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शहीद दिवस पर याद किए गए बापू
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jan 2016 11:47 PM IST
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महात्मा गांधी ने दलितों के साथ हो रहे शोषण के खिलाफ आवाज उठाते हुए उनके हक की लड़ाई को लड़ा। बापू बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर को बहुत चाहते थे। उन्होंने ही बाबा साहब को संविधान सभा की समिति में शामिल कराया जिससे वह भारतीय संविधान के सूत्रधार बने।
यह विचार गांधी भवन परिसर में महात्मा गांधी के 69वें शहीद दिवस पर गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट द्वारा आयोजित शांति प्रार्थना सभा एवं व्याख्यान माला में मुख्य अतिथि व राज्यसभा सदस्य डॉ. पीएल पुनिया ने व्यक्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत राम धुन से हुई। इसके बाद शांति प्रार्थना सभा के बाद डॉ. पीएल पुनिया व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रमाशंकर सिंह ने गांधी प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा के संयोजक एवं गांधीवादी चिंतक राजनाथ शर्मा ने कहा कि बापू के विचारों को मानने वालों का आज अभाव हो रहा है। युवाओं में राजनीतिक चेतना तो बढ़ी है लेकिन सामाजिक गिरावट के चलते उनमें कुछ सीखने और संघर्ष करने की क्षमता में तेजी से कमी आयी है। उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम के निदेशक इजहार हुसैन ने कहा कि गोडसे ने गांधी जी की हत्या तो की थी लेकिन वह उनके विचारों को नहीं मार पाया।
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यह विचार गांधी भवन परिसर में महात्मा गांधी के 69वें शहीद दिवस पर गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट द्वारा आयोजित शांति प्रार्थना सभा एवं व्याख्यान माला में मुख्य अतिथि व राज्यसभा सदस्य डॉ. पीएल पुनिया ने व्यक्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत राम धुन से हुई। इसके बाद शांति प्रार्थना सभा के बाद डॉ. पीएल पुनिया व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रमाशंकर सिंह ने गांधी प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
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सभा के संयोजक एवं गांधीवादी चिंतक राजनाथ शर्मा ने कहा कि बापू के विचारों को मानने वालों का आज अभाव हो रहा है। युवाओं में राजनीतिक चेतना तो बढ़ी है लेकिन सामाजिक गिरावट के चलते उनमें कुछ सीखने और संघर्ष करने की क्षमता में तेजी से कमी आयी है। उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम के निदेशक इजहार हुसैन ने कहा कि गोडसे ने गांधी जी की हत्या तो की थी लेकिन वह उनके विचारों को नहीं मार पाया।
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