{"_id":"69387c76620748aed805f060","slug":"farmers-are-forced-to-irrigate-their-crops-with-pumping-sets-barabanki-news-c-315-1-brb1001-153672-2025-12-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: पंपिंग सेट से फसलाें की सिंचाई करने को मजबूर हैं किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: पंपिंग सेट से फसलाें की सिंचाई करने को मजबूर हैं किसान
Wed, 10 Dec 2025 01:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 10 Dec 2025 01:15 AM IST
विज्ञापन
घुंघटेर। निंदूरा क्षेत्र में बाबागंज टिकैतगंज रजबहा में पानी न होने की वजह से किसान गेहूं, आलू आदि फसलों की सिंचाई पंपिंग सेट से करने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि इस रजबहा में पिछले छह माह से पानी नहीं आया है, जिसकी वजह से किसानों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं।
क्षेत्र के जमुआ, धौरहरा, हाजीपुर, लोनार, बढाईडीह, सलेमाबाद, गड़िया, धौरहरा, कसगांव, पचासा, मोलिया, टिकरा, मोहलिया, पिंडसावां, छिलगवां, कांमीपुर, बिसंई, पीरनगर, कंचनपुर बेलवाहार, मुनीरपुर बरतरा और बसारा के किसानों को इस रजबहा से पानी नहीं मिल रहा है। पानी न आने से किसान पंपिंग सेट के सहारे अपनी फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। यहां के रामप्रसाद, शत्रोहन, दीपू, उमेश, रामचंद्र, महेश, गजोधर लाल, रियाज सिद्दीकी, मकसूद, आनंद गौतम, सुरेश चंद, रामलखन, महेश, कैलाश, सुभाष का कहना है कि यदि रजबहा में पानी छोड़ दिया जाए तो किसानों का पैसा और समय दोनों बचेगा। इसको लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत भी कराया गया, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन
क्षेत्र के जमुआ, धौरहरा, हाजीपुर, लोनार, बढाईडीह, सलेमाबाद, गड़िया, धौरहरा, कसगांव, पचासा, मोलिया, टिकरा, मोहलिया, पिंडसावां, छिलगवां, कांमीपुर, बिसंई, पीरनगर, कंचनपुर बेलवाहार, मुनीरपुर बरतरा और बसारा के किसानों को इस रजबहा से पानी नहीं मिल रहा है। पानी न आने से किसान पंपिंग सेट के सहारे अपनी फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। यहां के रामप्रसाद, शत्रोहन, दीपू, उमेश, रामचंद्र, महेश, गजोधर लाल, रियाज सिद्दीकी, मकसूद, आनंद गौतम, सुरेश चंद, रामलखन, महेश, कैलाश, सुभाष का कहना है कि यदि रजबहा में पानी छोड़ दिया जाए तो किसानों का पैसा और समय दोनों बचेगा। इसको लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत भी कराया गया, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन