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Barabanki News: महादेवा में बम-बम की गूंज, उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब
Tue, 30 Jul 2024 04:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 30 Jul 2024 04:27 AM IST
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महादेवा (बाराबंकी)। रुद्राभिषेक तो कहीं जलाभिषेक...बम-बम तो कहीं हर-हर महादेव तो किसी तरफ से आती ओम नम: शिवाय की गूंज... सावन के दूसरे सोमवार को महादेवा सहित जिले के अन्य प्रमुख शिव मंदिरों में शिव भक्तों का सैलाब जुटा दिखा। रविवार रात 12 बजे के बाद से शुरू हुआ भोलेनाथ की पूजा अर्चना व जलाभिषेक का दौर सोमवार देर रात तक चलता रहा। इस दौरान शिव भक्त भगवा वस्त्र पहने डीजे की धुन पर थिरकते नाचते नजर आए।
सावन के दूसरे सोमवार पर रामनगर स्थित लोधेश्वर महादेवा में श्रद्धालुओं सैलाब उमड़ पड़ा। जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु रविवार से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। शाम को ही बैरिकेडिंग के अंदर भक्तों की कतार लग गई। रात 12 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही हर हर बम-बम, हर-हर महादेव, लोधेश्वर भगवान की जय के स्वर से वातावरण गूंज उठा। कई भक्त दंडवत करते पहुंचे। भीड़ इतनी रही कि मंदिर के अंदर गर्भ ग्रह में किसी भी श्रद्धालुओं को दो से तीन सेकंड से ज्यादा नहीं रुकने दिया गया। दर्शन पूजन अर्चन के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में खूब खरीदारी की। इस दौरान मंदिर से लेकर मेला व सड़क तक सुरक्षा के व्यपाक इंतजाम रहे।
सत्यप्रेमी नगर स्थित कैलाश आश्रम में सुबह सामूहिक रुद्राभिषेक हुआ। इसमें 51 लोगों ने परिवार संग हिस्सेदारी की। आचार्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रूद्राभिषेक कराया। भक्तों ने शहद, घी,बेलपत्र, फूल, दुग्ध, भस्म, भांग, चंदन, इत्र, गंगाजल, दूध आदि से महादेव का अभिषेक किया। सामूहिक रुद्राभिषेक के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय दिखाई दिया। शाम काे शिवलिंग फूलों से भव्य तरह से सजाया संवारा गया।
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रामसनेहीघाट क्षेत्र स्थित बुढ़वा बाबा मंदिर में शिवभक्तों ने कल्याणी नदी में भक्तों ने स्नान करने के बाद जलाभिषेक किया। कुंतेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। उधर खसपरिया स्थित मत्थेश्वर महादेव मंदिर में रविवार रात से ही भक्तों की कतारें लगना शुरू हो गई। पूरा प्रांगण बम-बम, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।
शहर में नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए सुबह चार बजे से भक्त पहुंचने लगे थे। कई श्रद्धालु परिवार संग पहुंचे और पूजा अर्चना की। सिद्धेश्वर महादेव, चंद्रेश्वर महादेव व धनोखर मंदिर में दोपहर में तेज धूप के बावजूद श्रद्धालु जलाभिषेक के साथ भोले के पूजन में जुटे रहे। उनका उत्साह कम होने का नाम नहीं ले रहा था। उधर औसानेश्वर महादेव मंदिर में रात डेढ़ बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक सोमवार को देर शाम तक चलता रहा। इस दौरान मंदिर में हर ओर पंचाक्षर मंत्र व जयकारों की गूंज रही। मंदिर के बाहर लेगे मेले में श्रद्धालुओं ने खूब खरीदारी भी की।
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सावन के दूसरे सोमवार पर रामनगर स्थित लोधेश्वर महादेवा में श्रद्धालुओं सैलाब उमड़ पड़ा। जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु रविवार से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। शाम को ही बैरिकेडिंग के अंदर भक्तों की कतार लग गई। रात 12 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही हर हर बम-बम, हर-हर महादेव, लोधेश्वर भगवान की जय के स्वर से वातावरण गूंज उठा। कई भक्त दंडवत करते पहुंचे। भीड़ इतनी रही कि मंदिर के अंदर गर्भ ग्रह में किसी भी श्रद्धालुओं को दो से तीन सेकंड से ज्यादा नहीं रुकने दिया गया। दर्शन पूजन अर्चन के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में खूब खरीदारी की। इस दौरान मंदिर से लेकर मेला व सड़क तक सुरक्षा के व्यपाक इंतजाम रहे।
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सत्यप्रेमी नगर स्थित कैलाश आश्रम में सुबह सामूहिक रुद्राभिषेक हुआ। इसमें 51 लोगों ने परिवार संग हिस्सेदारी की। आचार्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रूद्राभिषेक कराया। भक्तों ने शहद, घी,बेलपत्र, फूल, दुग्ध, भस्म, भांग, चंदन, इत्र, गंगाजल, दूध आदि से महादेव का अभिषेक किया। सामूहिक रुद्राभिषेक के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय दिखाई दिया। शाम काे शिवलिंग फूलों से भव्य तरह से सजाया संवारा गया।
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रामसनेहीघाट क्षेत्र स्थित बुढ़वा बाबा मंदिर में शिवभक्तों ने कल्याणी नदी में भक्तों ने स्नान करने के बाद जलाभिषेक किया। कुंतेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। उधर खसपरिया स्थित मत्थेश्वर महादेव मंदिर में रविवार रात से ही भक्तों की कतारें लगना शुरू हो गई। पूरा प्रांगण बम-बम, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।
शहर में नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए सुबह चार बजे से भक्त पहुंचने लगे थे। कई श्रद्धालु परिवार संग पहुंचे और पूजा अर्चना की। सिद्धेश्वर महादेव, चंद्रेश्वर महादेव व धनोखर मंदिर में दोपहर में तेज धूप के बावजूद श्रद्धालु जलाभिषेक के साथ भोले के पूजन में जुटे रहे। उनका उत्साह कम होने का नाम नहीं ले रहा था। उधर औसानेश्वर महादेव मंदिर में रात डेढ़ बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक सोमवार को देर शाम तक चलता रहा। इस दौरान मंदिर में हर ओर पंचाक्षर मंत्र व जयकारों की गूंज रही। मंदिर के बाहर लेगे मेले में श्रद्धालुओं ने खूब खरीदारी भी की।