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काउंसलिंग में सामाजिक दूरी की अनदेखी
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बाराबंकी। खंड शिक्षा अधिकारी बंकी के बड़ेल स्थित कार्यालय पर काउंसलिंग के दौरान बिना सोशल डिस्ट
- फोटो : BARABANKI
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बाराबंकी। जिले को 69 हजार शिक्षक भर्ती के लिए आवंटित महिला शिक्षकों की बुधवार को कराई गई काउंसलिंग में कोविड-19 का मजाक उड़ा। बिना मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए महिला शिक्षक काउंसलिंग कराने को लेकर आतुर दिखीं। इसका पालन कराने को लगाए गए पुलिसकर्मी भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने की बजाय अपने जान पहचान वालों की काउंसलिंग कराने में ज्यादा मशगूल दिखे। शाम करीब छह बजे तक 413 महिला अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग कराई, जबकि 22 अनुपस्थित रहीं।
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत सहायक अध्यापक के पद पर चयनित 31277 अभ्यर्थियों में 939 शिक्षकों का आवंटन जिले में किया गया था। इसमें शामिल 435 महिला अभ्यर्थियों की काउंसलिंग बुधवार को सुबह नौ बजे से बडेल स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में कराई गई। इसे लेकर सुबह से ही महिला अभ्यर्थी अपने अभिभावकों के साथ काउंसलिंग कराने पहुंच गई। यहां पर कार्यालय पर थर्मल स्कैनिंग से जांच के बाद महिला अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया।
बीएसए वीपी सिंह व डायट की वरिष्ठ प्रवक्ता दीपिका चतुर्वेदी की अध्यक्षता में बनाए गए आठ काउंटरों पर काउंसलिंग कराई गई। यहां पर भले ही महिला अभ्यर्थियों को लाइन में उचित दूरी बनाकर काउंसलिंग कराने की सलाह दी गई। मगर, अधिकांश महिला अभ्यर्थियों ने न मास्क पहन रखा था और न ही काउंसलिंग कराने के उत्साह में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। जबकि पुलिस व पीएससी के जवान भारी संख्या में मौजूद होने के बाद कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन कराने की बजाय चहेतों की काउंसलिंग जल्द हो, इसमें लगे रहे।
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काउंसलिंग में अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रारूप पर सूचनाएं अंकित कर शैक्षिक प्रमाणपत्र के दो सेट में छाया प्रति की फाइलें जमा करनी थी। ऐसे में पहले से तैयारी करके न आने वाले अभ्यर्थी यहीं पर घंटों फाइलों को तैयार करने में जुटे रहे। इस दौरान कार्यालय परिसर से लेकर बाहर तक जहां जगह मिली वहीं वह अपने अभिलेख दुरुस्त करने में जुटे रहे। बैंक ड्राफ्ट को लेकर दो निजी बैंकों ने कार्यालय परिसर में स्टाल लगाकर अभ्यर्थियों को सुविधा मुहैया कराई।
पहले दिन 435 महिला अभ्यर्थियों की काउंसलिंग करानी थी, इसके सापेक्ष उपस्थित हुई 413 की काउंसलिंग कराई गई। 22 अनुपस्थित रहीं। गुरुवार को पुरुष अभ्यर्थियों की काउंसलिंग निर्धारित समय पर कराई जाएगी।
- वीपी सिंह बीएसए
मूल अभिलेख मांगे तो चकमा देकर निकल गई महिला अभ्यर्थी
फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों के मामले पकड़ में आने को लेकर काउंसलिंग में मूल अभिलेखों के मिलान गंभीरता से किया जा रहा है। काउंटर नंबर तीन पर काउंसलिंग कराने आई एक महिला अभ्यर्थी कलर स्कैन पेपर को मूल प्रमाणपत्र बता रही थी। मामला पकड़ में आने के बाद बीएसए तक पहुंचा। बीईओ ने गड़बड़ी होने पर एफआईआर कराने की चेतावनी दी तो वह चकमा देकर फरार हो गई। दोबारा लौटकर न आने पर उसे अनुपस्थित कर दिया गया।
बुधवार को महिला अभ्यर्थियों की काउंसलिंग का लेकर आठ काउंटर बनाए गए थे। काउंटर नंबर तीन बीईओ सिरौलीगौसपुर मुकेश कुमार की ड्यूटी लगाई गई थी। यहां पर सूची क्रमांक 121 से 160 तक 60 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की जानी थी। इसी दौरान काउंसलिंग कराने पहुंचीं एक महिला अभ्यर्थी ने मूल प्रमाणपत्र के स्थान पर कलर स्कैन पेपर प्रस्तुत किए। जिसे देखकर शंका हुई। ऐेसे में बीईओ ने प्रमाणपत्र ले जाकर बीएसए को दिखाए।
