फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Fire in the house, burn alive disabled

घर में लगी आग, जिंदा जला दिव्यांग

Wed, 17 May 2017 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Wed, 17 May 2017 11:53 PM IST
विज्ञापन
Fire in the house, burn alive disabled
सिपाही की मौत पर शोक में डूबा परिवार
सुबेहा थाना क्षेत्र के पूरे अल्पी गांव स्थित घर में लगी आग से झुलस कर दिव्यांग की मौके पर ही मौत हो गई। साहस का परिचय देते हुए घर के बाहर साथ लेटे मासूम भतीजे को छप्पर के नीचे निकाल कर पड़ोस की महिला ने उसकी जान बचा ली।
विज्ञापन


सूचना पर अग्निशमन दस्ते ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। राजस्व व पुलिस के अधिकारियों ने मृतक दिव्यांग का पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।      
विज्ञापन

       
सुबेहा थाना क्षेत्र के पूरे अल्पी मजरे मोहीउद्दीन सरांय में बुधवार की दोपहर करीब साढ़े बारह बजे राम विलास साहू के घर अचानक आग लग गई। शोर सुनकर पड़ोस के घर में खाना खा रही उर्मिला ने दौड़ कर आग की लपटों के बीच छप्पर के नीचे रोते हुए राम विलाश के तीन वर्षीय पुत्र अमरजीत को आग से दूर किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं अन्य ग्रामीणों ने छप्पर के नीचे बंधे मवेशियों की रस्सी काट कर बाहर निकाला। धुआं व आग की लपटों के बीच किसी का ध्यान छप्पर के नीचे मौजूद राम विलास के दिव्यांग भाई रामकेवल (40) पुत्र नकछेद की ओर नहीं गया और आग से जल रहे छप्पर के नीचे झुलस कर उसकी मौत हो गई।

इस दौरान गांव के बाहर खलिहान में अरहर पीट रहे मृतक के परिवारीजन व बूढ़ी मां कुटुरा के पहुंचने पर घटना की जानकारी हुई लेकिन तबतक बहुत देर हो चुकी थी। अग्निशमन दस्ते द्वारा आग को बुझाने के बाद मृतक के शव को बाहर निकाला गया। परिवारीजनों के अनुसार मृतक हाथ व पैर से पूरी तरह से लाचार था जिससे आग लगने पर बाहर नहीं निकल सका और आग में झुलसकर उसकी मौत हो गई।

आग की चपेट में पड़ोस में रहने वाले प्रेमचंद्र का घर भी आ गया। इससे हजारों रुपए का गृहस्थी का सामान, अनाज व कपड़े आदि जलकर राख हो गया। घटना की सूचना पर एसडीएम पंकज कुमार, सीओ केडी मिश्रा, तहसीलदार सुरेश राय व थाना प्रभारी निरीक्षक जेएल सोनकर मौके पर पहुंचे। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पीड़ित परिवार को सहायता दी।

मृतक दिव्यांग के परिवारीजनों को गृह अनुदान के 32 सौ तथा आग से मौत पर चार लाख रुपए सहायता का चेक दिया जा रहा है। शीघ्र ही कृषक दुर्घटना बीमा से पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। -पंकज कुमार, एसडीएम हैदरगढ़

मां बोली, बहुत दिन बाद जिद पर गई थी खलिहान    
डेढ़ वर्ष पहले पिता की मौत होने पर रामकेवल पूरी तरह से लाचार हो गया था और बूढ़ी मां कुटुरा भी घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थी। पुत्र की मौत से सदमे में आंसू बहा रही मृतक की मां कुटुरा ने कहा डेढ़ वर्ष पहले पिता की मौत के बाद से कभी पुत्र को अकेला नहीं छोड़ा था तथा घटना के समय मृतक के बड़े भाई के बच्चों की जिद पर गांव के बाहर खलिहान तक गई थी और गांव में आग से इनके पुत्र की मौत हो गई।              

राजस्व कार्यप्रणाली की खुली पोल            
दिव्यांग की मौत ने राजस्व कर्मियों के कार्यप्रणाली की पोल उनके अधिकारियों के सामने ही खोल दी। कुटुरा ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों को बताया मृतक दिव्यांग के पिता नकछेद की मौत करीब डेढ़ वर्ष पहले होने पर हलका लेखपाल ने वरासत के लिए छह सौ रुपए मांगे थे लेकिन रुपया नहीं होने पर वरासत नहीं हो सकी है।              


विधायक ने दी सांत्वना
सूचना पर सांसद प्रतिनिधि राजकुमार सिंह व पूर्व विधायक राम मगन रावत मौके पहुंचे और शोक संतृप्त परिवार को सांत्वना दी। विधायक वैजनाथ रावत ने फोन पर हर संभव सहायता देने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed