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धान लदी ट्रालियों के साथ सड़कों पर उतरे किसान, किया प्रदर्शन
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बाराबंकी। धान लदी ट्रॉलियों के साथ प्रदर्शन कर रहे किसानों से वार्ता करने के लिए अधिकारी पहुंचे लेकिन बात नहीं बनी। इस पर किसानों ने गन्ना कार्यालय परिसर में डेरा डाल दिया। कहा कि जब तक मौके पर कांटा लगाकर धान की तौल नहीं कराई जाएगी यहां से हटने वाले नहीं हैं। इसके अलावा जिले की अन्य सभी तहसीलों में भी किसानों ने धान लदी ट्रॉलियों के साथ प्रदर्शन किया।
भाकियू के बैनर तले बुधवार की सुबह से किसान धान लदी ट्रॉलियां लेकर गन्ना कार्यालय परिसर पहुंचने लगे। देखते ही देखते पूरा गन्ना कार्यालय परिसर धान लदी ट्रॉलियों से भर गया। इसके अलावा गन्ना कार्यालय परिसर से लेकर सिविल लाइन चौराहा और कलेक्ट्रेट जाने वाले मुख्य मार्ग के दोनों ओर करीब तीन सौ ट्रालियां खड़ी हो गईं। इससे कई बार जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
किसानों के तेवर देखते हुए पुलिस के जवानों को भी बुला लिया गया। सूचना पर एसडीएम सदर अभय कुमार पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी किसानों से वार्ता करने पहुंचे लेकिन कोई बात नहीं बन सकी। किसान मौके पर ही कांटा लगाकर धान की तौल कराने की मांग पर अड़े हुए थे।
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भाकियू के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि क्रय केंद्र प्रभारी पूरी तरह से मनमानी कर रहे हैं जिसकी वजह से किसानों के बजाए केंद्रों पर बिचौलियों और बड़े व्यापारियों का धान तौला जा रहा है। किसान अपने खून-पसीने की कमाई को बेचने के लिए इधर-उधर धक्के खा रहा है। किसान इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
प्रदेश उपाध्यक्ष रामकिशोर पटेल ने कहा कि क्रय केंद्र प्रभारी पूरी तरह से मनमानी कर रहे हैं और एक-एक दिन में 15 से लेकर 31 ट्रॉलियों की तौल की जा रही है। इसमें कितने किसानों का धान तौला गया है, इसकी सूची सार्वजनिक कर दी जाए। धरना दे रहे किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि उनका धान जब तक मौके पर ही नहीं तौला जाएगा, किसान यहां से हटने वाले नहीं हैं। इस मौके पर अनुपम वर्मा, सतीश वर्मा, रामसेवक रावत, रामानंद, भगौती प्रसाद, प्रमोद कुमार व ओम प्रकाश आदि मौजूद रहे।
फतेहपुर में हौसिला प्रसाद के नेतृत्व में किसानों ने धान लदी ट्रॉलियों के साथ प्रदर्शन किया। यहां करीब 65 ट्रॉलियां खड़ी थीं। मौके पर पहुंचे केंद्र प्रभारी राजीव सिंह ने किसानों से बात की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसी प्रकार सिरौलीगौसपुर में किसानों ने रामसजीवन वर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। 50 ट्रॉलियों के साथ पहुंचे किसानों से एसडीएम प्रतिपाल सिंह ने मौके पर पहुंच कर वार्ता की।
वहीं रामनगर में तहसील अध्यक्ष शारदा बक्स सिंह के नेतृत्व में करीब 70 से ज्यादा ट्रॉलियां लेकर पहुंचे किसानों ने प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार रामदेव निषाद ने किसानों से बात की लेकिन बात नहीं बन सकी। इसी प्रकार रामसनेहीघाट में भी जिला उपाध्यक्ष शांतिभूषण के नेतृत्व में किसानों ने धान लदी ट्रॉलियों के साथ प्रदर्शन किया। तहसीलदार तपन कुमार मिश्रा ने किसानों से वार्ता कर सूची देने तथा उसकी जांच कराकर तौल कराए जाने की बात कही।
