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UP: 'निशांत की प्रताड़ना से तंग आ गई हूं, अब नहीं लौटूंगी...', 18 दिन बाद घर से 60KM दूर मिली लाश; पुलिस हैरान
Mon, 05 Jan 2026 03:33 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 05 Jan 2026 03:33 PM IST
सार
सीतापुर से लापता बीबीए की छात्रा का शव 18 दिन बाद बाराबंकी में मिल गया है। युवक की प्रताड़ना से तंग होकर छात्रा ने खुदकुशी कर ली थी। बैग में मिले सुसाइड नोट में छात्रा ने लिखा था कि अब नहीं लौटूंगी।
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BBA student body
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
सीतापुर से 15 दिसंबर को लापता बीबीए की छात्रा महकप्रीत कौर (16) का शव 60 किमी दूर बाराबंकी जिले के फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र में नहर से मिला। पिता का आरोप है कि निशांत नाम के युवक की प्रताड़ना से तंग आकर बेटी ने नहर में कूदकर जान दी है। सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महकप्रीत की मौत डूबने से बताई गई है। शरीर पर चोट या हमले के निशान नहीं मिले हैं।
सीतापुर जिले के बिसवा क्षेत्र के नेवराजपुर निवासी किसान सरदार जगदीप सिंह की तीन बेटियां हैं। बड़ी महकप्रीत कौर सीतापुर शहर के एक कॉलेज में बीबीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। स्वभाव से आत्मनिर्भर महकप्रीत खुद बाइक से कॉलेज जाती थी।
परिजनों के अनुसार, 15 दिसंबर को वह कॉलेज के लिए निकली, लेकिन शाम तक नहीं लौटी। पिता ने बिसवा कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। 16 दिसंबर को सीतापुर में शारदा सहायक नहर पटरी से महकप्रीत की बाइक व बैग मिला।
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बैग में सुसाइड नोट भी था, जिसमें लिखा था... निशांत की प्रताड़ना से तंग आ गई हूं। अब नहीं लौटूंगी...। एक जनवरी को बाराबंकी के फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के जरखा गांव के पास नहर पुल के नीचे शव बरामद हुआ।
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सीतापुर जिले के बिसवा क्षेत्र के नेवराजपुर निवासी किसान सरदार जगदीप सिंह की तीन बेटियां हैं। बड़ी महकप्रीत कौर सीतापुर शहर के एक कॉलेज में बीबीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। स्वभाव से आत्मनिर्भर महकप्रीत खुद बाइक से कॉलेज जाती थी।
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परिजनों के अनुसार, 15 दिसंबर को वह कॉलेज के लिए निकली, लेकिन शाम तक नहीं लौटी। पिता ने बिसवा कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। 16 दिसंबर को सीतापुर में शारदा सहायक नहर पटरी से महकप्रीत की बाइक व बैग मिला।
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बैग में सुसाइड नोट भी था, जिसमें लिखा था... निशांत की प्रताड़ना से तंग आ गई हूं। अब नहीं लौटूंगी...। एक जनवरी को बाराबंकी के फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के जरखा गांव के पास नहर पुल के नीचे शव बरामद हुआ।
पैंट, शर्ट, बेल्ट और पगड़ी पहने होने के कारण पुलिस ने उसे युवक मानकर शव को मेल श्रेणी में पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। शनिवार को फतेहपुर पुलिस ने सीतापुर में लापता महकप्रीत की तस्वीर देखी, तो संदेह हुआ। इसके बाद परिजनों और सीतापुर पुलिस को सूचना दी गई।
रविवार को पिता ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शव की शिनाख्त बेटी के रूप में की। पिता के अनुसार निशांत नाम का युवक बेटी को परेशान कर रहा था। यह बात महकप्रीत ने छोटी बहन सहजप्रीत को बताई थी। बेटी ने बदनामी के डर से जान दे दी।
पिता ने पुलिस पर उठाए सवाल
महकप्रीत कौर की बाइक घर से करीब 12 किमी दूर बरामद हुई थी, जिस नहर में शव मिला वह पानी से भरी है। पिता का उनका आरोप है कि सीतापुर पुलिस ने अपनी सीमा में औपचारिक तलाश तो की, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। 16 दिसंबर को बाइक मिलने के बाद 17 दिसंबर को पुलिस एक युवक को पकड़कर लाई। पूछताछ में दूसरे युवक का नाम भी सामने आया, लेकिन बाद में दोनों को छोड़ दिया गया।
महकप्रीत कौर की बाइक घर से करीब 12 किमी दूर बरामद हुई थी, जिस नहर में शव मिला वह पानी से भरी है। पिता का उनका आरोप है कि सीतापुर पुलिस ने अपनी सीमा में औपचारिक तलाश तो की, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। 16 दिसंबर को बाइक मिलने के बाद 17 दिसंबर को पुलिस एक युवक को पकड़कर लाई। पूछताछ में दूसरे युवक का नाम भी सामने आया, लेकिन बाद में दोनों को छोड़ दिया गया।
छात्रा के लापता होने की रिपोर्ट सीतापुर में दर्ज है। है। वहां की पुलिस जांच कर रही है, जिसमें बाराबंकी पुलिस पूरा सहयोग कर रही है। - अर्पित विजयवर्गीय, एसपी बाराबंकी