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छटनी और प्रत्याशीवार बनेंगे 25-25 मतपत्रों के बंडल
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बाराबंकी। विधानसभा चुनाव में लगे कर्मचारियों द्वारा मत पत्रों से किए गए मतों की गिनती सबसे पहले होगी। इनकी गणना में लगे कर्मचारी सबसे पहले मतपत्रों की छंटनी और प्रत्याशीवार 25-25 के बंडल तैयार करेंगे। इसके बाद इनकी गिनती की जाएगी। फिर संबंधित प्रपत्र पर मिले मतों की संख्या दर्ज की जाएगी। 5347 कर्मचारियों ने मताधिकार का प्रयोग किया है।
कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ.आदर्श सिंह की मौजूदगी में शनिवार को मतपत्रों की गिनती में लगाए गए कर्मचारियों को प्रशिक्षण में दी गई। प्रशिक्षक आशीष पाठक और चंद्रचूड़ सिंह ने बताया कि 10 मार्च को ईवीएम की गणना से पहले पोस्टल बैलेट के मतों की गिनती अलग से लगाई गई मेजों पर की जाएगी।
प्रशिक्षण में बताया कि यदि एक डाक मतपत्र पर मत अंकित नहीं किया गया है, एक से अधिक प्रत्याशियों के पक्ष में मत डाला गया है, मतपत्र तोड़ा मोड़ा गया है कि डाक मतपत्र असली होने की पहचान नहीं स्थापित हो पा रही है, डाक मतपत्र निर्धारित लिफाफे 13 बी में नहीं वापस किया गया है तो कई अन्य ऐसी दशा में डाक मतपत्रों को अस्वीकार कर दिया जाएगा, उनकी गिनती नहीं की जाएगी।
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इसके साथ ही प्रशिक्षकों ने यह भी बताया कि प्रत्येक प्रत्याशी के पक्ष में प्राप्त कुल विधिमान्य मतों का अंकन फार्म -20 (रिजल्ट सीट) पर किया जाएगा। सभी विधिमान्य और अस्वीकृत डाक मतपत्रों के अलग-अलग बंडल बनाए जाएंगे। प्रेेक्षक और आरओ की उपस्थिति में अस्वीकृति सभी डाकमतों तथा प्रत्येक प्रत्याशी के पक्ष में गिने गए डाकमतों का एक बार फिर सत्यापन होगा। प्रशिक्षण में सभी आरओ, एडीएम, पीडी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ.आदर्श सिंह की मौजूदगी में शनिवार को मतपत्रों की गिनती में लगाए गए कर्मचारियों को प्रशिक्षण में दी गई। प्रशिक्षक आशीष पाठक और चंद्रचूड़ सिंह ने बताया कि 10 मार्च को ईवीएम की गणना से पहले पोस्टल बैलेट के मतों की गिनती अलग से लगाई गई मेजों पर की जाएगी।
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प्रशिक्षण में बताया कि यदि एक डाक मतपत्र पर मत अंकित नहीं किया गया है, एक से अधिक प्रत्याशियों के पक्ष में मत डाला गया है, मतपत्र तोड़ा मोड़ा गया है कि डाक मतपत्र असली होने की पहचान नहीं स्थापित हो पा रही है, डाक मतपत्र निर्धारित लिफाफे 13 बी में नहीं वापस किया गया है तो कई अन्य ऐसी दशा में डाक मतपत्रों को अस्वीकार कर दिया जाएगा, उनकी गिनती नहीं की जाएगी।
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इसके साथ ही प्रशिक्षकों ने यह भी बताया कि प्रत्येक प्रत्याशी के पक्ष में प्राप्त कुल विधिमान्य मतों का अंकन फार्म -20 (रिजल्ट सीट) पर किया जाएगा। सभी विधिमान्य और अस्वीकृत डाक मतपत्रों के अलग-अलग बंडल बनाए जाएंगे। प्रेेक्षक और आरओ की उपस्थिति में अस्वीकृति सभी डाकमतों तथा प्रत्येक प्रत्याशी के पक्ष में गिने गए डाकमतों का एक बार फिर सत्यापन होगा। प्रशिक्षण में सभी आरओ, एडीएम, पीडी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।