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Barabanki News: गांवों में तबाही, तटबंध पर आशियाना, पेट भरना मुश्किल
Thu, 11 Jul 2024 04:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 11 Jul 2024 04:46 AM IST
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सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के तेलवारी गांव जाने वाले मार्ग पर भरे बाढ़ के पानी से होकर गुजरते बच्चे व
बाराबंकी। सरयू नदी की बाढ़ ने तराई में करीब 25 गांवाें के लोगों का जीवन मुश्किल में डाल दिया है। गांवों के अंदर पानी पहुंचने के बाद लोग अपनी गृहस्थी बटोर कर तटबंध पर बस रहे हैं। रुक रुक कर हो रही बारिश से यहां भी जैसे तैसे तिरपाल के नीचे रातें कट रही हैं। बुधवार को सरयू खतरे के निशान से सात सेंटीमीटर नीचे आ गई, लेकिन नदी फिर भी लाल निशान से 48 सेमी ऊपर है। कई घर कटान के मुहाने पर हैं।
बाढ़ से रामनगर के करीब 35 व सिरौलीगौसपुर के 32 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा। मौजूदा समय में कंचनापुर, बेलहरी, हेतमापुर, बाबापुरवा, सुंदरनगर, मदरहा, क्यालीपुरवा,पर्वतपुर, कोडरी, वल्लोपुर द्वितीय, माधवपुरवा, गायघाट, करमुल्लापुर, कुसौरा, लालपुरवा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इन गांवों में पानी भरा है। सुंदरनगर गांव के तमाम परिवारों ने रानीमऊ-अलीनगर तटबंध पर शरण ले रखी हैं। वहीं, सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के तेलवारी, गोबरहा, भैरवकोल, टेपरा, बघौलीपुरवा, सनावां, कहारनपुरवा, परसावल, मझारायपुर नव्वनपुरवा सहित करीब 12 गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। जबकि 20 से ज्यादा गांव पानी से घिरे हैं। ये परिवार भूख व प्यास से परेशान हैं। रामनगर तहसील से गई टीम ने बुधवार सुबह भी 500 लोगों को भोजन के पैकेट बांटा। इन लोगों के मवेशी भी चारा के लिए परेशान हैं। लोगों की खेती भी डूबी है। बरसात के दौरान तटबंध पर भी रुकना दुश्वार हो रहा है। एडीएम अरुण कुमार ने बताया कि प्रशासन अलर्ट है। पानी घटने से राहत मिली है।
120 गर्भवती महिलाएं, बीमारी का संकट बढ़ा
कोटवाधाम/ (बाराबंकी)। बाढ़ के हालात में सबसे अधिक बेहाल गर्भवती व बुजुर्ग हैं। रामनगर तहसील क्षेत्र के बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में करीब 68 तो सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में 52 गर्भवती महिलाएं हैं। गांवों में पानी भरने से बुखार जुकाम व जलजनति बीमारियां आम हैं। गोबरहा पीएचसी पर पानी भरने के बाद अस्पताल को तटबंध पर शिफ्ट किया गया है। लेकिन अकेला फार्मासिस्ट कोरम पूरा कर रहा है। सिरौलीगौसपुर सीएचसी के प्रभारी डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बुधवार को अपनी टीम के साथ टेपरा, सनावा व बघौलीपुरवा गांव में जाकर हाल जाना।
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पढ़ाई चौपट, दुकान पर बुलाए गए बच्चे
कोटवाधाम/सूरतगंज (बाराबंकी)। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में बाढ़ से पढ़ाई ठप होने को है। प्राथमिक विद्यालय तेलवारी में पानी भरने से शिक्षक गिदरापुर स्कूल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं सनावा के बच्चों को शिक्षकों ने अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर एक दुकान में बुलाकर पढ़ाने की कवायद की। प्राथमिक विद्यालय सिरौलीगुंग में शिक्षक तटबंध से ही लौट गए। कोठीडीहा में शिक्षकों ने पानी से गुजरकर स्कूल पहुंचे।
खाना मिलना तो दूर...बाढ़ चौकी पर ताला
सूरतगंज/कोटवाधाम (बाराबंकी)। यूं तो प्रशासन ने बाढ़ को देखते हुए 10 बाढ़ चौकी और 15 अस्थायी राहत केंद्र का दावा किया है, लेकिन यह काम कागजी ज्यादा हकीकत में कम है। अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर कोठीडीहा गांव के पास बनी बाढ़ चौकी में बुधवार को ताला लटका मिला। सूरतगंज क्षेत्र में दो बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। मगर पांडेयपुर विद्यालय में चौकी जैसा कुछ नहीं मिला। तटबंध पर बनाए गए पांच शौचालयों में ढक्कन नहीं है।
आयुर्वेदिक अस्पताल में होंगी शादियां
