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बैंकों में भीड़ बेकाबू, कैश के लिए हाथापाई
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Wed, 16 Nov 2016 12:21 AM IST
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शहर के नोट बंद होने के बाद एसबीआई एटीएम के बाहर मोदी द्वारा लिए फैसले का स्वागत करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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500 और एक हजार के नोट बंद होने के स्थित बेकाबू होती जा रही है। एक दिन के अवकाश के बाद मंगलवार को खुले बैंकों के बाहर सुबह से ही लंबी लाइन लग गई। जिले के एटीम खाली होने के बाद सारा जोर बैंक शाखाओं पर पड़ रहा है। हालात ऐसे की कई हाथापाई हो गई तो कई जगह लोगों को अभद्रता का सामना करना पड़ा।
पुराने नोट जमा कर नए पाने के लिए शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में लोग पूरे दिन लाइन में लगे रहे। नोट पाने वालों में महिलाओं से लेकर युवा व बुजुर्ग भी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। इस दौरान बैंकों के आस पास सुरक्षा के लिए लगाए गए पुलिस कर्मी नाकाफी साबित हो रहे है।
नोट बदलने और निकासी करने के लिए विभिन्न बैंकों में लाइन में लगे लोगों के बीच जगह जगह पर विवाद होते रहे। सिविल लाइन स्थित कैनरा के बाहर सीढ़ियोें पर चढ़ने को लेकर बंकी निवासी राजेश और एक अन्य युवक में हाथापाई हो गई। दोनों को गुत्थमगुत्था देख लाइन में लगे लोगों ने फायदा उठाया और जल्दी से आगे बढ़ गए।
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तब इन दोनों को युवकों को समझ में आया और लड़ाई छोड़ फिर लाइन में लग गए। इसके अलावा शहर के सभी बैंकों में अंदर घुसने के लिए गार्ड से खूब कहासुनी हुई। बैंक आफ बड़ौदा में महिला और पुरुष एक लाइन थी। करीब 11 बजे एक महिला ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो लाइन में लगे लोग अभद्रता करने लगे जिससे वह फिर लाइन में खड़ी हो गई।
कहीं कोई बैंक कर्मी से झगड़ने का प्रयास कर रहा था तो कहीं लाइन मेें लगे लोग आपस में ही उलझ रहे थे। आखिर ऐसा होना भी लाजिमी है सुबह से लाइन में लगने के बाद जब घंटो तक पैसे नहीं मिल रहे है तो लोग अपना धैर्य खोकर आपस में ही विवाद करने के लिए मजबूर हो रहे है।
बैंकों में पैसा निकालने के लिए महिलाओं की भीड़ में भी इजाफा हो रहा है। मंगलवार को सुबह से ही शहर के अधिकांश बैंकों में पुरूषों के साथ साथ महिलाओं की भीड़ लगी रही। पैसा निकालने के लिए लाइन में लगी कामिनी सिंह, कंचन कुमारी, रीतू गुप्ता, आकांक्षा, सुनीता आदि ने कहा कि जब पैसा होगा तो ही घर का खर्चा चल सकेगा इसीलिए हम सभी लोग पैसा निकालने के लिए सुबह से ही लाइन में लगे हुए है।
अल्पसंख्यक महिलाएं भी भारी संख्या में बैंकोें तक पहुंचकर लाइन लगकर पैसा निकालने का काम कर रही है। जिले के प्रमुख डाकघर व कई बैंकोें में मंगलवार की दोपहर बाद से ही कैश खतम हो गया। ऐसे में यहां पर पैसे को जमा तो किया गया लेकिन किसी को नया रुपया नहीं दिया जा सका।
