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Barabanki News: सर्वर चला तो समितियों पर उमड़ी किसानों की भीड़
Sat, 25 Jul 2026 01:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 25 Jul 2026 01:44 AM IST
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सर्वर चला तो समितियों पर उमड़ी किसानों की भीड़
बाराबंकी। ई-पॉस मशीन का सर्वर शुरू होने के बाद शुक्रवार को साधन सहकारी समितियों और निजी दुकानों पर किसानों की भीड़ जुटी। सहकारी समितियों पर जहां अधिक भीड़ होने से किसान परेशान हुए, वहीं निजी दुकानों पर यूरिया के साथ जिंक खरीदने की शर्त ने किसानों का आर्थिक बोझ बढ़ा दिया।
एक बोरी यूरिया 266 रुपये 50 पैसे की है, उसके साथ एक पैकेट जिंक लगाकर 450 रुपये में बेची गई। जिन किसानों को समिति से यूरिया नहीं मिली, उन्होंने विवश होकर खरीदा। घुंघटेर प्रतिनिधि के अनुसार निंदूरा ब्लॉक क्षेत्र की सैंदर, खिझना व पलिया समिति पर किसानों को यूरिया ई-पॉश मशीन से दो-दो बोरी दी गई।
वहीं जिन्हें इससे ज्यादा यूरिया की जरूरत थी उन्होंने निजी दुकानों से खरीदी। खरिहानी गांवके किसान मनोहर ने बताया कि उन्होंने जिंक के साथ दो बोरी यूरिया नौ सौ रुपये की खरीदी। बिना जिंक के यूरिया देने से दुकानदार ने मना कर दिया। वहीं ओदार गांव के किसान राकेश ने बताया कि टिकैतगंज कस्बे की एक दुकान से उन्होंने 430 रुपये की एक बोरी यूरिया जिंक के साथ खरीदी।
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एडीओ को-ऑपरेटिव प्रेम प्रकाश अग्निहोत्री ने बताया कि ई-पॉस मशीन का सर्वर ठीक हो गया है। समितियां पर यूरिया बांटी जा रही है। निजी दुकानों पर जिंक की टैगिंग के लिए कोई शिकायत नहीं मिली है। जैदपुर प्रतिनिधि के अनुसार साधन सहकारी समिति बरायन में सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक 95 किसानों को खाद दी गई।
वहीं सर्वर धीमा चलने से टेसुआ स्थित साधन सहकारी समिति पर दोपहर तीन बजे तक 50 किसानों को खाद बांटी गई। तेजवापुर समिति बंद होने से किसान निराश लौटे। इनमें से कुछ किसानों ने भानमऊ व जैदपुर से जिंक के साथ 450 रुपये की यूरिया खरीदने की बात कही।
सिद्धौर प्रतिनिधि के अनुसार उस्मानपुर साधन सहकारी समिति पर सुबह आठ बजे से ही बड़ी संख्या में किसान खाद लेने पहुंच गए। पूरा दिन भीड़ रही। दो-दो बोरी यूरिया दी गई। इसी तरह नवाबपुर कोडरी और न्योछना समिति पर भी किसानों की भीड़ रही। सेमरावा समिति पर दोपहर में यूरिया समाप्त हो गई। सचिव अनिल कुमार ने बताया कि जितनी यूरिया थी बांट दी गई। डिमांड की गई है।
एडीओ कोऑपरेटिव चंद्रिका प्रसाद का कहना है कि ई-पॉस मशीनों की क्षमता क्षमता बढ़ाई गई है। सर्वर काम कर रहा है। मशीन काम न करने का बहाना बनाकर यदि कोई सचिव खाद नहीं देता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
फार्मर रजिस्ट्री के बिना नहीं मिल रही यूरिया
सिरौलीगौसपुर। किंतूर समिति पर शुक्रवार को किसानों की भीड़ रही। फार्मर रजिस्ट्री व आधार कार्ड के अभिलेख जमा करने के बाद किसानों को ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगाने के लिए बुलाया जाता। इस सब प्रक्रिया में किसानों को घंटों परेशान होना पड़ा। फार्मर रजिस्ट्री न होने पर खाद नहीं दी गई। किसान जयसीराम, सर्वेश कुमार, महेश और विश्वनाथ ने बताया कि उनके गांव में चकबंदी चल रही है। इसलिए फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाई। इसलिए समिति पर यूरिया नहीं मिली। निजी दुकान से अधिक मूल्य पर खरीदने की विवशता है। दरियाबाद की मथुरा नगर समिति पर भी किसानों की भीड़ रही। संवाद
ई-पॉस मशीनों का सर्वर ठीक चल रहा है। पूरे जिले में खाद वितरण जारी है। निजी दुकानदार जहां अधिक मूल्य ले रहे हैं, शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है। बृहस्पतिवार को रामनगर के भैरमपुर में जिस दुकान पर अधिक मूल्य वसूलने की शिकायत मिली मिली थी, उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
