{"_id":"578e670d4f1c1b1d7fc4b801","slug":"flood-in-50-villages","type":"story","status":"publish","title_hn":"50 गांवों में घुसा घाघरा का पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
50 गांवों में घुसा घाघरा का पानी
बाराबंकी
Updated Tue, 19 Jul 2016 11:14 PM IST
विज्ञापन
बाराबंकी में मंगलवार को सूरतगंज क्षेत्र में घाघरा की बाढ़ के पानी में डूबे आशियाने।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घाघरा नदी का कहर जारी है। नदी का बढ़ता जलस्तर तराई में हड़कंप मचाए हुए है। नदी में सूरतगंज क्षेत्र के दस मकान समा गए हैं जिससे इन घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दस गांव पूरी तरह से खाली हो गए हैं और नदी का पानी प्रभावित क्षेत्र के करीब 50 गांवों में भर गया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 64 सेमी ऊपर बह रहा है जबकि एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से अभी भी बढ़ रहा है।
उधर जिलाधिकारी अजय यादव ने मंगलवार को पुलिस कप्तान अब्दुल हमीद के साथ क्षेत्र सूरतगंज बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंच पीड़ितों का हाल जाना और हरसंभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
घाघरा नदी का पानी पिछले तीन दिनों से तराई में दहशत फैलाए हुए हैं। मंगलवार को नदी का पानी खतरे के निशान 106.076 से बढ़कर 106.716 पर पहुंच गया है। नदी के पानी की चपेट में आकर सूरतगंज क्षेत्र के खुज्जी गांव निवासी धर्मा देवी, मुन्नालाल, रामनाथ, विजई का मकान बह गया है।
इसी प्रकार बिझौली निवासी सुखदेव, चंदर, पंचम, श्रीनाथ तथा राजिंदर आदि के मकान नदी के पानी में समा गए हैं। यहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा परसावल, नैपुरा, रायपुर मांझा, कमियार, हेतमापुर, कचनापुर समेत करीब दस गांवों को खाली करा दिया गया है।
यहां के लोगों को परिवारीजनों के साथ बंधे पर बसाया गया है। उधर तहसील दिवस समाप्त होने के बाद जिलाधिकारी अजय यादव, पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद के साथ हेतमापुर बंधे पर पहुंचे और बंधे पर ठहरे हुए लोगों से वार्ता की तथा उन्हें हर संभव मदद दिलाए जाने का भरोसा दिलाया।
विज्ञापन
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दस गांव पूरी तरह से खाली हो गए हैं और नदी का पानी प्रभावित क्षेत्र के करीब 50 गांवों में भर गया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 64 सेमी ऊपर बह रहा है जबकि एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से अभी भी बढ़ रहा है।
विज्ञापन
उधर जिलाधिकारी अजय यादव ने मंगलवार को पुलिस कप्तान अब्दुल हमीद के साथ क्षेत्र सूरतगंज बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंच पीड़ितों का हाल जाना और हरसंभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
घाघरा नदी का पानी पिछले तीन दिनों से तराई में दहशत फैलाए हुए हैं। मंगलवार को नदी का पानी खतरे के निशान 106.076 से बढ़कर 106.716 पर पहुंच गया है। नदी के पानी की चपेट में आकर सूरतगंज क्षेत्र के खुज्जी गांव निवासी धर्मा देवी, मुन्नालाल, रामनाथ, विजई का मकान बह गया है।
इसी प्रकार बिझौली निवासी सुखदेव, चंदर, पंचम, श्रीनाथ तथा राजिंदर आदि के मकान नदी के पानी में समा गए हैं। यहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा परसावल, नैपुरा, रायपुर मांझा, कमियार, हेतमापुर, कचनापुर समेत करीब दस गांवों को खाली करा दिया गया है।
यहां के लोगों को परिवारीजनों के साथ बंधे पर बसाया गया है। उधर तहसील दिवस समाप्त होने के बाद जिलाधिकारी अजय यादव, पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद के साथ हेतमापुर बंधे पर पहुंचे और बंधे पर ठहरे हुए लोगों से वार्ता की तथा उन्हें हर संभव मदद दिलाए जाने का भरोसा दिलाया।