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डेंगू के दो मरीज मिले, महकमा बेखबर
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टिकैतनगर (बाराबंकी)। कस्बे में डेंगू के दो मरीज पाए गए हैं। जांच में पुष्टि होने के बाद परिवारीजनों ने पीड़ितों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के पास इस रोग के इलाज के कोई इंतजाम नहीं हैं। जिससे डेंगू के मरीज निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं।
कस्बा टिकैतनगर मोहल्ला रायसाहब निवासी और मोहल्ला धधवारा निवासी दो युवक ने कई दिनों से बुखार आने पर मंगलवार को निजी लैब में जांच कराई तो डेंगू की पुष्टि हुई है। जानकारी पर परिवारीजनों ने दोनों युवकों को आननफानन निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डेंगू के मरीज की जानकारी होने से ही इनकार कर रहे हैं।
डेंगू की रोकथाम करने से दूर विभागीय अधिकारी मामले को दबाने में लगे हुए हैं। जबकि क्षेत्र में डेंगू का डंक तेजी से पांव पसार रहा है। जानलेवा बीमारी के लक्षण वाले कई मरीज जिले में ही निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डेंगू की जांच व इलाज के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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मालूम हो कि बीते साल डेंगू के 24 मरीज मिले थे। जिसमें से एक की मौत भी हो गई थी। तब भी मरीजों के परिजनों को निजी लैब से ही डेंगू की जांच करानी पड़ी थी। इसके बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हो रहा है। इस संबंध में अधीक्षक डॉ. हेमंत गुप्ता ने बताया कि डेंगू के मरीज मिलने की जानकारी नहीं है। एहतियात के तौर पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।
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कस्बा टिकैतनगर मोहल्ला रायसाहब निवासी और मोहल्ला धधवारा निवासी दो युवक ने कई दिनों से बुखार आने पर मंगलवार को निजी लैब में जांच कराई तो डेंगू की पुष्टि हुई है। जानकारी पर परिवारीजनों ने दोनों युवकों को आननफानन निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डेंगू के मरीज की जानकारी होने से ही इनकार कर रहे हैं।
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डेंगू की रोकथाम करने से दूर विभागीय अधिकारी मामले को दबाने में लगे हुए हैं। जबकि क्षेत्र में डेंगू का डंक तेजी से पांव पसार रहा है। जानलेवा बीमारी के लक्षण वाले कई मरीज जिले में ही निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डेंगू की जांच व इलाज के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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मालूम हो कि बीते साल डेंगू के 24 मरीज मिले थे। जिसमें से एक की मौत भी हो गई थी। तब भी मरीजों के परिजनों को निजी लैब से ही डेंगू की जांच करानी पड़ी थी। इसके बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हो रहा है। इस संबंध में अधीक्षक डॉ. हेमंत गुप्ता ने बताया कि डेंगू के मरीज मिलने की जानकारी नहीं है। एहतियात के तौर पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।