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तीन लाख गरीबों के राशन पर संकट
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Dec 2015 11:00 PM IST
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मार्केटिंग विभाग के अफसरों व कर्मचारियों की हड़ताल का सबसे ज्यादा असर तीन लाख गरीब परिवारों पर पड़ेगा। दरअसल इन कार्ड धारकों को वितरित होने वाले राशन में से अभी तक महज 25 प्रतिशत ही राशन की उठान विपणन के गोदामों से कोटेदारों ने की है।
75 प्रतिशत राशन गोदामों में ही पड़ा है। तीन दिन अवकाश और इसके बाद मार्केटिंग स्टाफ द्वारा शुरू की गई हड़ताल के चलते राशन गोदामों पर ताला लगा है और राशन की उठान पूरी तरह से बंद है। ऐसे में इन गरीब परिवारों को राशन मिलने पर संकट मंडरा रहा है।
जिले में बीपीएल कार्ड धारकों की संख्या एक लाख 83 हजार 597 व अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या एक लाख 13 हजार 883 है। इन कार्डधारकों को प्रतिमाह 35 किलो गेहूं और चावल का वितरण किया जाता है। बीपीएल परिवारों के लिए विपणन के गोदामों से प्रतिमाह 27 हजार 539 क्विंटल गेहूं, 34 हजार 416 क्विंटल चावल की उठान कोटेदारों द्वारा की जाती है।
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इसी प्रकार अंत्योदय कार्डधारकों के लिए 11 हजार 378 क्विंटल गेहूं व 24 हजार 870 क्विंटल चावल की उठान प्रतिमाह होती है। ये उठान प्रत्येक माह 20 तारीख से लेकर माह के अंत तक होती है। मगर 20 से 23 तारीख तक महज 25 प्रतिशत ही राशन का उठान कोटेदार गोदामों से कर पाए हैं।
इसके बाद तीन दिन अवकाश व शनिवार को कार्यालय खुले तो मार्केटिंग का स्टाफ हड़ताल पर चला गया। इससे विपणन के गोदामों से राशन की उठान नहीं हो सकी। कोटेदार राशन की उठान करने गए भी तो उन्हें गोदाम पर ताला लटका मिला। हड़ताल यदि लंबी खींची तो तीन लाख गरीब परिवारों को निर्धारित तिथि पर राशन नहीं मिल सकेगा।
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75 प्रतिशत राशन गोदामों में ही पड़ा है। तीन दिन अवकाश और इसके बाद मार्केटिंग स्टाफ द्वारा शुरू की गई हड़ताल के चलते राशन गोदामों पर ताला लगा है और राशन की उठान पूरी तरह से बंद है। ऐसे में इन गरीब परिवारों को राशन मिलने पर संकट मंडरा रहा है।
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जिले में बीपीएल कार्ड धारकों की संख्या एक लाख 83 हजार 597 व अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या एक लाख 13 हजार 883 है। इन कार्डधारकों को प्रतिमाह 35 किलो गेहूं और चावल का वितरण किया जाता है। बीपीएल परिवारों के लिए विपणन के गोदामों से प्रतिमाह 27 हजार 539 क्विंटल गेहूं, 34 हजार 416 क्विंटल चावल की उठान कोटेदारों द्वारा की जाती है।
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इसी प्रकार अंत्योदय कार्डधारकों के लिए 11 हजार 378 क्विंटल गेहूं व 24 हजार 870 क्विंटल चावल की उठान प्रतिमाह होती है। ये उठान प्रत्येक माह 20 तारीख से लेकर माह के अंत तक होती है। मगर 20 से 23 तारीख तक महज 25 प्रतिशत ही राशन का उठान कोटेदार गोदामों से कर पाए हैं।
इसके बाद तीन दिन अवकाश व शनिवार को कार्यालय खुले तो मार्केटिंग का स्टाफ हड़ताल पर चला गया। इससे विपणन के गोदामों से राशन की उठान नहीं हो सकी। कोटेदार राशन की उठान करने गए भी तो उन्हें गोदाम पर ताला लटका मिला। हड़ताल यदि लंबी खींची तो तीन लाख गरीब परिवारों को निर्धारित तिथि पर राशन नहीं मिल सकेगा।