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Barabanki News: गांधी के स्वच्छता संदेश से बदली शहर की तस्वीर
Fri, 02 Oct 2026 01:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 02 Oct 2026 01:35 AM IST
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गांधी नगर की मलिन बस्ती में साफ- सफाई में जुटे सफाई कर्मी।
बाराबंकी। गांधीजी ने स्वच्छता को स्वस्थ और सभ्य समाज की बुनियाद माना था। उनकी जयंती पर शहर की स्वच्छता और जमीनी हकीकत को परखना जरूरी है। नियमित कूड़ा उठान, नालों की सफाई व सार्वजनिक शौचालय नागरिक सुविधाओं की अहम कसौटी हैं। नगर पालिका परिषद बजट खर्च और सफाई अभियान के दावे करती है। संवाद न्यूज एजेंसी ने सफाईकर्मियों की उपलब्धता, नागरिक शिकायतों व निस्तारण के आंकड़ों के साथ अलग-अलग वार्डों की पड़ताल कर स्वच्छता संदेश के असर को जाना। उनकी जयंती पर नगर पालिका परिषद नवाबगंज की सफाई व्यवस्था की पड़ताल में पिछले तीन वर्षों की तुलना में सुधार सामने आया है। सबसे बड़ा बदलाव जलभराव के मोर्चे पर है। नालों की बेहतर सफाई से बारिश में जलभराव पर होने वाला सालाना खर्च 44 लाख रुपये से घटकर करीब एक लाख रह गया है।
शहर में छोटे-बड़े 65 नाले हैं, जिनमें अधिकांश को ढक दिया गया है। सफाई व्यवस्था के लिए 450 सफाईकर्मी तैनात हैं। सभी 12 सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और संचालन के लिए एक-एक कर्मचारी लगाया गया है। 29 वार्डों से रोज करीब 80 टन कचरा निकलता है। इसके उठान के लिए 100 ई-रिक्शा और 25 मैजिक वाहन लगाए गए हैं। प्रत्येक ई-रिक्शा पर दो कर्मचारी तैनात हैं। तीन साल से बंद डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था इस वर्ष बहाल होने से सुधार हुआ है।
बड़ेल के रवि प्रकाश और मनोज ने सफाई व कूड़ा उठान बेहतर होने की बात कही। श्रीराम कॉलोनी की नीतू, आकांक्षा, संध्या और सरिता के मुताबिक अब डस्टबिन समय पर खाली हो जाते हैं। शिकायत मिलने पर वाहन चालक मौके पर पहुंचकर कूड़ा उठाता है और जीपीएस फोटो अपलोड करता है।
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ककरहिया प्लांट में 65 हजार टन कचरे का निस्तारण
तीन साल से बंद ककरहिया कूड़ा निस्तारण प्लांट इस वर्ष शुरू किया गया। यहां डंप 65 हजार टन कचरे का निस्तारण हुआ। रिसाइकिलिंग से पॉलीथिन अलग की गई और इसके बदले सात हजार इंटरलॉकिंग ईंटें मिलीं। जैविक खाद का टीला तैयार हुआ है, जबकि गिट्टी का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया जा रहा है।
जमुरिया नाले का होगा कायाकल्प
एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज (एचडीबीएफएस) और सीईई की पहल पर जल निकायों के पुनरुद्धार अभियान के तहत अहमदाबाद, पुणे, चेन्नई और लखनऊ में गोमती नदी की सफाई करने वाली बहुराष्ट्रीय संस्था जमुरिया नाले का कायाकल्प करेगी। कंपनी सर्वे पूरा कर चुकी है।
सफाई पर बढ़ा बजट, खरीदे नए उपकरण
वर्ष 2022 में सफाई पर 14.35 करोड़ और उपकरणों पर 1.10 करोड़, 2023 में 14.94 करोड़ और 1.75 करोड़, 2024 में 14.16 करोड़ और 15 लाख तथा 2025 में 18.25 करोड़ और 23 लाख रुपये खर्च हुए। वर्ष 2026 में सफाई पर 19.13 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। उपकरणों पर 2.82 करोड़ रुपये से दो जेसीबी, दो रोबोट जेसीबी, मिनी पोकलैंड, 85 ई-रिक्शा और 25 मैजिक वाहन खरीदे गए हैं।
डोर-टू-डोर कलेक्शन से शिकायतें घटीं