गन्ना कार्यालय परिसर में प्रदर्शन कर रहे किसानों की जब बात नहीं बनी तो किसानों ने वहीं पर टेंट लगाकर गद्दा डाल दिया। इसके साथ ही भोजन बनाने के लिए भगोना भी चढ़ा दिया गया। मौके पर मौजूद किसानों का कहना था कि वैसे भी किसान धान लदी ट्रॉलियों के साथ क्रय केंद्रों पर रात गुजार रहे हैं तो हम लोगों को गन्ना कार्यालय में यदि कई दिनों तक रुकना पड़ा तो भी कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।
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भाकियू के बैनर तले बुधवार की सुबह से किसान धान लदी ट्रॉलियां लेकर गन्ना कार्यालय परिसर पहुंचने लगे। देखते ही देखते पूरा गन्ना कार्यालय परिसर धान लदी ट्रॉलियों से भर गया। इसके अलावा गन्ना कार्यालय परिसर से लेकर सिविल लाइन चौराहा और कलेक्ट्रेट जाने वाले मुख्य मार्ग के दोनों ओर करीब तीन सौ ट्रालियां खड़ी हो गईं। इससे कई बार जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
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किसानों के तेवर देखते हुए पुलिस के जवानों को भी बुला लिया गया। सूचना पर एसडीएम सदर अभय कुमार पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी किसानों से वार्ता करने पहुंचे लेकिन कोई बात नहीं बन सकी। किसान मौके पर ही कांटा लगाकर धान की तौल कराने की मांग पर अड़े हुए थे।
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भाकियू के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि क्रय केंद्र प्रभारी पूरी तरह से मनमानी कर रहे हैं जिसकी वजह से किसानों के बजाए केंद्रों पर बिचौलियों और बड़े व्यापारियों का धान तौला जा रहा है। किसान अपने खून-पसीने की कमाई को बेचने के लिए इधर-उधर धक्के खा रहा है। किसान इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
प्रदेश उपाध्यक्ष रामकिशोर पटेल ने कहा कि क्रय केंद्र प्रभारी पूरी तरह से मनमानी कर रहे हैं और एक-एक दिन में 15 से लेकर 31 ट्रॉलियों की तौल की जा रही है। इसमें कितने किसानों का धान तौला गया है, इसकी सूची सार्वजनिक कर दी जाए। धरना दे रहे किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि उनका धान जब तक मौके पर ही नहीं तौला जाएगा, किसान यहां से हटने वाले नहीं हैं। इस मौके पर अनुपम वर्मा, सतीश वर्मा, रामसेवक रावत, रामानंद, भगौती प्रसाद, प्रमोद कुमार व ओम प्रकाश आदि मौजूद रहे।
फतेहपुर में हौसिला प्रसाद के नेतृत्व में किसानों ने धान लदी ट्रॉलियों के साथ प्रदर्शन किया। यहां करीब 65 ट्रॉलियां खड़ी थीं। मौके पर पहुंचे केंद्र प्रभारी राजीव सिंह ने किसानों से बात की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसी प्रकार सिरौलीगौसपुर में किसानों ने रामसजीवन वर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। 50 ट्रॉलियों के साथ पहुंचे किसानों से एसडीएम प्रतिपाल सिंह ने मौके पर पहुंच कर वार्ता की।
वहीं रामनगर में तहसील अध्यक्ष शारदा बक्स सिंह के नेतृत्व में करीब 70 से ज्यादा ट्रॉलियां लेकर पहुंचे किसानों ने प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार रामदेव निषाद ने किसानों से बात की लेकिन बात नहीं बन सकी। इसी प्रकार रामसनेहीघाट में भी जिला उपाध्यक्ष शांतिभूषण के नेतृत्व में किसानों ने धान लदी ट्रॉलियों के साथ प्रदर्शन किया। तहसीलदार तपन कुमार मिश्रा ने किसानों से वार्ता कर सूची देने तथा उसकी जांच कराकर तौल कराए जाने की बात कही।
गन्ना कार्यालय परिसर में प्रदर्शन कर रहे किसानों की जब बात नहीं बनी तो किसानों ने वहीं पर टेंट लगाकर गद्दा डाल दिया। इसके साथ ही भोजन बनाने के लिए भगोना भी चढ़ा दिया गया। मौके पर मौजूद किसानों का कहना था कि वैसे भी किसान धान लदी ट्रॉलियों के साथ क्रय केंद्रों पर रात गुजार रहे हैं तो हम लोगों को गन्ना कार्यालय में यदि कई दिनों तक रुकना पड़ा तो भी कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।