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हिंद, मेयो और आस्था अस्पताल पर कसता जा रहा प्रशासन का शिकंजा
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बाराबंकी। निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों से अवैध वसूली पकड़े जाने और प्रपत्रों को जब्त किए जाने के बाद अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है। तीनों अस्पतालों पर प्रशासन का शिकंजा और कसता जा रहा है। जिलाधिकारी इस मामले को लेकर काफी गंभीर हैं और उन्होंने अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी कर अपनी मंशा साफ कर दी है कि वह ऐसे अस्पताल संचालकों को किसी भी कीमत पर बख्शने के पक्ष में नहीं है।
कोरोना महामारी से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए हर कोई आगे आ रहा है। लेकिन जिले के निजी अस्पताल संचालक आपदा को अवसर मान कोरोना मरीजों को लूटने में लगे हुए हैं और निर्धारित दरों से अधिक पैसा वसूल रहे हैं। आए दिन मिल रही शिकायतों पर जिलाधिकारी ने देवा रोड स्थित आस्था अस्पताल पर छापा मारा। यहां पर ऑक्सीजन की खपत में गड़बड़ी पकड़ी थी। एसडीएम सदर की टीम इस मामले की जांच कर रही हैं। वहीं जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम सदर और एसडीएम फतेहपुर ने हिंद और मेयो अस्पतालों में पहुंच जांच की तो मरीजों से हो रही अवैध वसूली जांच में पकड़ में आई।
दोनों अधिकारियों ने अस्पतालों के प्रपत्र अपने कब्जे में लेकर जांच कर रहे हैं। तीमारदारों का आरोप है कि अस्पताल संचालक दवाई, ऑक्सीजन और बेड चार्ज के नाम पर हजारों रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल संचालकों की मानवता पूरी तरह से मर चुकी है और शव देने के लिए भी पैसा लिया जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह इस मामले को लेकर काफी गंभीर हैं और अस्पतालों संचालकों को नोटिस जारी कर उन्होंने साफ कर दिया है कि कोरोना महामारी में मरीजों की मदद करने के बजाए लूटखसोट करने वालों से वह सख्ती से निपटना भी बहुत अच्छी तरह से जानते हैं।
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कोरोना महामारी से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए हर कोई आगे आ रहा है। लेकिन जिले के निजी अस्पताल संचालक आपदा को अवसर मान कोरोना मरीजों को लूटने में लगे हुए हैं और निर्धारित दरों से अधिक पैसा वसूल रहे हैं। आए दिन मिल रही शिकायतों पर जिलाधिकारी ने देवा रोड स्थित आस्था अस्पताल पर छापा मारा। यहां पर ऑक्सीजन की खपत में गड़बड़ी पकड़ी थी। एसडीएम सदर की टीम इस मामले की जांच कर रही हैं। वहीं जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम सदर और एसडीएम फतेहपुर ने हिंद और मेयो अस्पतालों में पहुंच जांच की तो मरीजों से हो रही अवैध वसूली जांच में पकड़ में आई।
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दोनों अधिकारियों ने अस्पतालों के प्रपत्र अपने कब्जे में लेकर जांच कर रहे हैं। तीमारदारों का आरोप है कि अस्पताल संचालक दवाई, ऑक्सीजन और बेड चार्ज के नाम पर हजारों रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल संचालकों की मानवता पूरी तरह से मर चुकी है और शव देने के लिए भी पैसा लिया जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह इस मामले को लेकर काफी गंभीर हैं और अस्पतालों संचालकों को नोटिस जारी कर उन्होंने साफ कर दिया है कि कोरोना महामारी में मरीजों की मदद करने के बजाए लूटखसोट करने वालों से वह सख्ती से निपटना भी बहुत अच्छी तरह से जानते हैं।
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