बाढ़ प्रभवित जिन गांवों में शादी के कार्यक्रम होने है उनके लिए सूरतगंज क्षेत्र के आयुर्वेदिक अस्पताल का परिसर चयनित किया गया है। यहां टिन शेड लगे हैं। टेंट लगवाया जा रहा है। बिजली का व्यवस्था भी प्रशासन कर रहा है। यहां आकर लोग शादी ब्याह के कार्यक्रम कर सकते हैं। - पवन कुमार, एसडीएम रामनगर
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बाढ़ से रामनगर के करीब 35 व सिरौलीगौसपुर के 32 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा। मौजूदा समय में कंचनापुर, बेलहरी, हेतमापुर, बाबापुरवा, सुंदरनगर, मदरहा, क्यालीपुरवा,पर्वतपुर, कोडरी, वल्लोपुर द्वितीय, माधवपुरवा, गायघाट, करमुल्लापुर, कुसौरा, लालपुरवा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इन गांवों में पानी भरा है। सुंदरनगर गांव के तमाम परिवारों ने रानीमऊ-अलीनगर तटबंध पर शरण ले रखी हैं। वहीं, सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के तेलवारी, गोबरहा, भैरवकोल, टेपरा, बघौलीपुरवा, सनावां, कहारनपुरवा, परसावल, मझारायपुर नव्वनपुरवा सहित करीब 12 गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। जबकि 20 से ज्यादा गांव पानी से घिरे हैं। ये परिवार भूख व प्यास से परेशान हैं। रामनगर तहसील से गई टीम ने बुधवार सुबह भी 500 लोगों को भोजन के पैकेट बांटा। इन लोगों के मवेशी भी चारा के लिए परेशान हैं। लोगों की खेती भी डूबी है। बरसात के दौरान तटबंध पर भी रुकना दुश्वार हो रहा है। एडीएम अरुण कुमार ने बताया कि प्रशासन अलर्ट है। पानी घटने से राहत मिली है।
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120 गर्भवती महिलाएं, बीमारी का संकट बढ़ा
कोटवाधाम/ (बाराबंकी)। बाढ़ के हालात में सबसे अधिक बेहाल गर्भवती व बुजुर्ग हैं। रामनगर तहसील क्षेत्र के बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में करीब 68 तो सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में 52 गर्भवती महिलाएं हैं। गांवों में पानी भरने से बुखार जुकाम व जलजनति बीमारियां आम हैं। गोबरहा पीएचसी पर पानी भरने के बाद अस्पताल को तटबंध पर शिफ्ट किया गया है। लेकिन अकेला फार्मासिस्ट कोरम पूरा कर रहा है। सिरौलीगौसपुर सीएचसी के प्रभारी डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बुधवार को अपनी टीम के साथ टेपरा, सनावा व बघौलीपुरवा गांव में जाकर हाल जाना।
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पढ़ाई चौपट, दुकान पर बुलाए गए बच्चे
कोटवाधाम/सूरतगंज (बाराबंकी)। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में बाढ़ से पढ़ाई ठप होने को है। प्राथमिक विद्यालय तेलवारी में पानी भरने से शिक्षक गिदरापुर स्कूल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं सनावा के बच्चों को शिक्षकों ने अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर एक दुकान में बुलाकर पढ़ाने की कवायद की। प्राथमिक विद्यालय सिरौलीगुंग में शिक्षक तटबंध से ही लौट गए। कोठीडीहा में शिक्षकों ने पानी से गुजरकर स्कूल पहुंचे।
खाना मिलना तो दूर...बाढ़ चौकी पर ताला
सूरतगंज/कोटवाधाम (बाराबंकी)। यूं तो प्रशासन ने बाढ़ को देखते हुए 10 बाढ़ चौकी और 15 अस्थायी राहत केंद्र का दावा किया है, लेकिन यह काम कागजी ज्यादा हकीकत में कम है। अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर कोठीडीहा गांव के पास बनी बाढ़ चौकी में बुधवार को ताला लटका मिला। सूरतगंज क्षेत्र में दो बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। मगर पांडेयपुर विद्यालय में चौकी जैसा कुछ नहीं मिला। तटबंध पर बनाए गए पांच शौचालयों में ढक्कन नहीं है।
आयुर्वेदिक अस्पताल में होंगी शादियां
बाढ़ प्रभवित जिन गांवों में शादी के कार्यक्रम होने है उनके लिए सूरतगंज क्षेत्र के आयुर्वेदिक अस्पताल का परिसर चयनित किया गया है। यहां टिन शेड लगे हैं। टेंट लगवाया जा रहा है। बिजली का व्यवस्था भी प्रशासन कर रहा है। यहां आकर लोग शादी ब्याह के कार्यक्रम कर सकते हैं। - पवन कुमार, एसडीएम रामनगर

सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के तेलवारी गांव जाने वाले मार्ग पर भरे बाढ़ के पानी से होकर गुजरते बच्चे व