उन्होंने मूल प्रमाण पत्रों को मंगाने की बात कही। इस पर बीईओ ने कहा कि ठीक है काउंसलिंग कर ली जा रही है। मगर, अभिलेख फर्जी हुए तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। बीईओ की चेतावनी सुन महिला अभ्यर्थी अभिभावक को बुलाकर लाने के बहाने बाहर निकली और फरार हो गई। बीएसए वीपी सिंह ने बताया कि एक महिला स्कैन कलर पेपर लेकर काउंसलिंग को पहुंची थी। उससे मूल प्रमाणपत्र लाने की बात कही गई। जिसे लेने गई पर वापस नहीं आई। ऐसे में उसे अनुपस्थित माना गया।
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बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत सहायक अध्यापक के पद पर चयनित 31277 अभ्यर्थियों में 939 शिक्षकों का आवंटन जिले में किया गया था। इसमें शामिल 435 महिला अभ्यर्थियों की काउंसलिंग बुधवार को सुबह नौ बजे से बडेल स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में कराई गई। इसे लेकर सुबह से ही महिला अभ्यर्थी अपने अभिभावकों के साथ काउंसलिंग कराने पहुंच गई। यहां पर कार्यालय पर थर्मल स्कैनिंग से जांच के बाद महिला अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया।
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बीएसए वीपी सिंह व डायट की वरिष्ठ प्रवक्ता दीपिका चतुर्वेदी की अध्यक्षता में बनाए गए आठ काउंटरों पर काउंसलिंग कराई गई। यहां पर भले ही महिला अभ्यर्थियों को लाइन में उचित दूरी बनाकर काउंसलिंग कराने की सलाह दी गई। मगर, अधिकांश महिला अभ्यर्थियों ने न मास्क पहन रखा था और न ही काउंसलिंग कराने के उत्साह में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। जबकि पुलिस व पीएससी के जवान भारी संख्या में मौजूद होने के बाद कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन कराने की बजाय चहेतों की काउंसलिंग जल्द हो, इसमें लगे रहे।
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काउंसलिंग में अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रारूप पर सूचनाएं अंकित कर शैक्षिक प्रमाणपत्र के दो सेट में छाया प्रति की फाइलें जमा करनी थी। ऐसे में पहले से तैयारी करके न आने वाले अभ्यर्थी यहीं पर घंटों फाइलों को तैयार करने में जुटे रहे। इस दौरान कार्यालय परिसर से लेकर बाहर तक जहां जगह मिली वहीं वह अपने अभिलेख दुरुस्त करने में जुटे रहे। बैंक ड्राफ्ट को लेकर दो निजी बैंकों ने कार्यालय परिसर में स्टाल लगाकर अभ्यर्थियों को सुविधा मुहैया कराई।
पहले दिन 435 महिला अभ्यर्थियों की काउंसलिंग करानी थी, इसके सापेक्ष उपस्थित हुई 413 की काउंसलिंग कराई गई। 22 अनुपस्थित रहीं। गुरुवार को पुरुष अभ्यर्थियों की काउंसलिंग निर्धारित समय पर कराई जाएगी।
- वीपी सिंह बीएसए
मूल अभिलेख मांगे तो चकमा देकर निकल गई महिला अभ्यर्थी
फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों के मामले पकड़ में आने को लेकर काउंसलिंग में मूल अभिलेखों के मिलान गंभीरता से किया जा रहा है। काउंटर नंबर तीन पर काउंसलिंग कराने आई एक महिला अभ्यर्थी कलर स्कैन पेपर को मूल प्रमाणपत्र बता रही थी। मामला पकड़ में आने के बाद बीएसए तक पहुंचा। बीईओ ने गड़बड़ी होने पर एफआईआर कराने की चेतावनी दी तो वह चकमा देकर फरार हो गई। दोबारा लौटकर न आने पर उसे अनुपस्थित कर दिया गया।
बुधवार को महिला अभ्यर्थियों की काउंसलिंग का लेकर आठ काउंटर बनाए गए थे। काउंटर नंबर तीन बीईओ सिरौलीगौसपुर मुकेश कुमार की ड्यूटी लगाई गई थी। यहां पर सूची क्रमांक 121 से 160 तक 60 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की जानी थी। इसी दौरान काउंसलिंग कराने पहुंचीं एक महिला अभ्यर्थी ने मूल प्रमाणपत्र के स्थान पर कलर स्कैन पेपर प्रस्तुत किए। जिसे देखकर शंका हुई। ऐेसे में बीईओ ने प्रमाणपत्र ले जाकर बीएसए को दिखाए।
उन्होंने मूल प्रमाण पत्रों को मंगाने की बात कही। इस पर बीईओ ने कहा कि ठीक है काउंसलिंग कर ली जा रही है। मगर, अभिलेख फर्जी हुए तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। बीईओ की चेतावनी सुन महिला अभ्यर्थी अभिभावक को बुलाकर लाने के बहाने बाहर निकली और फरार हो गई। बीएसए वीपी सिंह ने बताया कि एक महिला स्कैन कलर पेपर लेकर काउंसलिंग को पहुंची थी। उससे मूल प्रमाणपत्र लाने की बात कही गई। जिसे लेने गई पर वापस नहीं आई। ऐसे में उसे अनुपस्थित माना गया।