाएगी। बड़ी भूमि की रजिस्ट्री की पहचान की गई है। तथ्य छुपाकर रजिस्ट्री कराने वालों से चार से दस गुना तक जुर्माना वसूला जाएगा। जिलाधिकारी के साथ ही एडीएम, उप निबंधक, महालेखाकर व टेक्निकल ऑडिट टीम स्थलीय जांच करेगी।
-ऋषिकेश पाण्डेय, सहायक महानिरीक्षक निबंधन