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धान लदी ट्रॉलियों के साथ किसानों ने मंडी में डाला डेरा
बाराबंकी
Updated Mon, 18 Dec 2017 10:58 PM IST
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सोमवार को नवीन मंडी में धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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समस्याओं का समाधान न होने से नाराज किसान सोमवार को धान लदी ट्रॉलियों समेत नवीन मंडी पहुंच डेरा डाल दिया। इस दौरान मंडी सचिव और डिप्टी आरएमओ से कई बार वार्ता हुई लेकिन बात नहीं बनने पर किसान अपनी मांगों पर अडे़ हुए हैं।
उनका कहना है 4 दिसंबर को दिए गए धरने पर एडीएम ने तीन दिन के अंदर एपीसी से वार्ता कराने का आाश्वासन दिया था लेकिन आज तक बात नहीं कराई गई जिससे किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
भाकियू के प्रांतीय उपाध्यक्ष रामकिशोर पटेल के नेतृत्व में किसान धान लदी ट्रॉलियां लेकर नवीन मंडी पहुंच धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना है कि सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। आधे किसानों की फसलों की सिंचाई मुफ्त कर रही है तो आधे किसानों सिंचाई के पानी का दाम वसूल रही।
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बिजली दरें बढ़कर सरकार ने किसानों की कमर तोड़ने का कार्य किया है जिससे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों को पहले से ही अपनी फसल का वाजिब दाम नहीं मिल रहा और किसान धान की तौल कराने के लिए क्रय केंद्रों के चक्कर काट रहा है।
कई दिनों तक किसान क्रय केंद्रों पर खड़े रहते हैं लेकिन उनका धान नहीं तौला जा रहा है। जिस पर डिप्टी आरएमओ प्रभाकांत द्विवेदी और मंडी सचिव धन्नजय कुमार से कई बार वार्ता हुई लेकिन बात नहीं बनी। किसान एपीसी से बात करने के बाद ही धरने से हटने की बात पर अड़े हुए हैं।
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उनका कहना है 4 दिसंबर को दिए गए धरने पर एडीएम ने तीन दिन के अंदर एपीसी से वार्ता कराने का आाश्वासन दिया था लेकिन आज तक बात नहीं कराई गई जिससे किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
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भाकियू के प्रांतीय उपाध्यक्ष रामकिशोर पटेल के नेतृत्व में किसान धान लदी ट्रॉलियां लेकर नवीन मंडी पहुंच धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना है कि सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। आधे किसानों की फसलों की सिंचाई मुफ्त कर रही है तो आधे किसानों सिंचाई के पानी का दाम वसूल रही।
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बिजली दरें बढ़कर सरकार ने किसानों की कमर तोड़ने का कार्य किया है जिससे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों को पहले से ही अपनी फसल का वाजिब दाम नहीं मिल रहा और किसान धान की तौल कराने के लिए क्रय केंद्रों के चक्कर काट रहा है।
कई दिनों तक किसान क्रय केंद्रों पर खड़े रहते हैं लेकिन उनका धान नहीं तौला जा रहा है। जिस पर डिप्टी आरएमओ प्रभाकांत द्विवेदी और मंडी सचिव धन्नजय कुमार से कई बार वार्ता हुई लेकिन बात नहीं बनी। किसान एपीसी से बात करने के बाद ही धरने से हटने की बात पर अड़े हुए हैं।