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Barabanki: लोगों को फंसाकर साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे बैंक खाते, 19 से 20 साल के तीन आरोपी गिरफ्तार
Mon, 06 Apr 2026 08:58 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Mon, 06 Apr 2026 08:58 PM IST
सार
गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनका बैंक खाता खुलवाया। इसके बाद आरोपियों ने पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। मामले की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
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गिरफ्तार किए गए आरोपी।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर भोले-भाले लोगों को फंसाकर उनके बैंक खाते साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का पर्दाफाश पुलिस ने किया है। शहर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर 19 से 20 साल के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि महाराष्ट्र के पुणे में बैठे मास्टरमाइंड की तलाश तेज कर दी गई है। अब तक 16 खातों के दुरुपयोग का खुलासा हो चुका है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के गोकुलपुर सैनी गांव निवासी चंद्रदीप की शिकायत पर यह पूरा मामला सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि लक्ष्मण पुरी कॉलोनी निवासी वैभव सिंह, देवा के मजीबपुर निवासी आलोक शर्मा और सतरिख क्षेत्र के करखा निवासी अभिषेक कुमार ने सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनका बैंक खाता खुलवाया। इसके बाद आरोपियों ने पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। कुछ समय बाद जब खाते में संदिग्ध लेनदेन शुरू हुआ, तब ठगी का एहसास हुआ। शहर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
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आरोपी युवक लालच देकर उनके बैंक खाते खुलवाते थे। खातों में फर्जी मोबाइल नंबर लिंक कर देते थे। फिर इन खातों को म्यूल खाते के रूप में साइबर अपराधियों को सौंप देते थे। जांच में सामने आया कि यह गिरोह महाराष्ट्र के पुणे में बैठे एक शातिर व्यक्ति से टेलीग्राम के जरिए जुड़ा था।
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शातिरों द्वारा हर खाते के बदले युवकों को करीब 15,000 रुपये दिए जाते हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही इस पूरे नेटवर्क के सरगना तक पहुंचने के लिए पुलिस की टीमें महाराष्ट्र में सक्रिय हो गई हैं।