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टूटकर धंस गई कटका नाले की छत
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सिरौलीगौसपुर (बाराबंकी)। कटका नाले पर पाइप युक्त बनाए गए वाटर ब्रिज की छत कई स्थानों पर टूटकर नीचे की ओर धंस गई है। इससे राहगीरों व किसानों को अपने खेतों में खेती के उपकरण लाने ले जाने में दिक्कतें आ रही हैं।
संपर्क मार्ग कटका से तब्बकलपुर जाने वाले मार्ग पर कटका नाले पर बाढ़ खंड द्वारा करीब एक दर्जन के आसपास सीमेंटेड पाइपों को डालकर वाटर ब्रिज का निर्माण किया गया था। इसमें मानकों की अनदेखी करके जैसे-तैसे छत का निर्माण कर दिया गया था। अब इसका आलम यह है कि जगह-जगह से छत टूटकर नीचे की ओर धसना प्रारंभ हो गई है।
ब्रिज के ऊपर कई स्थानों पर पांच से छह फीट के गड्ढे बन गए हैं। इससे किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉली, पंपिंग सेट, बैलगाड़ी व अन्य उपकरणों को अपने खेतों तक लाने ले जाने में दिक्कतें आ रही हैं। इसी मार्ग से बरदरी गांव में बने चौधरी चरण सिंह महाविद्यालय व मरकामऊ की बाजार को प्रतिदिन हजारों ग्रामीण तथा छात्र-छात्राएं गुजरते हैं।
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उन्हें आवागमन में दिक्कतें हो रही है। वहीं अधिकारी इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीण राम कुमार, राजेश कुमार, दीनानाथ, सत्येंद्र कुमार, राजेंद्र प्रसाद, शिवमंगल, जगन्नाथ आदि ने उक्त पुल की मरम्मत कराने की शासन से मांग की है। संवाद
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संपर्क मार्ग कटका से तब्बकलपुर जाने वाले मार्ग पर कटका नाले पर बाढ़ खंड द्वारा करीब एक दर्जन के आसपास सीमेंटेड पाइपों को डालकर वाटर ब्रिज का निर्माण किया गया था। इसमें मानकों की अनदेखी करके जैसे-तैसे छत का निर्माण कर दिया गया था। अब इसका आलम यह है कि जगह-जगह से छत टूटकर नीचे की ओर धसना प्रारंभ हो गई है।
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ब्रिज के ऊपर कई स्थानों पर पांच से छह फीट के गड्ढे बन गए हैं। इससे किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉली, पंपिंग सेट, बैलगाड़ी व अन्य उपकरणों को अपने खेतों तक लाने ले जाने में दिक्कतें आ रही हैं। इसी मार्ग से बरदरी गांव में बने चौधरी चरण सिंह महाविद्यालय व मरकामऊ की बाजार को प्रतिदिन हजारों ग्रामीण तथा छात्र-छात्राएं गुजरते हैं।
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उन्हें आवागमन में दिक्कतें हो रही है। वहीं अधिकारी इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीण राम कुमार, राजेश कुमार, दीनानाथ, सत्येंद्र कुमार, राजेंद्र प्रसाद, शिवमंगल, जगन्नाथ आदि ने उक्त पुल की मरम्मत कराने की शासन से मांग की है। संवाद