जीपीएस निगरानी के बाद कूड़ा उठान संबंधी शिकायतें घटकर महीने में 20 से 25 रह गई हैं।
वर्जन
शहर में सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए संसाधन और वाहन बढ़ाए गए हैं। जलभराव रोकने में सफलता मिली है। ककरहिया प्लांट चालू कराकर डंप कचरे का निस्तारण कराया गया है। अधिकांश नाले ढक दिए गए हैं और जमुरिया नाले का पुनरुद्धार जल्द शुरू होगा।
-संजय शुक्ला,
ईओ
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शहर में छोटे-बड़े 65 नाले हैं, जिनमें अधिकांश को ढक दिया गया है। सफाई व्यवस्था के लिए 450 सफाईकर्मी तैनात हैं। सभी 12 सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और संचालन के लिए एक-एक कर्मचारी लगाया गया है। 29 वार्डों से रोज करीब 80 टन कचरा निकलता है। इसके उठान के लिए 100 ई-रिक्शा और 25 मैजिक वाहन लगाए गए हैं। प्रत्येक ई-रिक्शा पर दो कर्मचारी तैनात हैं। तीन साल से बंद डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था इस वर्ष बहाल होने से सुधार हुआ है।
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बड़ेल के रवि प्रकाश और मनोज ने सफाई व कूड़ा उठान बेहतर होने की बात कही। श्रीराम कॉलोनी की नीतू, आकांक्षा, संध्या और सरिता के मुताबिक अब डस्टबिन समय पर खाली हो जाते हैं। शिकायत मिलने पर वाहन चालक मौके पर पहुंचकर कूड़ा उठाता है और जीपीएस फोटो अपलोड करता है।
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ककरहिया प्लांट में 65 हजार टन कचरे का निस्तारण
तीन साल से बंद ककरहिया कूड़ा निस्तारण प्लांट इस वर्ष शुरू किया गया। यहां डंप 65 हजार टन कचरे का निस्तारण हुआ। रिसाइकिलिंग से पॉलीथिन अलग की गई और इसके बदले सात हजार इंटरलॉकिंग ईंटें मिलीं। जैविक खाद का टीला तैयार हुआ है, जबकि गिट्टी का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया जा रहा है।
जमुरिया नाले का होगा कायाकल्प
एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज (एचडीबीएफएस) और सीईई की पहल पर जल निकायों के पुनरुद्धार अभियान के तहत अहमदाबाद, पुणे, चेन्नई और लखनऊ में गोमती नदी की सफाई करने वाली बहुराष्ट्रीय संस्था जमुरिया नाले का कायाकल्प करेगी। कंपनी सर्वे पूरा कर चुकी है।
सफाई पर बढ़ा बजट, खरीदे नए उपकरण
वर्ष 2022 में सफाई पर 14.35 करोड़ और उपकरणों पर 1.10 करोड़, 2023 में 14.94 करोड़ और 1.75 करोड़, 2024 में 14.16 करोड़ और 15 लाख तथा 2025 में 18.25 करोड़ और 23 लाख रुपये खर्च हुए। वर्ष 2026 में सफाई पर 19.13 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। उपकरणों पर 2.82 करोड़ रुपये से दो जेसीबी, दो रोबोट जेसीबी, मिनी पोकलैंड, 85 ई-रिक्शा और 25 मैजिक वाहन खरीदे गए हैं।
डोर-टू-डोर कलेक्शन से शिकायतें घटीं
जीपीएस निगरानी के बाद कूड़ा उठान संबंधी शिकायतें घटकर महीने में 20 से 25 रह गई हैं।
वर्जन
शहर में सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए संसाधन और वाहन बढ़ाए गए हैं। जलभराव रोकने में सफलता मिली है। ककरहिया प्लांट चालू कराकर डंप कचरे का निस्तारण कराया गया है। अधिकांश नाले ढक दिए गए हैं और जमुरिया नाले का पुनरुद्धार जल्द शुरू होगा।
-संजय शुक्ला,
ईओ

गांधी नगर की मलिन बस्ती में साफ- सफाई में जुटे सफाई कर्मी।

गांधी नगर की मलिन बस्ती में साफ- सफाई में जुटे सफाई कर्मी।

गांधी नगर की मलिन बस्ती में साफ- सफाई में जुटे सफाई कर्मी।