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हादसे में चाचा-भतीजी की मौत

Thu, 17 Dec 2015 10:48 PM IST
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 17 Dec 2015 10:48 PM IST
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कान में इयर फोन पर गाना सुनते हुए रेल ट्रैक पार करने की लापरवाही की कीमत चाचा और उसकी पांच वर्षीय भतीजी को अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ी। गुरुवार दोपहर लोनीकटरा में बीरमखेड़ा गांव के पास रेल ट्रैक पार करते समय इयर फोन पर गाना सुनने में मशगूल चाचा-भतीजी ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों की मौत हो गई। चाचा अपनी भतीजी को गोद में लेकर ट्रैक के पार स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय जा रहा था जहां उसकी मां रसोइया का काम करती है।
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एसओ का कहना है कि हादसा कान में ईयर फोन लगाने के कारण हुआ है।  
बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे लोनीकटरा के पूरे बेनीसिंह गांव निवासी विमलेश (35) पुत्र शत्रोहन अपनी पांच साल की भतीजी बिट्टो पुत्री कमलेश को गोद में लेकर बीरमखेड़ा गांव के समीप रेलवे लाइन पार कर रहा था। रेलवे लाइन के पार स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में उसकी मां रसोइया के पद पर कार्यरत है। विमलेश लगभग रोज इसी समय स्कूल जाता था। गुरुवार को घर से निकलते समय उसकी भतीजी भी साथ चलने की जिद करने लगी जिस कारण उसे भी साथ लेना पड़ा।
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उसने मोबाइल से ईयर फोन अटैच कर कान में लगाया और चल पड़ा। वह भतीजी बिट्टो को गोद में उठाकर रेलवे लाइन पार कर रहा था कि इसी दौरान करीब 12 बजे तेज गति से पटना को जा रही मरुधर  एक्सप्रेस की चपेट में आ गया। हादसे को देख आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण दौड़े लेकिन तब तक चाचा-भतीजी की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों ने बताया ट्रेन के ड्राइवर ने दो बार सीटी बजाई लेकिन शायद ईयर फोन लगाने के कारण विमलेश ट्रेन की आवाज नहीं सुन सका। घटनास्थल के समीप में स्थित क्रॉसिंग के गेटमैन दीप चंद्र की सूचना पर लोनीकटरा थाना पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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रखें ख्याल
इयर फोन व सेलफोन पर बात करते हुए वाहन न चलाएं।
रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय ध्यान से देख लें कि ट्रेन तो नहीं आ रही।
आसपास से गुजरने वाले वाहनों पर भी नजर रखें।
इयर फोन पर बात करते समय रुक जाएं और बात करने के बाद ही आगे बढ़ें।

इयर फोन के जोखिम
इयरफोन लगाने से कान में बाहरी आवाज आना बंद हो जाती है, क्योंकि इयर फोन लगाने के बाद उसमें बज रहे म्यूजिक की आवाज ही कान में जाती है। तेज आवाज में बजने वाले म्यूजिक के कारण सुनने की क्षमता भी प्रभावित होती है। बाहरी आवाज कान में न जाने के कारण व्यक्ति अपनी धुन में चलता चला जाता है। यदि वो कान से इयरफोन हटा भी दे तो उसे बाहरी आवाज सुनने में अभ्यस्त होने में कुछ सेकंड लगते हैं। इसी कारण पीछे से आने वाले वाहन के बारे में वो जान नहीं पाते।
- डॉ हनसी, ईएनटी विशेषज्ञ

ट्रेन से कटकर ग्रामीण मरा
वहीं कुछ मिनट बाद पहले वाले हादसे से करीब तीन किमी दूर इसी ट्रेन की चपेट में आकर एक अन्य युवक की भी मौत हो गई। गेट मैन रवींद्र कुमार ने घटना की जानकारी जीआरपी और लोकल पुलिस को दी। लोनीकटरा क्रॉसिंग के गेटमैन कक्ष के पास हुए इस हादसे में मृत युवक की पहचान ककरी गांव निवासी गामा पुत्र बाबू के रूप में हुई। थानाध्यक्ष लोनीकटरा अरुण कुमार द्विवेदी ने बताया कि हादसे में मृत युवक की मानसिक अवस्था ठीक नहीं थी। वो अक्सर ऐसे ही घूमा करता था।

ट्रैक्टर के परखचे उड़े,  युवक ने तोड़ा दम
लोनीकटरा में लखनऊ-सुल्तानपुर मार्ग पर देर रात ट्रक से टक्कर होने पर ट्रैक्टर ट्रॉली के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में ट्रैक्टर चला रहे ईंट भट्ठे के मुंशी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद सुबह तक राजमार्ग पर जाम में सैकड़ों वाहन फंसे होने से काफी परेशानी हुई।

बुधवार देर रात लखनऊ-सुल्तानपुर मार्ग पर दहिला मोड़ के समीप लखनऊ की ओर से आ रही ट्रैक्टर ट्रॉली विपरीत दिशा को जा रहे ट्रक से टकरा गई। दोनों वाहनों के तेज गति से टकराने पर ट्रैक्टर के परखचे उड़ गए तथा उसका इंजन तक कई हिस्सों में बंट गया। पुलिस ने ट्रैक्टर चला रहे त्रिवेदीगंज निवासी मुकेश पुत्र रामफेर को मृत अवस्था में बाहर निकाला। हादसे के बाद दोनों वाहन सड़क पर ही फंसे होने से कई घंटे तक राजमार्ग बाधित रहा।


पुलिस ने ट्रक को हटवा कर मार्ग पर आवागमन बहाल किया लेकिन सुुुबह तक दोनों ओर कई किलोमीटर तक वाहन जाम में फंसे रहे। इस दौरान सुल्तानपुर मार्ग पर करीब पांच घंटे से भी अधिक समय तक राहगीरों को जाम से जूझना पड़ा।
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