- राजित राम, जिला कृषि अधिकारी
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एक बोरी यूरिया 266 रुपये 50 पैसे की है, उसके साथ एक पैकेट जिंक लगाकर 450 रुपये में बेची गई। जिन किसानों को समिति से यूरिया नहीं मिली, उन्होंने विवश होकर खरीदा। घुंघटेर प्रतिनिधि के अनुसार निंदूरा ब्लॉक क्षेत्र की सैंदर, खिझना व पलिया समिति पर किसानों को यूरिया ई-पॉश मशीन से दो-दो बोरी दी गई।
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वहीं जिन्हें इससे ज्यादा यूरिया की जरूरत थी उन्होंने निजी दुकानों से खरीदी। खरिहानी गांवके किसान मनोहर ने बताया कि उन्होंने जिंक के साथ दो बोरी यूरिया नौ सौ रुपये की खरीदी। बिना जिंक के यूरिया देने से दुकानदार ने मना कर दिया। वहीं ओदार गांव के किसान राकेश ने बताया कि टिकैतगंज कस्बे की एक दुकान से उन्होंने 430 रुपये की एक बोरी यूरिया जिंक के साथ खरीदी।
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एडीओ को-ऑपरेटिव प्रेम प्रकाश अग्निहोत्री ने बताया कि ई-पॉस मशीन का सर्वर ठीक हो गया है। समितियां पर यूरिया बांटी जा रही है। निजी दुकानों पर जिंक की टैगिंग के लिए कोई शिकायत नहीं मिली है। जैदपुर प्रतिनिधि के अनुसार साधन सहकारी समिति बरायन में सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक 95 किसानों को खाद दी गई।
वहीं सर्वर धीमा चलने से टेसुआ स्थित साधन सहकारी समिति पर दोपहर तीन बजे तक 50 किसानों को खाद बांटी गई। तेजवापुर समिति बंद होने से किसान निराश लौटे। इनमें से कुछ किसानों ने भानमऊ व जैदपुर से जिंक के साथ 450 रुपये की यूरिया खरीदने की बात कही।
सिद्धौर प्रतिनिधि के अनुसार उस्मानपुर साधन सहकारी समिति पर सुबह आठ बजे से ही बड़ी संख्या में किसान खाद लेने पहुंच गए। पूरा दिन भीड़ रही। दो-दो बोरी यूरिया दी गई। इसी तरह नवाबपुर कोडरी और न्योछना समिति पर भी किसानों की भीड़ रही। सेमरावा समिति पर दोपहर में यूरिया समाप्त हो गई। सचिव अनिल कुमार ने बताया कि जितनी यूरिया थी बांट दी गई। डिमांड की गई है।
एडीओ कोऑपरेटिव चंद्रिका प्रसाद का कहना है कि ई-पॉस मशीनों की क्षमता क्षमता बढ़ाई गई है। सर्वर काम कर रहा है। मशीन काम न करने का बहाना बनाकर यदि कोई सचिव खाद नहीं देता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
फार्मर रजिस्ट्री के बिना नहीं मिल रही यूरिया
सिरौलीगौसपुर। किंतूर समिति पर शुक्रवार को किसानों की भीड़ रही। फार्मर रजिस्ट्री व आधार कार्ड के अभिलेख जमा करने के बाद किसानों को ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगाने के लिए बुलाया जाता। इस सब प्रक्रिया में किसानों को घंटों परेशान होना पड़ा। फार्मर रजिस्ट्री न होने पर खाद नहीं दी गई। किसान जयसीराम, सर्वेश कुमार, महेश और विश्वनाथ ने बताया कि उनके गांव में चकबंदी चल रही है। इसलिए फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाई। इसलिए समिति पर यूरिया नहीं मिली। निजी दुकान से अधिक मूल्य पर खरीदने की विवशता है। दरियाबाद की मथुरा नगर समिति पर भी किसानों की भीड़ रही। संवाद
ई-पॉस मशीनों का सर्वर ठीक चल रहा है। पूरे जिले में खाद वितरण जारी है। निजी दुकानदार जहां अधिक मूल्य ले रहे हैं, शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है। बृहस्पतिवार को रामनगर के भैरमपुर में जिस दुकान पर अधिक मूल्य वसूलने की शिकायत मिली मिली थी, उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
- राजित राम, जिला कृषि अधिकारी

सर्वर चला तो समितियों पर उमड़ी किसानों की भीड़

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सर्वर चला तो समितियों पर उमड़ी किसानों की भीड़