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घाघरा का जलस्तर बढ़ने से मचा हड़कंप
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बाराबंकी। घाघरा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। इसके साथ ही तराई के लोगों में हड़कंप मच गया है। नदी का पानी एक सेमी. घंटे प्रति की रफ्तार से बढ़ रहा है। इससे तराई के करीब एक दर्जन गांवों के फिर बाढ़ की चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है। इसके चलते प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
एल्गिन चरसड़ी तटबंध पर स्थापित कंट्रोल रूम के मुताबिक घाघरा का पानी खतरे के निशान 106.076 मीटर के बेहद करीब (106.026) पर पहुंच गया है। नदी का पानी एक सेमी. घंटे प्रति की रफ्तार से बढ़ रहा है। कंट्रोल रूम के मुताबिक इससे पानी जल्द ही खतरे के निशान को पार कर सकता है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही तराई में हड़कंप मच गया है। तराई वासियों को टेपरा, सरायं सुरजन, भैरवकोल, भयक पुरवा, सनावा, बीहड, तेलवारी, गोबरहा, कोठी डीहा, परसा, नवन्नपुरवा और परसावल गांवों में फिर बाढ़ आने का डर सता रहा है। लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए हैं। उधर एडीएम संदीप गुप्ता ने बताया कि घाघरा का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। इसको देखते हुए बाढ़ क्षेत्र में लगे कर्मचारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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एल्गिन चरसड़ी तटबंध पर स्थापित कंट्रोल रूम के मुताबिक घाघरा का पानी खतरे के निशान 106.076 मीटर के बेहद करीब (106.026) पर पहुंच गया है। नदी का पानी एक सेमी. घंटे प्रति की रफ्तार से बढ़ रहा है। कंट्रोल रूम के मुताबिक इससे पानी जल्द ही खतरे के निशान को पार कर सकता है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही तराई में हड़कंप मच गया है। तराई वासियों को टेपरा, सरायं सुरजन, भैरवकोल, भयक पुरवा, सनावा, बीहड, तेलवारी, गोबरहा, कोठी डीहा, परसा, नवन्नपुरवा और परसावल गांवों में फिर बाढ़ आने का डर सता रहा है। लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए हैं। उधर एडीएम संदीप गुप्ता ने बताया कि घाघरा का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। इसको देखते हुए बाढ़ क्षेत्र में लगे कर्मचारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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