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Barabanki News: उगते सूर्य को दिया अर्घ्य
Sat, 09 Nov 2024 01:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 09 Nov 2024 01:42 AM IST
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नागेश्वर नाथ सरोवर में छठ पूजा के दौरान उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देतीं श्रद्धालु। -संवाद
बाराबंकी। चार दिवसीय लोकपर्व डाला छठ व्रत शुक्रवार को उगते सूरज को अर्घ्य देने व छठी माई से सुख-शांति व समृद्धि की कामना के साथ पूरा हुआ। उगते सूर्य के अर्घ्य देने के लिए व्रती महिलाओं ने सुबह चार बजे ही घाट व जलाशयों पर डेरा डाल दिया था।
सुबह करीब पांच बजते ही व्रती महिलाएं कोसी, दउरा, दीप लिए पानी में आकर खड़ी हो गईं। इस दौरान नागेश्वर नाथ तालाब, रेठ नदी के चिलहटा घाट, बंकी, ओबरी, पीएसी ग्राउंड, आलापुर, ढकौली में आस्था, भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम दिखा।
छठ पूजा पर बृहस्पतिवार रात भर आस्था के गीत गूंजते रहे। नागेश्वरनाथ तालाब पर रंगीन रोशनी की सजावट रात भर छटा बिखेरती रही। सूर्य को अर्घ्य देने के लिए शुक्रवार भोर से ही घाटों व तालाबों पर व्रती महिलाओं का हुजूम जुटने लगा था। ‘उगी हो सुरुजदेव भोर भिनसरवां अरघ केर बेरवा..’ गीत गाकर महिलाओं ने गुहार लगाई।
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सूरज की लालिमा दिखते ही सबके चेहरे खिल उठे। व्रती महिलाओं ने छठ मइया के गीतों के साथ उगते सूर्य को अर्घ्य देकर आशीष मांगा। सभी ने प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे के निर्जला व्रत का पारण भी किया। किसी ने नई मनौती मांगी तो किसी ने मनोकामना पूरी होने पर छठी मइया को धन्यवाद दिया।
बांटा प्रसाद, खूब ली सेल्फी
अर्घ्य देने के बाद व्रती महिलाएं अपनी-अपनी सुशोभिता (वेदी) के पास पहुंचीं। छठी मइया को शीश नवाकर गलती की क्षमा याचना की। इसके बाद ठेकुआ, फल व मिठाई आदि का प्रसाद बांटा। पूजा के दौरान नवविवाहिताओं में अधिक उत्साह रहा। पूजा के बाद व्रती महिलाओं के साथ जुटे परिजनों ने सेल्फी ली और ढोल पर खूब डांस भी किया।
ग्रामीण अंचलों में भी रही धूम
निंदूरा क्षेत्र में महापर्व बैनाताला, जयकरनपुरवा, बिसाई, भदरास गांव स्थित तालाब किनारे सैकड़ों व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। हैदरगढ़ व मसौली स्थित तालाब पूजा- अर्चना हुई। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में तेलवारी गांव स्थित सरयू नदी के तट पर अर्घ्य देने के लिए भीड़ उमड़ी। मरौचा गांव स्थित बहटाई ड्रेन, अद्रा पुल के समीप व्रती महिलाओं ने पूजा-अर्चना की।
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सुबह करीब पांच बजते ही व्रती महिलाएं कोसी, दउरा, दीप लिए पानी में आकर खड़ी हो गईं। इस दौरान नागेश्वर नाथ तालाब, रेठ नदी के चिलहटा घाट, बंकी, ओबरी, पीएसी ग्राउंड, आलापुर, ढकौली में आस्था, भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम दिखा।
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छठ पूजा पर बृहस्पतिवार रात भर आस्था के गीत गूंजते रहे। नागेश्वरनाथ तालाब पर रंगीन रोशनी की सजावट रात भर छटा बिखेरती रही। सूर्य को अर्घ्य देने के लिए शुक्रवार भोर से ही घाटों व तालाबों पर व्रती महिलाओं का हुजूम जुटने लगा था। ‘उगी हो सुरुजदेव भोर भिनसरवां अरघ केर बेरवा..’ गीत गाकर महिलाओं ने गुहार लगाई।
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सूरज की लालिमा दिखते ही सबके चेहरे खिल उठे। व्रती महिलाओं ने छठ मइया के गीतों के साथ उगते सूर्य को अर्घ्य देकर आशीष मांगा। सभी ने प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे के निर्जला व्रत का पारण भी किया। किसी ने नई मनौती मांगी तो किसी ने मनोकामना पूरी होने पर छठी मइया को धन्यवाद दिया।
बांटा प्रसाद, खूब ली सेल्फी
अर्घ्य देने के बाद व्रती महिलाएं अपनी-अपनी सुशोभिता (वेदी) के पास पहुंचीं। छठी मइया को शीश नवाकर गलती की क्षमा याचना की। इसके बाद ठेकुआ, फल व मिठाई आदि का प्रसाद बांटा। पूजा के दौरान नवविवाहिताओं में अधिक उत्साह रहा। पूजा के बाद व्रती महिलाओं के साथ जुटे परिजनों ने सेल्फी ली और ढोल पर खूब डांस भी किया।
ग्रामीण अंचलों में भी रही धूम
निंदूरा क्षेत्र में महापर्व बैनाताला, जयकरनपुरवा, बिसाई, भदरास गांव स्थित तालाब किनारे सैकड़ों व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। हैदरगढ़ व मसौली स्थित तालाब पूजा- अर्चना हुई। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में तेलवारी गांव स्थित सरयू नदी के तट पर अर्घ्य देने के लिए भीड़ उमड़ी। मरौचा गांव स्थित बहटाई ड्रेन, अद्रा पुल के समीप व्रती महिलाओं ने पूजा-अर्चना की।