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हाईस्कूल की परीक्षा देते धरा गया मुन्ना भाई
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Thu, 16 Mar 2017 11:37 PM IST
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बोर्ड परीक्षा देते परीक्षार्थी।
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परीक्षा केंद्र रामसेवक यादव इंटर कॉलेज बड़ेल में बृहस्पतिवार को फर्जी प्रवेश पत्र दो परीक्षार्थियों को परीक्षा दिलाए जाने का मामला पकड़ा गया। इसमें हाईस्कूल में छात्र को परीक्षा देते पकड़ा गया है जबकि संशोधन प्रपत्र मिलान के दौरान इंटरमीडिएट परीक्षा का भी एक मामला संज्ञान में आया है।
दोनों छात्र वारिस चिल्ड्रेन एकेडमी इंटर कॉलेज के हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने मामले की सूचना संयुक्त निदेशक फैजाबाद, बोर्ड व जिलाधिकारी को दी है। डीआईओएस ने फर्जी प्रवेश पत्र बनाने वाले प्रधानाचार्य और दोनों छात्रों के खिलाफ नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश केंद्र व्यवस्थापक को दिए हैं।
बृहस्पतिवार को शुरू यूपी बोर्ड की परीक्षा में रामसेवक यादव इंटर कॉलेज बड़ेल केंद्र में हाईस्कूल में एक फर्जी परीक्षार्थी परीक्षा देते पकड़ा गया। जबकि इसी सेंटर पर दूसरे छात्र को परीक्षा दिलाने के लिए फर्जी प्रवेश पत्र बनाने का मामला मिला है।
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परीक्षार्थी शैलेंद्र कुमार कश्यप को रोल नंबर 1989410 आवंटित है लेकिन इनकी जगह छात्र मो. समीर पुत्र सरताज अहमद परीक्षा में दे रहा था। पर्यवेक्षक व केंद्र व्यवस्थापक ने इसकी सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक को दी। डीआईओएस ने प्रकरण की जांच के दौरान ही इंटरमीडिएट के छात्र करन सिंह का प्रवेश पत्र फर्जी पाया गया।
इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी आकाश भारती को आवंटित रोल नंबर 1531134 पर करन का प्रवेश पत्र बनाया गया है। दोनों फर्जी छात्रों का पंजीकरण वर्ष 2014 में हुआ था। लेकिन यूपी बोर्ड परीक्षा में दोनों ही परीक्षार्थी शामिल नहीं हो सके थे, जबकि मूल छात्र शैलेंद्र कुमार कश्यप व आकाश भारती का पंजीकरण वर्ष 2015 में हुआ था।
प्रधानाचार्य रघुवर दयाल द्विवेेेदी ने बताया कि नवंबर में दोनों छात्रों का संशोधन भेजा गया था, लेकिन किन कारणों से नहीं हुआ। इसकी जानकारी की जाएगी। संशोधन के सभी अभिलेख बोर्ड को भेजे गए हैं, इसके दस्तावेज डीआईओएस को दिखा कर छात्रों को परीक्षा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
फोटो संशोधन के दौरान हुआ खुलासा
रामसेवक यादव इंटर कॉलेज बड़ेल के केंद्र व्यवस्थापक डॉ. जगन्नाथ वर्मा ने बताया कि दोनों छात्रों का प्रवेश पत्र बना कर फोटो संशोधन के लिए एक दिन पूर्व भेजा था। फोटों संशोधन के लिए जब बोर्ड से आए रिकार्ड का मिलान किया गया तो प्रधानाचार्य रघुवर दयाल द्विवेदी द्वारा बनाए गए प्रवेश पत्रों में परीक्षार्थी के नाम, पिता का नाम, मां का नाम सब गलत लिखा था।
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केंद्र रामसेवक यादव इंटर कॉलेज बड़ेल पर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के दोनों छात्रों के प्रवेश पत्र फर्जी बनाए गए थे। हाईस्कूल के छात्र ने परीक्षा भी दी है। दोनों छात्रों व प्रवेश पत्र बनाने वाले प्रधानाचार्य के खिलाफ केंद्र व्यवस्थापक को रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। पूरे मामले की सूचना बोर्ड व जिलाधिकारी को दी गई है।
