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50 लाख की कर चोरी पकड़ी
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2015 11:24 PM IST
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वाणिज्यकर विभाग की टीम ने मंगलवार को फतेहपुर कस्बे में एक खाद व्यापारी के गोदाम पर छापेमारी कर 50 लाख रुपये की कर चोरी पकड़ी। अफसरों की मानें तो पांच करोड़ का टर्न ओवर वाले इस व्यवसायी के पास लाइसेंस खाद बेचने का था। जबकि, धंधा मेंथा आयल का कर रहा था। हैरत की बात यह कि दो साल से कर रहे काले कारोबार के बारे में आयकर विभाग को भनक तक नहीं लगी। टीम द्वारा मारे गए छापे की भनक लगते ही पूरे कस्बे में व्यापारी अपनी दुकानें बंद कर भाग गए।
ज्वाइंट कमिश्नर डीएन सिंह को जानकारी मिली की फतेहपुर कस्बे में एक व्यापारी ने वाणिज्य कर विभाग में अमर खाद भंडार के नाम से 2 नवंबर 2011 में पंजीकरण कराया था, लेकिन इस व्यापारी द्वारा खाद का काम न करके मेंथा आयल का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर रुही सक्सेना और डीपी साहू को मौके पर जाकर जांच पड़ताल के आदेश दिए। दोनों अधिकारियों की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मंगलवार को कस्बा स्थित व्यापारी अमर सिंह के गोदाम पर छापा मारा।
टीम ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान गोदाम में 75 ड्रम खाली पाए गए, लेकिन देखने से लग रहा था कि इनका प्रयोग मेंथा आयल को रखने के लिए किया जा रहा है। जांच के दौरान पाया गया कि इन ड्रमों से एक दो दिन के अंदर मेंथा आयल खाली किया गया है। टीम ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान कई लूज अभिलेख भी मिले हैं।
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इन अभिलेखों की जांच पड़ताल से पता चला कि व्यापारी का एक साल का टर्नओवर करीब 5 करोड़ रुपये का है और अमर सिंह द्वारा पिछले दो साल से मेंथा का कारोबार किया जा रहा है। इस तरह अब तक व्यापारी के द्वारा करीब 50 लाख की कर चोरी की गई है।
टीम ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान व्यापारी द्वारा फर्जीवाड़ा किए जाने का मामला भी पकड़ा गया है। पंजीकरण खाद विक्रेता का कराकर कारोबार मेंथा आयल का किया जा रहा था जिस पर मौके पर मिले अभिलेखों को जब्त करते हुए व्यापारी को नोटिस जारी किया गया है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खरीद दस लाख की और बिक्री 40 लाख की
डिप्टी कमिश्नर डीपी साहू ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान पाया गया कि व्यापारी का छह दिन की औसत खरीद करीब 10 लाख की और 20 दिन कि बिक्री 40 लाख की है। जांच पड़ताल के दौरान अभिलेखों में कई किसानों से मेंथा आयल की खरीद किए जाने और कई बड़े व्यापारियों को मेंथा बेचने की बात भी सामने आई है।
तीन लाख की मूंगफली भी पकड़ी
डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर पुष्पेश सिंह ने मूंगफली लदा एक ट्रक सफेदाबाद के पास रोका। डीसी ने जब चालक से कागजात मांग तो उसने जो कागजात उपलब्ध कराए जांच के दौरान उन पर जो टिन नंबर पड़ा वह था वह गलत था। इसलिए ट्रक को रोक लिया गया है और व्यापारी से संबंध स्पष्टीकरण तलब किया गया है मूंगफली की कीमत करीब तीन रुपये होगी। यदि सत्यापन के दौरान टिन नंबर सही पाया जाता है तो 45 हजार रुपया और गलत मिलता है तो 1 लाख 20 हजार रुपये तक जुर्माना किया जाएगा। ट्रक चालक आलम ने बताया कि मूंगफली वह बस्ती लेकर जा रहा था सफेदाबाद के पास से ट्रक रोका गया है।
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ज्वाइंट कमिश्नर डीएन सिंह को जानकारी मिली की फतेहपुर कस्बे में एक व्यापारी ने वाणिज्य कर विभाग में अमर खाद भंडार के नाम से 2 नवंबर 2011 में पंजीकरण कराया था, लेकिन इस व्यापारी द्वारा खाद का काम न करके मेंथा आयल का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर रुही सक्सेना और डीपी साहू को मौके पर जाकर जांच पड़ताल के आदेश दिए। दोनों अधिकारियों की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मंगलवार को कस्बा स्थित व्यापारी अमर सिंह के गोदाम पर छापा मारा।
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टीम ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान गोदाम में 75 ड्रम खाली पाए गए, लेकिन देखने से लग रहा था कि इनका प्रयोग मेंथा आयल को रखने के लिए किया जा रहा है। जांच के दौरान पाया गया कि इन ड्रमों से एक दो दिन के अंदर मेंथा आयल खाली किया गया है। टीम ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान कई लूज अभिलेख भी मिले हैं।
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इन अभिलेखों की जांच पड़ताल से पता चला कि व्यापारी का एक साल का टर्नओवर करीब 5 करोड़ रुपये का है और अमर सिंह द्वारा पिछले दो साल से मेंथा का कारोबार किया जा रहा है। इस तरह अब तक व्यापारी के द्वारा करीब 50 लाख की कर चोरी की गई है।
टीम ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान व्यापारी द्वारा फर्जीवाड़ा किए जाने का मामला भी पकड़ा गया है। पंजीकरण खाद विक्रेता का कराकर कारोबार मेंथा आयल का किया जा रहा था जिस पर मौके पर मिले अभिलेखों को जब्त करते हुए व्यापारी को नोटिस जारी किया गया है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खरीद दस लाख की और बिक्री 40 लाख की
डिप्टी कमिश्नर डीपी साहू ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान पाया गया कि व्यापारी का छह दिन की औसत खरीद करीब 10 लाख की और 20 दिन कि बिक्री 40 लाख की है। जांच पड़ताल के दौरान अभिलेखों में कई किसानों से मेंथा आयल की खरीद किए जाने और कई बड़े व्यापारियों को मेंथा बेचने की बात भी सामने आई है।
तीन लाख की मूंगफली भी पकड़ी
डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर पुष्पेश सिंह ने मूंगफली लदा एक ट्रक सफेदाबाद के पास रोका। डीसी ने जब चालक से कागजात मांग तो उसने जो कागजात उपलब्ध कराए जांच के दौरान उन पर जो टिन नंबर पड़ा वह था वह गलत था। इसलिए ट्रक को रोक लिया गया है और व्यापारी से संबंध स्पष्टीकरण तलब किया गया है मूंगफली की कीमत करीब तीन रुपये होगी। यदि सत्यापन के दौरान टिन नंबर सही पाया जाता है तो 45 हजार रुपया और गलत मिलता है तो 1 लाख 20 हजार रुपये तक जुर्माना किया जाएगा। ट्रक चालक आलम ने बताया कि मूंगफली वह बस्ती लेकर जा रहा था सफेदाबाद के पास से ट्रक रोका गया है।