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ठगी करने वाले गिरोह के चार शातिर गिरफ्तार
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बाराबंकी। लोगों को जाल में फंसाकर उनसे ठगी करने वाले गिरोह के चार शातिरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 41 हजार रुपये की नकदी, एक कार व पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पकड़े आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने उनको कोर्ट में पेश किया जहां से वह जेल भेजे दिए गए।
एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि अमृतराज राय चौधरी निवासी पंकज बिल्डिंग-19 बकोला ब्रिज, नेहरू रोड, शांताक्रूज ईस्ट थाना बकोला मुम्बई (महाराष्ट्र) द्वारा शहर कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर बताया गया कि उनके पिता के मोबाइल नंबर पर रिजवान नाम के व्यक्ति द्वारा विशेष प्रकार के मोर पंख का मालिक होने की बात की गई।
इसके बाद उसके बिक्री के लिए 75 लाख रुपये की मांग की गई। 25 लाख पर बात पक्की हुई। इसके बाद अमृतराज अपने पिता के साथ फ्लाइट से बाराबंकी आ गया और मयूर होटल में रुका। बुधवार को रिजवान अपने 4-5 अन्य साथियों के साथ कार से मयूर होटल आया और मोर पंख से शीशा तोड़कर दिखाया। मोर पंख टेस्ट कराने के बाद कूटरचित एग्रीमेंट तैयार किया और समझौते में मोर पंख की सारी विशेषतायें लिखीं, जिस पर सभी ने हस्ताक्षर किये और एडवांस में एक लाख बीस हजार रुपये लिया।
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इसके बाद अमृतराज को कॉपी में सेलो टेप लगाकर दिया और कहा कि इसी में मोर पंख हैं, इसको यहां मत खोलना। बाद में कॉपी खोलकर मोर पंख देखा तो उसमें मोर पंख नहीं था। इस पर पुलिस से शिकायत की तो केस दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच करते हुए आरोपी खालिद, अफसर अली, गुलोर रजा व भाफीउल्ला निवासी रायपुर सोठियाना थाना निघासन जिला लखीमपुर खीरी को गिरफ्तार कर उनके पास से नकदी व अन्य सामान बरामद कर कार्रवाई की गई।
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एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि अमृतराज राय चौधरी निवासी पंकज बिल्डिंग-19 बकोला ब्रिज, नेहरू रोड, शांताक्रूज ईस्ट थाना बकोला मुम्बई (महाराष्ट्र) द्वारा शहर कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर बताया गया कि उनके पिता के मोबाइल नंबर पर रिजवान नाम के व्यक्ति द्वारा विशेष प्रकार के मोर पंख का मालिक होने की बात की गई।
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इसके बाद उसके बिक्री के लिए 75 लाख रुपये की मांग की गई। 25 लाख पर बात पक्की हुई। इसके बाद अमृतराज अपने पिता के साथ फ्लाइट से बाराबंकी आ गया और मयूर होटल में रुका। बुधवार को रिजवान अपने 4-5 अन्य साथियों के साथ कार से मयूर होटल आया और मोर पंख से शीशा तोड़कर दिखाया। मोर पंख टेस्ट कराने के बाद कूटरचित एग्रीमेंट तैयार किया और समझौते में मोर पंख की सारी विशेषतायें लिखीं, जिस पर सभी ने हस्ताक्षर किये और एडवांस में एक लाख बीस हजार रुपये लिया।
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इसके बाद अमृतराज को कॉपी में सेलो टेप लगाकर दिया और कहा कि इसी में मोर पंख हैं, इसको यहां मत खोलना। बाद में कॉपी खोलकर मोर पंख देखा तो उसमें मोर पंख नहीं था। इस पर पुलिस से शिकायत की तो केस दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच करते हुए आरोपी खालिद, अफसर अली, गुलोर रजा व भाफीउल्ला निवासी रायपुर सोठियाना थाना निघासन जिला लखीमपुर खीरी को गिरफ्तार कर उनके पास से नकदी व अन्य सामान बरामद कर कार्रवाई की गई।