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जलस्तर कम होने के साथ दो गांवों के पास तेज हुई कटान
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कोटवाधाम (बाराबंकी)। सरयू का जलस्तर तेजी से घट रहा है नदी का पानी खतरे के निशान से तीन सेमी. नीचे पहुंच गया है। लेकिन दो गांवों के पास कटान तेज होने से तराई के लोग खासे परेशान हो उठे हैं। लोगों का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बाद भी बाढ़ खंड के अधिकारी कटान को लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। वहीं प्रशासन के आदेश पर बाढ़ से फसलों के हुए नुकसान का सर्वे शुरू करा दिया गया है। इसके साथ ही गांव वापसी कर रहे लोगों को राहत पहुंचाते हुए तहसील प्रशासन ने गांवों में लंच पैकेट का वितरण शुरू कर दिया है।
सरयू की बाढ़ से तराई के दो सौ से ज्यादा से गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गए थे। लेकिन अब नदी का पानी तेजी से कम हो रहा है जलस्तर खतरे के निशान से तीन सेमी. नीचे पहुंच गया है। गांवों से पानी कम होने पर तटबंधों पर रह रहे लोग परिवारीजनों के साथ गांव वापसी करने लगे हैं।
वहीं गांव जा रहे लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसे देखते हुए तहसील प्रशासन गांवों में ही लंच पैकेट का वितरण करा रहा है। तराई के लोगों का कहना है कि बाढ़ से इस बार धान, गन्ना, परवल आदि की फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। जिससे हम लोग भविष्य को लेकर खासा परेशान हैं।
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वहीं प्रशासन के आदेश पर बीडीओ ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, एडीओ अभय शुक्ला ने सोमवार को नाव से टेपरा, सनावा, बघौलीपुरवा आदि गांव में बाढ़ से प्रभावित फसलों के नुकसान का नाव से भ्रमण कर सर्वे शुरू कर दिया है। बाढ़ से खराब हुई फसलों की सर्वे रिपोर्ट जल्द ही प्रशासन को भेज दी जाएगी।
इधर, सरयू का जलस्तर कम होने के बाद सनावा व गोबरहा गांव के पास कटान तेज हो गई है। यहां के लोगों की खेती योग्य जमीन नदी में समाने लगी है। जिसको रोकने का कार्य नहीं किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि सूचना दिए जाने के बाद भी बाढ़ खंड के अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
वहीं पूर्व विधायक अमरेश शुक्ला ने बाढ़ प्रभावित गांव पहुंच लोगों की समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री का वितरण किया। एसडीएम सिरौलीगौसपुर सुरेंद्र पाल विश्वकर्मा ने बताया कि सरयू का पानी तेजी से कम हो रहा है। इसके साथ ही गांवों से भी पानी निकल रहा है। तटबंध पर रह रहे लोग भी अब घरों को वापस जाने लगे हैं। इन लोगों को असुविधा न हो इसे देखते हुए गांवों में लंच पैकेट का वितरण कराया जा रहा है। इसके साथ ही बाढ़ से फसल नुकसान का सर्वे भी शुरू करा दिया गया है।
जरूरतमंदों को बांटी बाढ़ राहत सामग्री
बाराबंकी। सूरतगंज क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पांडेयपुर के परिसर में बाढ़ पीड़ित दर्जनों गांवों के लोगों को बाढ़ राहत सामग्री वितरित की गई। मालूम हो कि सूरतगंज ब्लॉक के दर्जनों गांव सरयू की बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में रह रहे कई परिवार बंधे पर अपना जीवनयापन कर रहे हैं, तो कई परिवार गांव में जीवनयापन कर रहे हैं।
सोमवार को रामनगर विधायक शरद कुमार अवस्थी ने जरूरतमंदों को बाढ़ राहत सामग्री वितरित कर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस मौके पर आशीष सिंह पूर्व ब्लॉक प्रमुख, राममूर्ति निषाद जिला पंचायत सदस्य, प्रदीप अवस्थी प्रधान, नेम कुमार अवस्थी मौजूद रहे।
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सरयू की बाढ़ से तराई के दो सौ से ज्यादा से गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गए थे। लेकिन अब नदी का पानी तेजी से कम हो रहा है जलस्तर खतरे के निशान से तीन सेमी. नीचे पहुंच गया है। गांवों से पानी कम होने पर तटबंधों पर रह रहे लोग परिवारीजनों के साथ गांव वापसी करने लगे हैं।
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वहीं गांव जा रहे लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसे देखते हुए तहसील प्रशासन गांवों में ही लंच पैकेट का वितरण करा रहा है। तराई के लोगों का कहना है कि बाढ़ से इस बार धान, गन्ना, परवल आदि की फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। जिससे हम लोग भविष्य को लेकर खासा परेशान हैं।
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वहीं प्रशासन के आदेश पर बीडीओ ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, एडीओ अभय शुक्ला ने सोमवार को नाव से टेपरा, सनावा, बघौलीपुरवा आदि गांव में बाढ़ से प्रभावित फसलों के नुकसान का नाव से भ्रमण कर सर्वे शुरू कर दिया है। बाढ़ से खराब हुई फसलों की सर्वे रिपोर्ट जल्द ही प्रशासन को भेज दी जाएगी।
इधर, सरयू का जलस्तर कम होने के बाद सनावा व गोबरहा गांव के पास कटान तेज हो गई है। यहां के लोगों की खेती योग्य जमीन नदी में समाने लगी है। जिसको रोकने का कार्य नहीं किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि सूचना दिए जाने के बाद भी बाढ़ खंड के अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
वहीं पूर्व विधायक अमरेश शुक्ला ने बाढ़ प्रभावित गांव पहुंच लोगों की समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री का वितरण किया। एसडीएम सिरौलीगौसपुर सुरेंद्र पाल विश्वकर्मा ने बताया कि सरयू का पानी तेजी से कम हो रहा है। इसके साथ ही गांवों से भी पानी निकल रहा है। तटबंध पर रह रहे लोग भी अब घरों को वापस जाने लगे हैं। इन लोगों को असुविधा न हो इसे देखते हुए गांवों में लंच पैकेट का वितरण कराया जा रहा है। इसके साथ ही बाढ़ से फसल नुकसान का सर्वे भी शुरू करा दिया गया है।
जरूरतमंदों को बांटी बाढ़ राहत सामग्री
बाराबंकी। सूरतगंज क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पांडेयपुर के परिसर में बाढ़ पीड़ित दर्जनों गांवों के लोगों को बाढ़ राहत सामग्री वितरित की गई। मालूम हो कि सूरतगंज ब्लॉक के दर्जनों गांव सरयू की बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में रह रहे कई परिवार बंधे पर अपना जीवनयापन कर रहे हैं, तो कई परिवार गांव में जीवनयापन कर रहे हैं।
सोमवार को रामनगर विधायक शरद कुमार अवस्थी ने जरूरतमंदों को बाढ़ राहत सामग्री वितरित कर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस मौके पर आशीष सिंह पूर्व ब्लॉक प्रमुख, राममूर्ति निषाद जिला पंचायत सदस्य, प्रदीप अवस्थी प्रधान, नेम कुमार अवस्थी मौजूद रहे।