कई बैंकों में घंटो तक लाइन में लगे लोग निराश ही वापस लौटे। ग्रामीण इलाके में लोगों को इस तरह की दिक्कतों से सबसे ज्यादा जूझना पड़ रहा है। तमाम कोशिशोें के बाद भी बैंकोें की व्यवस्थाओं में सुधार न होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बैंकों में पैसा लेने के लिए उमड़ रही भीड़ के आगे पुलिस की सुरक्षा नाकाफी साबित हो रही है। घोसियाना स्थित केनरा बैंक में मंगलवार को इतनी भीड़ उमड़ी कि यहां पूरे दिन लोग आपस में ही विवाद करते रहे। इस दौरान यहां पुलिस नदारद दिखी। ऐसे में भले ही पुलिस अधिकारी बैंकों के आसपास सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती की बात कह रहे हो, लेकिन पुलिस होने से कहीं कोई खास असर नहीं दिखाई पड़ रहा है।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में दर्जनों लोग ऐसे है जिनके पास लाखों की नकदी है। ऐसे में केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार वह अपने पैसे बैंक में जमा करने से घबरा रहे है। अब ऐसे लोग तरह तरह के जुगाड़ लगाकर नकदी को बैंक में जमा कराने का प्रयास कर रहे है।
चर्चा यह भी की जा रही है कि ग्रामीण इलाके के लोगों को मजदूरों की आईडी का इस्तेमाल कर कैश बैंक तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं पैसे देकर लाइन मेें भी मजदूर लगाए जा रहे है। हालांकि ऐसा कोई मामला अभी तक पुलिस पकड़ में नहीं आ सका है।
पुराने नोट बदलने के लिए जैदपुर में संचालित बैंकों में ब्रांच मैनेजर द्वारा चेहरों को देखकर काम करने का आरोप लाइन में लगे लोग लगा रहें हैं। मंगलवार को पीएनबी बैंक दिन के साढे़ तीन बजे ही बंद कर दी गई। जबकि चार बजे तक बैक का गेट खुलने का आदेश है।
वहीं, आईसीआईसीआई बैंक के ब्रांच मैनेजर अपने खाता धारकों के पैसे पहले बदलेन व जमा करने की बात कहकर आम आदमी को वापस लौटाते रहे। जबकि अपने परिचित लोगाें व ड्यूटी पर मौजूद सिपाहियों का काम देर शाम तक करते नजर आए। खुशहालपुर में स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक सिर्फ पैसा जमा होने से क्षेत्र के ग्रहक परेशान हैं।
वहीं कस्बे में स्थित डाकखाने में किसी प्रकार का लेनेदेन नियमित नही होने से लोगों में नाराजगी है। कस्बे के बाजार में स्थित इण्डियन ओवसीज बैंक में ग्राहकों को काम बहुत धीमी गाति से होने से ग्रहक परेशान है। नगर पंचायत चेयरमैन रियाज अहमद का कहना है कि यदि ऐसा हो रहा है तो इस बारे में डीएम से शिकायत होगी।
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पुराने नोट जमा कर नए पाने के लिए शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में लोग पूरे दिन लाइन में लगे रहे। नोट पाने वालों में महिलाओं से लेकर युवा व बुजुर्ग भी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। इस दौरान बैंकों के आस पास सुरक्षा के लिए लगाए गए पुलिस कर्मी नाकाफी साबित हो रहे है।
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नोट बदलने और निकासी करने के लिए विभिन्न बैंकों में लाइन में लगे लोगों के बीच जगह जगह पर विवाद होते रहे। सिविल लाइन स्थित कैनरा के बाहर सीढ़ियोें पर चढ़ने को लेकर बंकी निवासी राजेश और एक अन्य युवक में हाथापाई हो गई। दोनों को गुत्थमगुत्था देख लाइन में लगे लोगों ने फायदा उठाया और जल्दी से आगे बढ़ गए।
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तब इन दोनों को युवकों को समझ में आया और लड़ाई छोड़ फिर लाइन में लग गए। इसके अलावा शहर के सभी बैंकों में अंदर घुसने के लिए गार्ड से खूब कहासुनी हुई। बैंक आफ बड़ौदा में महिला और पुरुष एक लाइन थी। करीब 11 बजे एक महिला ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो लाइन में लगे लोग अभद्रता करने लगे जिससे वह फिर लाइन में खड़ी हो गई।
