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बैंक-बस सब बंद, जनता बेहाल

Wed, 02 Sep 2015 11:15 PM IST
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 02 Sep 2015 11:15 PM IST
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रोड सेफ्टी एक्ट, श्रम कानून में संशोधन और कर्मचारियों की मांगों को लेकर ट्रेड यूनियन की अपील पर बुधवार को बैंक, परिवहन, पोस्ट ऑफिस, बीएसएनएल और एलआईसी के कर्मचारियों के हड़ताल से लोगों को जबरदस्त परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले में 128 अनुबंधित बसों के न चलने से यात्रियों को निजी डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। निजी वाहन चालकों ने दोगुने किराए लेकर क्षमता से अधिक सवारियों को ढोया।
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वहीं, स्टेट बैंक और बैंक ऑफ इंडिया को छोड़कर सभी बैंकों में कामकाज ठप रहा। इससे लगभग 15 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों ने भी सुबह से कार्यालय में ताला लगा धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिससे स्पीड पोस्ट करने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई।
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दूसरी तरफ बीएसएनएल कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से नेटवर्क पर तो असर नहीं पड़ा, लेकिन फोन का बिल जमा करने वालों को वापस लौटना पड़ा।
बैंक हड़ताल से 15 करोड़ कारोबार प्रभावित

बैंकों से निराश लौटे ग्राहक
बाराबंकी। सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के विरोध और बैंक कर्मियों के हितों की अनदेखी किए जाने के विरोध में बुुधवार को बैंक यूनियन एआईबीईए के पदाधिकारियों ने हड़ताल किया जिसके चलते जनपद के केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल बैंक, एलआईसी, डाकखाना, यूको बैंक, देना बैंक, आईडीबीआई आदि बैंक बंद रहे। सैकड़ों की तादाद में उपभोक्ता आए और बैंकों में लटका ताला देख कर निराश लौट गए। इसमें कई बुजुर्ग व निशक्त भी रहे।
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कुछ बैंक सुबह खुले भी तो हड़ताल को सफल बनाने के लिए एआईबीईए यूनियन के पदाधिकारियों ने बैंकों में पहुंच कर कामकाज बंद कराया। इससे इन सभी बैंकों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। केनरा बैंक के अधिकारी व कर्मचारी भी दोपहर में बैंक पूरी तरह बंद कर नोटिस चस्पा कर चले गए। बैंकों के बंद रहने से कारोबार व वित्तीय लेनदेन प्रभावित रहा, लेकिन स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और ग्रामीण बैंकों के खुले होने के कारण लोगों को कुछ राहत रही।

वर्जन
अपनी मांगों के समर्थन में एआईबीईए यूनियन की हड़ताल रही। जिससे कई बैंक बंद रहे। बैंकों के बंद रहने से कारोबार भी प्रभावित हुआ है। लेकिन कई बैंकों में कामकाज हुआ है। बैंकों की बंदी के चलते करीब 15 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है।
- आरएस भदौरिया, एलडीएम।

बसों का चक्का जाम, डग्गामारों की चांदी
रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल 2014 के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने बुधवार को जिले की सभी 128 बसों का चक्का जाम कर दिया। जिससे यात्रियों को पूरे दिन भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा । मजबूरी में डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा।

टैक्सी चालकों ने यात्रियों से मनमानी वसूली भी की। हड़ताल से परिवहन निगम को करीब आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। टैक्सी चालक यात्रियों से ज्यादा वसूली की और तादाद से ज्यादा सवारियां ढोते रहे। देर शाम को बसों का संचालन धीरे-धीरे शुरू हुआ। वहीं डिपो के छह कर्मचारियों पर कार्य न करने पर विभाग द्वारा शांति भंग की कार्रवाई की गई और 7 वाहन मालिकों पर एस्मा के तहत कार्रवाई की गई है।

जो कर्मचारी बुधवार को ड्यूटी से गैरहाजिर हैं उनका एक दिन का वेतन काटा जाएगा और जिस वाहन स्वामी का वाहन हड़ताल में शामिल होगा उससे प्रतिदिन के हिसाब से उतने किलोमीटर की रिकवरी की जाएगी। पूरे दिन 128 बसों के बंद रहने से विभाग को करीब आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 7 वाहन मालिकों पर एस्मा के तहत कार्रवाई की गई है
- आरएस वर्मा, एआरएम

डाक विभाग की एक दिवसीय हड़ताल
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुुसार बुधवार को  डाक विभाग की नेशनल यूनियन पोस्टल इप्लाईज व आल इंडिया पोस्टल इंप्लाईज यूनियन के संयुुक्त बैनर तले प्रधान  डाकघर व मंडल के समस्त डाकघर के कर्मचारियों द्वारा एक दिवसीय संपूर्ण हड़ताल की गई।

जिसमें कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में नारेबाजी कर प्रशासन को कर्मचारी की एकजुटता से अवगत कराया। हड़ताल के कारण प्रधान डाकघर व मंडल के सभी उपडाकघर पूरी तरह से बंद रहे व कोई भी जन कार्य नहीं हो सका।

एलआईसी कार्यालय में भी काम काज रहा ठप
भारतीय जीवन बीमा निगम शाखा बाराबंकी के कर्मचारियों ने केंद्रीय श्रम कानून में संशोधन, बदलाव व अन्य मांगों  को लेकर सरकार के अड़ियल रवैये के कारण केंद्रीय श्रम संगठनों के समर्थन में एक दिवसीय हड़ताल की।

कर्मचारियों ने सरकार के मजदूर विरोधी रवैया, न्यूनतम मजदूरी, बोनस की सीमा बढ़ाने, पेंशन को 1995 से लागू करने समेत आदि मांगों का समर्थन किया। इस मौके पर प्रकाश तिवारी, राजेश कुुमार, सुरेंद्र कुमार, डीके सिंह, राकेश, श्याम मनोहर आदि मौजूद रहे।

काली पट्टी बांध शिक्षकों ने जताया विरोध
पुरानी पेंशन योजना की बहाली समेत कई मांगों को लेकर बुधवार को शिक्षकों ने काली पट्टी बांध कर नेशनल इंटर कॉलेज में धरना दिया। शिक्षकों के धरने से कॉलेजों में पढ़ाई नहीं हो सकी।
 
कर्मचारी ट्रेड यूनियन व शिक्षक महासंघ ने अप्रैल 2005 के बाद बंद की गई पुरानी पेंशन योजना की फिर से बहाली समेत शिक्षक हितों की कई मांगों को पूरा नहीं किए जाने के विरोध में एक दिवसीय धरना की घोषणा की थी। जिसके चलते नेशनल इंटर कॉलेज में बुधवार को शिक्षकों ने काली पट्टी बांध कर हड़ताल में भाग लिया और कॉलेज में धरना दिया।


 शिक्षकों ने कहा कि जब तक उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं किया जाता, यह संघर्ष जारी रहेगा। बाद में शिक्षकों ने शिक्षा निदेशक को संबोधित एक मांगपत्र प्रधानाचार्य रामकुमार गिरि को सौंपा। धरने को आशीष पाठक, त्रिभुवन सिंह, मनोज सिंह, मो. कयूम, गिरि दीक्षित, बसंत कुमार, पंकज गुप्ता, स्वामी सरन, सुधी जैन, अखंड प्रताप, रामू मौर्या आदि ने संबोधित किया।
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