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Barabanki News: घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिला इलाज न हो सकी जांच
Thu, 27 Nov 2025 12:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 27 Nov 2025 12:24 AM IST
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बाराबंकी। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को ओपीडी में सर्दी, जुकाम, बुखार के अलावा सांस रोग के मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही। इस दौरान भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ा। जबकि कई मरीज बिना जांच कराए ही वापस लौट गए। घंटों पसीना बहाने के बाद मरीजों के परचे बन सके।
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कुल 1,655 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इस दौरान सर्दी, जुकाम और बुखार के 528, बदनदर्द के 389, पेटदर्द के 273, सांस रोग के 105, त्वचा रोग के 589 व हड्डी रोग के 407 मरीज देखे गए। मरीज मुनेश्वर, महिपाल, महेश, हंसराज और रामेश्वरी ने बताया कि उन्हें एक घंटे तक लाइन में लगने के बाद परचा मिल सका। डॉक्टर को दिखाने के लिए डेढ़ घंटे और दवा लेने के लिए एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। उनका कहना है कि अस्पताल की व्यवस्थाएं दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही हैं, जिससे मरीजों को असुविधा हो रही है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। वहीं रोहित, हिमांशू, इस्माइल और नवरंग जैसे कई मरीज बिना इलाज और जांच के ही लौट गए। बताया कि एक तो परचा नहीं बन पाया, दूसरा, जिनके परचे बने थे उन्हें समय समाप्त होने की बात कहकर जांच करने से मना कर दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए व्यवस्था में कई सुधार किए जा रहे हैं।
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बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कुल 1,655 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इस दौरान सर्दी, जुकाम और बुखार के 528, बदनदर्द के 389, पेटदर्द के 273, सांस रोग के 105, त्वचा रोग के 589 व हड्डी रोग के 407 मरीज देखे गए। मरीज मुनेश्वर, महिपाल, महेश, हंसराज और रामेश्वरी ने बताया कि उन्हें एक घंटे तक लाइन में लगने के बाद परचा मिल सका। डॉक्टर को दिखाने के लिए डेढ़ घंटे और दवा लेने के लिए एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। उनका कहना है कि अस्पताल की व्यवस्थाएं दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही हैं, जिससे मरीजों को असुविधा हो रही है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। वहीं रोहित, हिमांशू, इस्माइल और नवरंग जैसे कई मरीज बिना इलाज और जांच के ही लौट गए। बताया कि एक तो परचा नहीं बन पाया, दूसरा, जिनके परचे बने थे उन्हें समय समाप्त होने की बात कहकर जांच करने से मना कर दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए व्यवस्था में कई सुधार किए जा रहे हैं।
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