{"_id":"649c84a8d0f653f6870a06e4","slug":"game-in-making-driving-license-driver-failed-on-the-road-barabanki-news-c-13-1-311282-2023-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में खेल, चालक सड़क पर फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में खेल, चालक सड़क पर फेल
Thu, 29 Jun 2023 12:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 29 Jun 2023 12:36 AM IST
विज्ञापन
पुलिस की रिपोर्ट पर 46 डीएल निरस्त, 77 और पर भी तय होगी कार्रवाई
ऑनलाइन सिस्टम पर भी भारी पड़ रहा जुगाड़, दलाल अभी भी सक्रिय
संवाद न्यूज एजेंसी
बाराबंकी। एआरटीओ कार्यालय में सब कुछ ऑनलाइन है। इसके बावजूद ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में जुगाड़ का खेल चल रहा है। इसका खामियाजा सड़कों पर वाहन चलाने वालों को दुर्घटना का शिकार बन कर भुगतना पड़ रहा है। दूसरों के लिए खतरा बने ऐसे 123 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति रिपोर्ट पुलिस ने एआरटीओ को भेजी है। इसके आधार पर 46 डीएल निरस्त करने के बाद 77 अन्य चालकों डीएल निरस्त किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।
जिले के एआरटीओ कार्यालय से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए रोजाना करीब सौ के आसपास ऑनलाइन आवेदन आते हैं। नए आवेदक का ऑन लाइन प्रक्रिया के तहत पहले लर्निंग लाइसेंस बनता है। तय समयावधि के बाद अस्थायी लाइसेंस को स्थायी कराने के लिए पुन: ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। आवेदन के बाद एक तारीख मिलने पर अपलोड किए गए प्रपत्रों की मूल प्रतियों के साथ आवेदक की शारीरिक क्षमता परखने को बुलाया जाता है। इस दौरान आवेदक का वाहन चलाने का टेस्ट भी होता है ताकि पता चल सके कि वह वाहन चला पाता है अथवा नहीं। इस फुलप्रूफ व्यवस्था में भी एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों व दलालों की मिलीभगत से सेंध लग जाती है।
इसके चलते ही दलालों के सहारे आवेदक बिना टेस्ट दिए ही डीएल की संस्तुति प्राप्त कर लेता है। वाहनों की पुलिस जांच के दौरान बिना वाहन चलाना सीखे ऐसे ही डीएल पाने वाले कई चालक पकड़ में आए हैं। जनवरी माह से अब तक 46 डीएल निरस्त हो चुके हैं। जबकि जांच में अनियमितता मिलने पर भी बाहरी जिलों के 77 वाहन चालकों के डीएल निरस्त किए जाने की संस्तुति भी की जा चुकी है। एआरटीओ अंकिता शुक्ला का कहना है कि डीएल बनाने में कोई लापरवाही नहीं होती। पुलिस की रिपोर्ट पर इन्हें निरस्त किया जाता है। अगर किसी दिव्यांग का डीएल बना है तो इसकी जांच कर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
एक आंख वाले चालक का बना दिया डीएल
कुछ दिन पहले रामनगर तिराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक आंख वाले चालक को गाड़ी चलाते हुए पकड़ा था। शाकिर नामक यह चालक सवारियां ढो रहा था। उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी था। पुलिस की जांच में उसने बताया कि जन्म से ही उसकी एक आंख गड़बड़ है। पुलिस ने ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट परिवहन विभाग को भेजी थी। इस पूरे मामले में एआरटीओ स्तर से जांच के दावे सिर्फ कागजी साबित हुए।आरोप है कि हाईवे के किनारे दारापुर गांव के पास स्थित वाहन चालकों के परीक्षण स्थल पर सिर्फ बिना सिफारिश या जुगाड़ के आवेदन करने वालों का ही टेस्ट लिया जाता है।
विज्ञापन
ऑनलाइन सिस्टम पर भी भारी पड़ रहा जुगाड़, दलाल अभी भी सक्रिय
संवाद न्यूज एजेंसी
बाराबंकी। एआरटीओ कार्यालय में सब कुछ ऑनलाइन है। इसके बावजूद ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में जुगाड़ का खेल चल रहा है। इसका खामियाजा सड़कों पर वाहन चलाने वालों को दुर्घटना का शिकार बन कर भुगतना पड़ रहा है। दूसरों के लिए खतरा बने ऐसे 123 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति रिपोर्ट पुलिस ने एआरटीओ को भेजी है। इसके आधार पर 46 डीएल निरस्त करने के बाद 77 अन्य चालकों डीएल निरस्त किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।
जिले के एआरटीओ कार्यालय से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए रोजाना करीब सौ के आसपास ऑनलाइन आवेदन आते हैं। नए आवेदक का ऑन लाइन प्रक्रिया के तहत पहले लर्निंग लाइसेंस बनता है। तय समयावधि के बाद अस्थायी लाइसेंस को स्थायी कराने के लिए पुन: ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। आवेदन के बाद एक तारीख मिलने पर अपलोड किए गए प्रपत्रों की मूल प्रतियों के साथ आवेदक की शारीरिक क्षमता परखने को बुलाया जाता है। इस दौरान आवेदक का वाहन चलाने का टेस्ट भी होता है ताकि पता चल सके कि वह वाहन चला पाता है अथवा नहीं। इस फुलप्रूफ व्यवस्था में भी एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों व दलालों की मिलीभगत से सेंध लग जाती है।
विज्ञापन
इसके चलते ही दलालों के सहारे आवेदक बिना टेस्ट दिए ही डीएल की संस्तुति प्राप्त कर लेता है। वाहनों की पुलिस जांच के दौरान बिना वाहन चलाना सीखे ऐसे ही डीएल पाने वाले कई चालक पकड़ में आए हैं। जनवरी माह से अब तक 46 डीएल निरस्त हो चुके हैं। जबकि जांच में अनियमितता मिलने पर भी बाहरी जिलों के 77 वाहन चालकों के डीएल निरस्त किए जाने की संस्तुति भी की जा चुकी है। एआरटीओ अंकिता शुक्ला का कहना है कि डीएल बनाने में कोई लापरवाही नहीं होती। पुलिस की रिपोर्ट पर इन्हें निरस्त किया जाता है। अगर किसी दिव्यांग का डीएल बना है तो इसकी जांच कर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
एक आंख वाले चालक का बना दिया डीएल
कुछ दिन पहले रामनगर तिराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक आंख वाले चालक को गाड़ी चलाते हुए पकड़ा था। शाकिर नामक यह चालक सवारियां ढो रहा था। उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी था। पुलिस की जांच में उसने बताया कि जन्म से ही उसकी एक आंख गड़बड़ है। पुलिस ने ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट परिवहन विभाग को भेजी थी। इस पूरे मामले में एआरटीओ स्तर से जांच के दावे सिर्फ कागजी साबित हुए।आरोप है कि हाईवे के किनारे दारापुर गांव के पास स्थित वाहन चालकों के परीक्षण स्थल पर सिर्फ बिना सिफारिश या जुगाड़ के आवेदन करने वालों का ही टेस्ट लिया जाता है।