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जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र पाने को भटक रहे परिजन
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सिद्धौर(बाराबंकी)। विकास खंड क्षेत्र की 96 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को लगभग तीन माह से मृत्यु और जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रधान, सचिव से लेकर ब्लॉक मुख्यालय तक चक्कर काटने के लिए विवश है। फिर भी उन्हें प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा है।
क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में लगभग तीन माह पूर्व जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है। परिजन मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को विवश हो रहे हैं। ग्राम प्रधान, सचिव से लेकर ब्लॉक मुख्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। पुरवा निवासी रामदीन की पत्नी सूरसती देवी की मृत्यु करीब तीन माह पूर्व हो चुकी है। इसी तरह जवाहर रग्घू की भी मृत्यु हो चुकी है। जबकि दो माह पहले लंबोवा गांव के माता प्रसाद का देहांत हो चुुका है। इनका पुत्र विरेंद्र कुमार समेत अन्य मृतकों के परिजन मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए चक्कर लगा रहा है।
इसी तरह कोठी निवासी निशा देवी अपने मृतक ससूर का मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए परेशान हैं। इस प्रकार ब्लॉक क्षेत्र के करीब सात लोगों की मृत्यु तीन माह पूर्व हो चुकी है लेकिन इनके परिजनो को आज तक मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है।
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खंड विकास अधिकारी सिद्धौर यशोवर्धन सिंह का कहना है कि लगभग तीन माह से मृत्यु और जन्म प्रमाण पत्र की साइड काम ना करने की वजह से ग्राम पंचायत सचिव ग्रामीणों को यह प्रमाण पत्र जारी नहीं कर पा रहे हैं। इसकी जानकारी जिले के उच्चाधिकारियों को भी है।
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क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में लगभग तीन माह पूर्व जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है। परिजन मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को विवश हो रहे हैं। ग्राम प्रधान, सचिव से लेकर ब्लॉक मुख्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। पुरवा निवासी रामदीन की पत्नी सूरसती देवी की मृत्यु करीब तीन माह पूर्व हो चुकी है। इसी तरह जवाहर रग्घू की भी मृत्यु हो चुकी है। जबकि दो माह पहले लंबोवा गांव के माता प्रसाद का देहांत हो चुुका है। इनका पुत्र विरेंद्र कुमार समेत अन्य मृतकों के परिजन मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए चक्कर लगा रहा है।
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इसी तरह कोठी निवासी निशा देवी अपने मृतक ससूर का मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए परेशान हैं। इस प्रकार ब्लॉक क्षेत्र के करीब सात लोगों की मृत्यु तीन माह पूर्व हो चुकी है लेकिन इनके परिजनो को आज तक मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है।
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खंड विकास अधिकारी सिद्धौर यशोवर्धन सिंह का कहना है कि लगभग तीन माह से मृत्यु और जन्म प्रमाण पत्र की साइड काम ना करने की वजह से ग्राम पंचायत सचिव ग्रामीणों को यह प्रमाण पत्र जारी नहीं कर पा रहे हैं। इसकी जानकारी जिले के उच्चाधिकारियों को भी है।