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जल्द लगेंगे मत्स्य आहार बनाने वाले पांच प्लांट
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बाराबंकी। केंद्र सरकार की मत्स्य संपदा योजना के तहत जिले में जल्द ही मत्स्य आहार बनाने वाले पांच प्लांट लगाए जाएंगे। स्वीकृति मिलने के बाद एक महिला समेत पांच किसानों का चयन कर लिया गया है। तीन प्लांटों में प्रतिदिन सौ-सौ व दो में बीस-बीस टन आहार का उत्पादन किया जाएगा। इनके निर्माण पर कुल 21 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च होंगे। सामान्य वर्ग के लाभार्थी को 40 प्रतिशत तथा महिला और अनुसूचित जाति के लाभार्थी को 60 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। मछली का तैयार चारा गैर प्रांतों तक सप्लाई होगा।
मत्स्य विभाग ने 138 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजा था। इसमें दस हजार से लेकर साढ़े छह करोड़ तक के प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनमें से एक मछलियों का चारा बनाने वाले पांच बड़े प्लांट लगाने की स्वीकृति के बाद जिले में मत्स्य पालन को और तेजी से बढ़ावा मिलने जा रहा है। प्रतिदिन सौ टन आहार बनाने वाले तीन प्लांटों पर कुल साढ़े उन्नीस करोड़ तो प्रतिदिन बीस टन आहार तैयार करने वाले दो प्लांटों पर दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें एससी वर्ग व महिला लाभार्थी को 60 प्रतिशत तो सामान्य वर्ग के लाभार्थी को सरकार 40 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। इसके लिए एक महिला समेत चार मत्स्य किसानों का चयन कर लिया गया है।
प्लांट में तैयार होने वाला मछली का चारा प्रदेश समेत गैर प्रांतों में सप्लाई किया जाएगा। विभागीय जानकारों के अनुसार प्रदेश में केवल बाराबंकी में ही इतने ज्यादा आहार प्लांट लगेंगे। इससे रोजगार के भी द्वार खुुलेंगे। वहीं कुर्सी औद्योगिक क्षेत्र में पहले से साढ़े छह करोड़ की लागत से एक मत्स्य आहार प्लांट चल रहा है। यहां के मत्स्य आहार की आपूर्ति उत्तर प्रदेश ही नहीं मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में की जा रही है। प्रभारी सहायक निदेशक मत्स्य रमेश चंद्र बताते हैं कि स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
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मत्स्य विभाग ने 138 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजा था। इसमें दस हजार से लेकर साढ़े छह करोड़ तक के प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनमें से एक मछलियों का चारा बनाने वाले पांच बड़े प्लांट लगाने की स्वीकृति के बाद जिले में मत्स्य पालन को और तेजी से बढ़ावा मिलने जा रहा है। प्रतिदिन सौ टन आहार बनाने वाले तीन प्लांटों पर कुल साढ़े उन्नीस करोड़ तो प्रतिदिन बीस टन आहार तैयार करने वाले दो प्लांटों पर दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें एससी वर्ग व महिला लाभार्थी को 60 प्रतिशत तो सामान्य वर्ग के लाभार्थी को सरकार 40 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। इसके लिए एक महिला समेत चार मत्स्य किसानों का चयन कर लिया गया है।
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प्लांट में तैयार होने वाला मछली का चारा प्रदेश समेत गैर प्रांतों में सप्लाई किया जाएगा। विभागीय जानकारों के अनुसार प्रदेश में केवल बाराबंकी में ही इतने ज्यादा आहार प्लांट लगेंगे। इससे रोजगार के भी द्वार खुुलेंगे। वहीं कुर्सी औद्योगिक क्षेत्र में पहले से साढ़े छह करोड़ की लागत से एक मत्स्य आहार प्लांट चल रहा है। यहां के मत्स्य आहार की आपूर्ति उत्तर प्रदेश ही नहीं मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में की जा रही है। प्रभारी सहायक निदेशक मत्स्य रमेश चंद्र बताते हैं कि स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
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