कहीं कोई बैंक कर्मी से झगड़ने का प्रयास कर रहा था तो कहीं लाइन मेें लगे लोग आपस में ही उलझ रहे थे। आखिर ऐसा होना भी लाजिमी है सुबह से लाइन में लगने के बाद जब घंटो तक पैसे नहीं मिल रहे है तो लोग अपना धैर्य खोकर आपस में ही विवाद करने के लिए मजबूर हो रहे है।
बैंकों में पैसा निकालने के लिए महिलाओं की भीड़ में भी इजाफा हो रहा है। मंगलवार को सुबह से ही शहर के अधिकांश बैंकों में पुरूषों के साथ साथ महिलाओं की भीड़ लगी रही। पैसा निकालने के लिए लाइन में लगी कामिनी सिंह, कंचन कुमारी, रीतू गुप्ता, आकांक्षा, सुनीता आदि ने कहा कि जब पैसा होगा तो ही घर का खर्चा चल सकेगा इसीलिए हम सभी लोग पैसा निकालने के लिए सुबह से ही लाइन में लगे हुए है।
अल्पसंख्यक महिलाएं भी भारी संख्या में बैंकोें तक पहुंचकर लाइन लगकर पैसा निकालने का काम कर रही है। जिले के प्रमुख डाकघर व कई बैंकोें में मंगलवार की दोपहर बाद से ही कैश खतम हो गया। ऐसे में यहां पर पैसे को जमा तो किया गया लेकिन किसी को नया रुपया नहीं दिया जा सका।
कई बैंकों में घंटो तक लाइन में लगे लोग निराश ही वापस लौटे। ग्रामीण इलाके में लोगों को इस तरह की दिक्कतों से सबसे ज्यादा जूझना पड़ रहा है। तमाम कोशिशोें के बाद भी बैंकोें की व्यवस्थाओं में सुधार न होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बैंकों में पैसा लेने के लिए उमड़ रही भीड़ के आगे पुलिस की सुरक्षा नाकाफी साबित हो रही है। घोसियाना स्थित केनरा बैंक में मंगलवार को इतनी भीड़ उमड़ी कि यहां पूरे दिन लोग आपस में ही विवाद करते रहे। इस दौरान यहां पुलिस नदारद दिखी। ऐसे में भले ही पुलिस अधिकारी बैंकों के आसपास सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती की बात कह रहे हो, लेकिन पुलिस होने से कहीं कोई खास असर नहीं दिखाई पड़ रहा है।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में दर्जनों लोग ऐसे है जिनके पास लाखों की नकदी है। ऐसे में केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार वह अपने पैसे बैंक में जमा करने से घबरा रहे है। अब ऐसे लोग तरह तरह के जुगाड़ लगाकर नकदी को बैंक में जमा कराने का प्रयास कर रहे है।
चर्चा यह भी की जा रही है कि ग्रामीण इलाके के लोगों को मजदूरों की आईडी का इस्तेमाल कर कैश बैंक तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं पैसे देकर लाइन मेें भी मजदूर लगाए जा रहे है। हालांकि ऐसा कोई मामला अभी तक पुलिस पकड़ में नहीं आ सका है।
पुराने नोट बदलने के लिए जैदपुर में संचालित बैंकों में ब्रांच मैनेजर द्वारा चेहरों को देखकर काम करने का आरोप लाइन में लगे लोग लगा रहें हैं। मंगलवार को पीएनबी बैंक दिन के साढे़ तीन बजे ही बंद कर दी गई। जबकि चार बजे तक बैक का गेट खुलने का आदेश है।
वहीं, आईसीआईसीआई बैंक के ब्रांच मैनेजर अपने खाता धारकों के पैसे पहले बदलेन व जमा करने की बात कहकर आम आदमी को वापस लौटाते रहे। जबकि अपने परिचित लोगाें व ड्यूटी पर मौजूद सिपाहियों का काम देर शाम तक करते नजर आए। खुशहालपुर में स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक सिर्फ पैसा जमा होने से क्षेत्र के ग्रहक परेशान हैं।
वहीं कस्बे में स्थित डाकखाने में किसी प्रकार का लेनेदेन नियमित नही होने से लोगों में नाराजगी है। कस्बे के बाजार में स्थित इण्डियन ओवसीज बैंक में ग्राहकों को काम बहुत धीमी गाति से होने से ग्रहक परेशान है। नगर पंचायत चेयरमैन रियाज अहमद का कहना है कि यदि ऐसा हो रहा है तो इस बारे में डीएम से शिकायत होगी।