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कैश न होने पर बैंक कर्मियों को बनाया बंधक
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Tue, 13 Dec 2016 11:57 PM IST
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बैंक के बाहर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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तीन दिन के अवकाश के बाद मंगलवार को खुले बैंकों में नकदी के लिए जबरदस्त मारामारी रही। कोठी के सेमरावां में आर्यावर्त बैंक में कैश न होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने यहां के स्टाफ को बंधक बनाकर बैंक के बाहर ताला लगा दिया। तीन घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस बैंक का ताला खुलवा पाई।
इसके अलावा जिले की अधिकतर बैंक शाखाओं में नकदी पहुंची ही नहीं जिस कारण लोगों ने निराश लौटना पड़ा। जिन शाखाओं में कुछ पैसा था वहां ग्राहकों का रेला लगा था। ग्रामीण इलाकों में तो ज्यादातर बैंकों से लोगों को बिना कैश के ही लौटना पड़ा।
बैंक से नकदी न मिलने पर वापस लौट रहे ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब देता जा रहा है। दस दिन में आज चौथी बार बैंक का शटर बंद कर स्टाफ बंधक रहा। वहीं क्षेत्र में स्थित अन्य बैंकों में भी कर्मचारियों व खाताधारकों से तू-तू मैं-मैं हुयी।
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बैंक छुट्टी के तीन दिन बाद मंगलवार को कोठी थाना क्षेत्र में स्थित बैंकों में सुबह से ही पैसों के लिए भीड़ लगनी शुरू हो गई। सेमरावां के आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में मौजूद ग्रामीणों ने बताया गया कि पैसा खत्म हो गया है।
यह सुनकर यहां मौजूद पड़रावां की लालमती, राजित राम, बबक्करपुर की रामनरेश मिठाना सुनीता देवी सहित दर्जनों ग्रामीण भड़क गये और शाखा प्रबंधक पर कमीशन लेकर पैसा निकालने का आरोप लगाते हुये हंगामा करने लगे। वहां मौजूद पुलिस तमाशबीन बनी रही।
इस दौरान ग्रामीणों ने किसी की एक न सुनी और बैंक में ताला बंद कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि हम लोगों के घर में बच्चे बीमार हैं, पैसा हमारा पूरा बैंक में जमा है, इलाज कैसे कराएं। हालांकि करीब तीन घंटे के बाद लोग शांत हुए और बैंक का ताला खोला, तब वहां काम शुरू हो सका।
उधर, कस्बा कोठी में स्थित पीएनबी व ग्रामीण बैंक की शाखाओं में भी उपभोक्ताओं और बैंक कर्मचारियों में झड़पें हुईं। जिले मे अन्य कस्बों व शहर की बैंकों में भी पैसा निकालने के लिए लोग काफी मशक्कत करते रहे, कहीं किसी को पैसा मिला तो कहीं से बिना नकदी के ही लौटना पड़ा है।
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इसके अलावा जिले की अधिकतर बैंक शाखाओं में नकदी पहुंची ही नहीं जिस कारण लोगों ने निराश लौटना पड़ा। जिन शाखाओं में कुछ पैसा था वहां ग्राहकों का रेला लगा था। ग्रामीण इलाकों में तो ज्यादातर बैंकों से लोगों को बिना कैश के ही लौटना पड़ा।
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बैंक से नकदी न मिलने पर वापस लौट रहे ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब देता जा रहा है। दस दिन में आज चौथी बार बैंक का शटर बंद कर स्टाफ बंधक रहा। वहीं क्षेत्र में स्थित अन्य बैंकों में भी कर्मचारियों व खाताधारकों से तू-तू मैं-मैं हुयी।
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बैंक छुट्टी के तीन दिन बाद मंगलवार को कोठी थाना क्षेत्र में स्थित बैंकों में सुबह से ही पैसों के लिए भीड़ लगनी शुरू हो गई। सेमरावां के आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में मौजूद ग्रामीणों ने बताया गया कि पैसा खत्म हो गया है।
यह सुनकर यहां मौजूद पड़रावां की लालमती, राजित राम, बबक्करपुर की रामनरेश मिठाना सुनीता देवी सहित दर्जनों ग्रामीण भड़क गये और शाखा प्रबंधक पर कमीशन लेकर पैसा निकालने का आरोप लगाते हुये हंगामा करने लगे। वहां मौजूद पुलिस तमाशबीन बनी रही।
इस दौरान ग्रामीणों ने किसी की एक न सुनी और बैंक में ताला बंद कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि हम लोगों के घर में बच्चे बीमार हैं, पैसा हमारा पूरा बैंक में जमा है, इलाज कैसे कराएं। हालांकि करीब तीन घंटे के बाद लोग शांत हुए और बैंक का ताला खोला, तब वहां काम शुरू हो सका।
उधर, कस्बा कोठी में स्थित पीएनबी व ग्रामीण बैंक की शाखाओं में भी उपभोक्ताओं और बैंक कर्मचारियों में झड़पें हुईं। जिले मे अन्य कस्बों व शहर की बैंकों में भी पैसा निकालने के लिए लोग काफी मशक्कत करते रहे, कहीं किसी को पैसा मिला तो कहीं से बिना नकदी के ही लौटना पड़ा है।