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Barabanki News: आईपीएम विधि से कीट प्रबंधन कर किसान दिनेश ने बनाई पहचान
Fri, 26 Jan 2024 03:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 26 Jan 2024 03:14 AM IST
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बाराबंकी। जैविक खेती करने वाले दिनेश वर्मा आईपीएम विधि से कीट प्रबंधन करते हैं और इससे उनकी फसल स्वास्थ्य पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं डालती है। अपनी इस विधि के लिए दिनेश की अलग पहचान है। उत्तर प्रदेश दिवस पर शुक्रवार को लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री और कृषि निदेशक ने किसान दिनेश वर्मा को सम्मानित किया।
दिनेश देवा ब्लॉक के सरसौंदी गांव के किसान है। दो साल पहले उन्होंने जैविक खेती करने की योजना बनाई। पहले दो बीघे से यह खेती शुरू की। किसान दिनेश वर्मा ने आईपीएम विधि से खेती करना शुरू किया। जिसमें टमाटर गोभी, ब्रोकली, शिमला मिर्च, खीरा आदि की फसल लगा रहे हैं। फसल को कीटों से बचाने के लिए वह पौधे में गोंद चिपक कर स्टिक लटका देते हैं। जिससे कीट पतंगे इसी में चिपक जाते हैं।
किसान दिनेश वर्मा को पिछले साल भी सम्मानित किया गया था। आज उनकी प्रेरणा से उनके गांव के सात आठ किसानों ने जैविक खेती शुरू कर दी है वहीं लखनऊ तथा आसपास के जनपदों में किस उनकी उनकी चर्चा करना नहीं चूकते। दिनेश फिलहाल 20 बीघा में जैविक खेती कर रहे हैं। वह किसानों को मिट्टी की जांच कराने फसल चक्र अपनाने की सलाह देते हैं।
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दिनेश देवा ब्लॉक के सरसौंदी गांव के किसान है। दो साल पहले उन्होंने जैविक खेती करने की योजना बनाई। पहले दो बीघे से यह खेती शुरू की। किसान दिनेश वर्मा ने आईपीएम विधि से खेती करना शुरू किया। जिसमें टमाटर गोभी, ब्रोकली, शिमला मिर्च, खीरा आदि की फसल लगा रहे हैं। फसल को कीटों से बचाने के लिए वह पौधे में गोंद चिपक कर स्टिक लटका देते हैं। जिससे कीट पतंगे इसी में चिपक जाते हैं।
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किसान दिनेश वर्मा को पिछले साल भी सम्मानित किया गया था। आज उनकी प्रेरणा से उनके गांव के सात आठ किसानों ने जैविक खेती शुरू कर दी है वहीं लखनऊ तथा आसपास के जनपदों में किस उनकी उनकी चर्चा करना नहीं चूकते। दिनेश फिलहाल 20 बीघा में जैविक खेती कर रहे हैं। वह किसानों को मिट्टी की जांच कराने फसल चक्र अपनाने की सलाह देते हैं।
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