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बांध की मरम्मत पर सवा 21 करोड़ खर्च, हालात जस के तस

Sat, 02 Jul 2022 11:18 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jul 2022 11:18 PM IST
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flood
बाराबंकी। अलीनगर रानीमऊ तटबंध की मरम्मत के नाम पर पिछले पांच वर्षों में करीब सवा 21 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर दी गई, लेकिन बांध के हालात जस के तस बने हुए हैं। जबकि बाढ़ के दौरान इसी बंधे पर बाढ़ पीड़ितों की जिंदगी गुजरती है। इसके बाद भी इसकी मरम्मत के नाम पर महज औपचारिकता निभाई जाती है। यही कारण है कि बांध में जगह-जगह होल हो जाने से इसके कटने का खतरा बना हुआ है।
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बाढ़ खंड विभाग का कहना कि पिछले पांच वर्षों में अलीनगर रानीमऊ तटबंध की मरम्मत के लिए करीब सवा 21 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। बताया कि पिछले चार वर्षों में करीब सवा 12 करोड़ तथा इस वर्ष मरम्मत के लिए सात करोड़ रुपये की राशि मिली है इससे बांध की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है।
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दावा किया कि बाढ़ आने से पहले ही मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। जबकि हकीकत इससे इतर है। तराई के लोगों का आरोप है कि बांध की मरम्मत पर प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन मरम्मत के नाम पर सिर्फ और सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है। देखा जाए तो बांध पर जगह-जगह बड़े-बड़े होल बने हुए हैं। इससे बांध के कटने का खतरा बना हुआ है।
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तराई के लोग इसका कई बार विरोध भी कर चुके हैं। लेकिन मरम्मत के कार्य में लगी कार्यदाई संस्था को यह सब दिखाई नहीं देता है। इसके बाद भी बांध की मरम्मत के नाम पर जमकर लापरवाही बरती जा रही है। आरोप यह भी है कि बाढ़ खंड के अधिकारी भी इस लेकर बेपरवाह हैं। इसकी वजह से मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूरी की जा रही है।
तराई के सैकड़ों गांव आते बाढ़ की चपेट में
सरयू नदी में आने वाली बाढ़ के दौरान तराई के सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं और गांवों में पूरी तरह से पानी भर जाता है। बाढ़ पीड़ितों के पास उस समय जीवन गुजारने का महज एक ही सहारा बांध होता है। इसी बांध पर सैकड़ों परिवारों की जिंदगी महीनों तक गुजरती है। जबकि इसकी मरम्मत में ही खेल किया जा रहा है।

अलीनगर रानीमऊ तटबंध की मरम्मत पर पिछले पांच वर्षों में करीब सवा 21 करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई है। बांध की मरम्मत में किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं की जाती है। यदि ऐसा हो रहा है तो इसकी जांच कराकर ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-शशिकांत सिंह, अधिशासी अभियंता बाढ़
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