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Barabanki News: नफरतों ने तो यहां सरहदें उठाई हैं...
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सूरतगंज (बाराबंकी)। क्षेत्र के कुड़वा बल्लोपुर स्थित पंचमुखी बालाजी धाम मंदिर परिसर में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। शुक्रवार रात कार्यक्रम का शुभारंभ महामंडलेश्वर राघव दास ने किया।
इस दौरान कवियों ने ओज व हास्य कविताओं के साथ गीत और गजलें भी सुनाईं। लखनऊ से आईं शशी श्रेया ने वीणा वंदना से काव्य पाठ शुरू किया। इसके बाद उन्होंने नफरतों ने तो यहां सरहदें उठाई हैं, प्रेम ही आदमी को आदमी बनाता है सुनाया। विकास बौखल ने हास्य कविता सुनाकर श्रोताओं को लोटपोट कर दिया।
लखीमपुर खीरी से आए कवि फारुक सरल ने बूंद-बूंद से गहरा सागर बनता है, ऊंचा पर्वत कम-कम मिलकर बनता है सुनाया। कानपुर की अंकिता शुक्ला ने मार्मिक कविता पढ़कर लोगों को झकझोर दिया।
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इस दौरान कवियों ने ओज व हास्य कविताओं के साथ गीत और गजलें भी सुनाईं। लखनऊ से आईं शशी श्रेया ने वीणा वंदना से काव्य पाठ शुरू किया। इसके बाद उन्होंने नफरतों ने तो यहां सरहदें उठाई हैं, प्रेम ही आदमी को आदमी बनाता है सुनाया। विकास बौखल ने हास्य कविता सुनाकर श्रोताओं को लोटपोट कर दिया।
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लखीमपुर खीरी से आए कवि फारुक सरल ने बूंद-बूंद से गहरा सागर बनता है, ऊंचा पर्वत कम-कम मिलकर बनता है सुनाया। कानपुर की अंकिता शुक्ला ने मार्मिक कविता पढ़कर लोगों को झकझोर दिया।
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