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Barabanki News: बाढ़ पीड़ितों को नाश्ते में दलिया, पोहा और उबला चना

Fri, 26 Jun 2026 01:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Fri, 26 Jun 2026 01:50 AM IST
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Flood victims served porridge, poha, and boiled chickpeas for breakfast.
बाराबंकी। आपदा के समय घर-बार छूटने की पीड़ा झेलने वाले बाढ़ पीड़ितों को इस बार राहत शिविरों में घर जैसा पोषण मिलेगा। जिला प्रशासन ने संवेदनशील निर्णय लेते हुए रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट की तराई के 35 से 40 गांवों के लिए विशेष डाइट चार्ट तैयार किया है।
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इसमें न केवल सुबह-शाम गरमा-गरम भोजन और नाश्ता शामिल है, बल्कि बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों की सेहत के लिए दूध की भी विशेष व्यवस्था की गई है। सुबह के नाश्ते में दलिया के साथ ही पोहा और उबला चना दिया जाएगा। इसके टेंडर की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है।
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डीएम ईशान प्रताप सिंह बाढ़ को लेकर बेहद गंभीर हैं और वह तैयारियां की मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। साथ ही अपर जिलाधिकारी को भी एक-एक बिंदु पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।जिले की तीन तहसीलें रामनगर, रामसनेहीघाट और सिरौलीगौसपुर के 35 से 40 गांवों की आबादी प्रतिवर्ष सरयू नदी में आने वाली बाढ़ की चपेट में आती है।
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इनमें नैपुरा, कमियार, परसावल, बांसगांव, कोठीडीहा, मंझारायपुर, सुरसंडा, खुज्जी, मंझार, हेतमापुर, बिझला, परसंडा, अकौना, कोयलीपुरवा, कहारनपुरवा, जमका प्रमुख गांव हैं, जहां पर बाढ़ सबसे पहले आती है। यहां के लोग तटबंधों पर या सुरक्षित स्थानों पर जाकर शरण लेते हैं। बाढ़ पीड़ितों को नाश्ते में सुबह दलिया, पोहा और उबला चना दिया जाएगा।
वहीं बच्चों संग 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को दूध भी दिया जाएगा। दोपहर के भोजन में मौसमी सब्जी, दाल, चावल, रोटी या पूड़ी दी जाएगी। इसी प्रकार रात के भोजन में मौसमी सब्जी, रोटी या पूड़ी और मिठाई दी जाएगी।

बाढ़ पीड़ितों की सुरक्षा में 22 मेडिकल टीमें
इस बार प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए कई बदलाव किए हैं। जैसे 22 बाढ़ राहत शिविर बनाए गए हैं। 10 बाढ़ चौकियां खोली गई हैं। करीब 255 नाव लगाते हुए 434 नाविकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 75 गोताखोरों की तैनाती करते हुए 22 मेडिकल टीमें भी लगाई गई हैं। पशुओं को भी चारा-पानी आसानी से मिले, इसके लिए 10 पशु शिविर बनाए गए हैं।



बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई है। पीड़ितों को सुबह नाश्ते से लेकर रात के भोजन में क्या दिया जाना है, यह भी तय हो गया है और इसका टेंडर भी हो चुका है। साफ-सफाई के लिए शौचालयों की अलग से व्यवस्था की जाएगी। मच्छरों से बचाव के भी इंतजाम किए गए हैं।
- निरंकार सिंह, अपर जिलाधिकारी
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