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Barabanki News: बदले आरक्षण ने कई दिग्गजों के मंसूबों पर फेरा पानी
Fri, 31 Mar 2023 01:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 31 Mar 2023 01:49 AM IST
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बाराबंकी। जिले में एक नगर पालिका परिषद नवाबगंज व 13 नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण जारी हो गया है। नगर पालिका परिषद नवाबगंज की सीट दूसरी बार महिला के लिए आरक्षित रहेगी। या यूं कहा जाए कि एक बार फिर शहर की कमान महिला के हाथ में होगी। वहीं कई दिग्गज जो कई महीनों से कुर्सी पाने के लिए नेताओं और मतदाताओं के यहां चक्कर काट रहे थे, उनके मंसूबों पर पानी फिर गया है। इसमें फतेहपुर, सुबेहा, नगर पालिका परिषद नवाबगंज सीटों पर होर्डिंग, बैनर के सहारे अपनी मजबूत पकड़ दिखाने वाले नेता अब किस पर दांव लगाएंगे, इसकी कवायद तेज हो गई है।
वर्ष 2017 में हुए चुनाव में चार सीटें अनारक्षित श्रेणी में, तीन अन्य पिछड़ा वर्ग में, अनुसूचित वर्ग की महिला एक व चार सीटें महिला वर्ग के लिए आरक्षित थीं। इस बार जारी आरक्षण में नगर पालिका नवाबगंज, सिद्धौर, सतरिख, रामनगर, टिकैतनगर, बेलहरा, देवा, जैदपुर में अध्यक्ष पद के लिए कोई बदलाव नहीं हुआ है। 2022 में जारी किए गए आरक्षण में टिकैतनगर, रामसनेहीघाट व सिद्धौर को छोड़कर सभी सीटें अनारक्षित थीं।
अदालत में मामला जाने से पहले इसी आधार पर चुनाव मैदान में उतरने वाले दावेदारों ने प्रचार शुरू कर दिया था। उन्होंने पार्टी से टिकट पाने से लेकर मतदाताओं को रिझाने के लिए लाखों रुपये खर्च भी कर डाले। मामला अदालत में गया तो कुछ ठंडा पड़ा, किंतु इस दौरान भी दावेदारों ने अपना चालू रखा। वे नेताओं और मतदाताओं की चौखट पर हाजिरी लगाते रहे तो चौराहों और सड़कों पर त्योहार पर बड़ी-बड़ी होर्डिंग्स से अपनी ताकत का अहसास कराने में नही चूके। सोशल मीडिया पर भी सक्रिय कई दावेदार सुबह से रात तक लोगों को सलाम कर रहे थे।
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बृहस्पतिवार को जारी आरक्षण में कई दावेदारों की तैयारियां धरी रह गईं। फतेहपुर नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर आजादी के बाद पहली बार पिछड़ा वर्ग के लिए सीट आरक्षित हो जाने से एक ही परिवार का चला आ रहा दबदबा इस बार कायम नहीं रहेगा। नगर पालिका परिषद नवाबगंज का आरक्षण पुराना बरकरार रहने से अध्यक्ष बनने का ख्वाब संजोए कई उम्मीदवारों के मंसूबों पर पानी फिर गया।
यही हाल सुबेहा नगर पंचायत का रहा। यहां भाजपा और सपा के दिग्गज चुनाव में बाजी मारने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहे थे, मगर सीट अनुसूचित जाति के लिए होने पर मैदान से बाहर हो गए हैं। इसी तरह आरक्षण की जद से जो बच गए हैं, वह अब टिकट पाने और चुनाव जीतने के लिए कोशिश में लग गए हैं। भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस और आप जैसे राजनीतिक दल ने भी चुनाव में मजबूत और टिकाऊ प्रत्याशी की कसरत तेज कर दी है।
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वर्ष 2017 में हुए चुनाव में चार सीटें अनारक्षित श्रेणी में, तीन अन्य पिछड़ा वर्ग में, अनुसूचित वर्ग की महिला एक व चार सीटें महिला वर्ग के लिए आरक्षित थीं। इस बार जारी आरक्षण में नगर पालिका नवाबगंज, सिद्धौर, सतरिख, रामनगर, टिकैतनगर, बेलहरा, देवा, जैदपुर में अध्यक्ष पद के लिए कोई बदलाव नहीं हुआ है। 2022 में जारी किए गए आरक्षण में टिकैतनगर, रामसनेहीघाट व सिद्धौर को छोड़कर सभी सीटें अनारक्षित थीं।
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अदालत में मामला जाने से पहले इसी आधार पर चुनाव मैदान में उतरने वाले दावेदारों ने प्रचार शुरू कर दिया था। उन्होंने पार्टी से टिकट पाने से लेकर मतदाताओं को रिझाने के लिए लाखों रुपये खर्च भी कर डाले। मामला अदालत में गया तो कुछ ठंडा पड़ा, किंतु इस दौरान भी दावेदारों ने अपना चालू रखा। वे नेताओं और मतदाताओं की चौखट पर हाजिरी लगाते रहे तो चौराहों और सड़कों पर त्योहार पर बड़ी-बड़ी होर्डिंग्स से अपनी ताकत का अहसास कराने में नही चूके। सोशल मीडिया पर भी सक्रिय कई दावेदार सुबह से रात तक लोगों को सलाम कर रहे थे।
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बृहस्पतिवार को जारी आरक्षण में कई दावेदारों की तैयारियां धरी रह गईं। फतेहपुर नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर आजादी के बाद पहली बार पिछड़ा वर्ग के लिए सीट आरक्षित हो जाने से एक ही परिवार का चला आ रहा दबदबा इस बार कायम नहीं रहेगा। नगर पालिका परिषद नवाबगंज का आरक्षण पुराना बरकरार रहने से अध्यक्ष बनने का ख्वाब संजोए कई उम्मीदवारों के मंसूबों पर पानी फिर गया।
यही हाल सुबेहा नगर पंचायत का रहा। यहां भाजपा और सपा के दिग्गज चुनाव में बाजी मारने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहे थे, मगर सीट अनुसूचित जाति के लिए होने पर मैदान से बाहर हो गए हैं। इसी तरह आरक्षण की जद से जो बच गए हैं, वह अब टिकट पाने और चुनाव जीतने के लिए कोशिश में लग गए हैं। भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस और आप जैसे राजनीतिक दल ने भी चुनाव में मजबूत और टिकाऊ प्रत्याशी की कसरत तेज कर दी है।