- रामशरण सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
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दोनों छात्र वारिस चिल्ड्रेन एकेडमी इंटर कॉलेज के हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने मामले की सूचना संयुक्त निदेशक फैजाबाद, बोर्ड व जिलाधिकारी को दी है। डीआईओएस ने फर्जी प्रवेश पत्र बनाने वाले प्रधानाचार्य और दोनों छात्रों के खिलाफ नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश केंद्र व्यवस्थापक को दिए हैं।
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बृहस्पतिवार को शुरू यूपी बोर्ड की परीक्षा में रामसेवक यादव इंटर कॉलेज बड़ेल केंद्र में हाईस्कूल में एक फर्जी परीक्षार्थी परीक्षा देते पकड़ा गया। जबकि इसी सेंटर पर दूसरे छात्र को परीक्षा दिलाने के लिए फर्जी प्रवेश पत्र बनाने का मामला मिला है।
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परीक्षार्थी शैलेंद्र कुमार कश्यप को रोल नंबर 1989410 आवंटित है लेकिन इनकी जगह छात्र मो. समीर पुत्र सरताज अहमद परीक्षा में दे रहा था। पर्यवेक्षक व केंद्र व्यवस्थापक ने इसकी सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक को दी। डीआईओएस ने प्रकरण की जांच के दौरान ही इंटरमीडिएट के छात्र करन सिंह का प्रवेश पत्र फर्जी पाया गया।
इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी आकाश भारती को आवंटित रोल नंबर 1531134 पर करन का प्रवेश पत्र बनाया गया है। दोनों फर्जी छात्रों का पंजीकरण वर्ष 2014 में हुआ था। लेकिन यूपी बोर्ड परीक्षा में दोनों ही परीक्षार्थी शामिल नहीं हो सके थे, जबकि मूल छात्र शैलेंद्र कुमार कश्यप व आकाश भारती का पंजीकरण वर्ष 2015 में हुआ था।
प्रधानाचार्य रघुवर दयाल द्विवेेेदी ने बताया कि नवंबर में दोनों छात्रों का संशोधन भेजा गया था, लेकिन किन कारणों से नहीं हुआ। इसकी जानकारी की जाएगी। संशोधन के सभी अभिलेख बोर्ड को भेजे गए हैं, इसके दस्तावेज डीआईओएस को दिखा कर छात्रों को परीक्षा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
फोटो संशोधन के दौरान हुआ खुलासा
रामसेवक यादव इंटर कॉलेज बड़ेल के केंद्र व्यवस्थापक डॉ. जगन्नाथ वर्मा ने बताया कि दोनों छात्रों का प्रवेश पत्र बना कर फोटो संशोधन के लिए एक दिन पूर्व भेजा था। फोटों संशोधन के लिए जब बोर्ड से आए रिकार्ड का मिलान किया गया तो प्रधानाचार्य रघुवर दयाल द्विवेदी द्वारा बनाए गए प्रवेश पत्रों में परीक्षार्थी के नाम, पिता का नाम, मां का नाम सब गलत लिखा था।
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केंद्र रामसेवक यादव इंटर कॉलेज बड़ेल पर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के दोनों छात्रों के प्रवेश पत्र फर्जी बनाए गए थे। हाईस्कूल के छात्र ने परीक्षा भी दी है। दोनों छात्रों व प्रवेश पत्र बनाने वाले प्रधानाचार्य के खिलाफ केंद्र व्यवस्थापक को रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। पूरे मामले की सूचना बोर्ड व जिलाधिकारी को दी गई है।
- रामशरण सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक