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चार गांवों में जंगली जानवर का आंतक, सात घायल
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सूरतगंज (बाराबंकी)। मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र में गुरुवार की रात एक जंगली जानवर ने चार गांवों के सात लोगों पर हमलाकर लहूलुहान कर दिया। इस दौरान मां के साथ सो रही दो साल की एक मासूम को भी जंगली जानवर लेकर भागा हालांकि मां के शोर मचाने पर बच्ची को कुछ दूरी पर छोड़कर भाग निकला।
हमले में बच्ची भी गंभीर रुप से घायल हुई है। घायलों में दो लोगों का केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। दोनों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। जंगली जानवर ने चार मवेशियों पर भी हमला किया है। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीमें गांवों के आसपास कॉम्बिंग कर रही हैं। वन विभाग का दावा है कि फिशिंग कैट ने हमला किया है। घटना के बाद से गांवों में दहशत का माहौल है।
गायघाट निवासी जुग्गीलाल के मुताबिक, वह रात में अपने घर के बरामदे में सो रहे थे। इस बीच एक जंगली जानवर ने अचानक सिर पर हमला किया। कुछ समझ पाते इससे पहले हमलावर जानवर भाग निकला। इसके बाद जंगली जानवर ने रात करीब 12.30 बजे पड़ोस के गांव माधवपुरवा के बिंदे (21) व राममिलन की बेटी नीलम (9) पर हमला किया।
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इस हमले में नीलम गंभीर रूप से जख्मी हो गई। गुरुवार की देर रात करीब तीन बजे जंगली जानवर बबुरिहा गांव पहुंचा। यहां छप्पर के नीचे सो रही दो साल की बच्ची अंशिका पर हमला किया। मां सुनीता ने बताया कि हमले के बाद जानवर बच्ची को लेकर भागा। यह देख उसने शोर मचाया और पीछा किया। हालांकि जानवर कुछ दूरी पर मासूम को छोड़कर भाग गया।
अगले दिन सुबह 5.30 बजे फिर जंगली जानवर ने छप्परनुमा घरों में सो रहे कल्लू राम (45), साधू (65) व रामनरेश (60) पर हमला किया। लोगों के शोर मचाने पर खेतों की ओर भाग गया। जंगली जानवर के हमले में कल्लू राम का चेहरा बुरी तरह जख्मी हो गया। जबकि साधू व रामनरेश के गर्दन में पंजा लगा है।
जानवर ने चार मवेशियों को भी अपना निशाना बनाया है। हमले में गंभीर रूप से घायल कल्लूराम शुक्ला व नीलम को सीएचसी सूरतगंज से केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। जबकि अंशिका का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
फिशिंग कैट के हमले की आशंका है। फिलहाल टीमें गांवों में कॉम्बिंग कर रही हैं। पंजों के ऐसे कोई निशान नहीं मिले हैं जिससे किसी विशेष जानवर के हमले की बात कही जा सके। फिलहाल टीमों को कैंप कर निगरानी के निर्देश दिये गए हैं।
-नावेद सिद्दीकी, वन रेंजर फतेहपुर
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हमले में बच्ची भी गंभीर रुप से घायल हुई है। घायलों में दो लोगों का केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। दोनों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। जंगली जानवर ने चार मवेशियों पर भी हमला किया है। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीमें गांवों के आसपास कॉम्बिंग कर रही हैं। वन विभाग का दावा है कि फिशिंग कैट ने हमला किया है। घटना के बाद से गांवों में दहशत का माहौल है।
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गायघाट निवासी जुग्गीलाल के मुताबिक, वह रात में अपने घर के बरामदे में सो रहे थे। इस बीच एक जंगली जानवर ने अचानक सिर पर हमला किया। कुछ समझ पाते इससे पहले हमलावर जानवर भाग निकला। इसके बाद जंगली जानवर ने रात करीब 12.30 बजे पड़ोस के गांव माधवपुरवा के बिंदे (21) व राममिलन की बेटी नीलम (9) पर हमला किया।
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इस हमले में नीलम गंभीर रूप से जख्मी हो गई। गुरुवार की देर रात करीब तीन बजे जंगली जानवर बबुरिहा गांव पहुंचा। यहां छप्पर के नीचे सो रही दो साल की बच्ची अंशिका पर हमला किया। मां सुनीता ने बताया कि हमले के बाद जानवर बच्ची को लेकर भागा। यह देख उसने शोर मचाया और पीछा किया। हालांकि जानवर कुछ दूरी पर मासूम को छोड़कर भाग गया।
अगले दिन सुबह 5.30 बजे फिर जंगली जानवर ने छप्परनुमा घरों में सो रहे कल्लू राम (45), साधू (65) व रामनरेश (60) पर हमला किया। लोगों के शोर मचाने पर खेतों की ओर भाग गया। जंगली जानवर के हमले में कल्लू राम का चेहरा बुरी तरह जख्मी हो गया। जबकि साधू व रामनरेश के गर्दन में पंजा लगा है।
जानवर ने चार मवेशियों को भी अपना निशाना बनाया है। हमले में गंभीर रूप से घायल कल्लूराम शुक्ला व नीलम को सीएचसी सूरतगंज से केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। जबकि अंशिका का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
फिशिंग कैट के हमले की आशंका है। फिलहाल टीमें गांवों में कॉम्बिंग कर रही हैं। पंजों के ऐसे कोई निशान नहीं मिले हैं जिससे किसी विशेष जानवर के हमले की बात कही जा सके। फिलहाल टीमों को कैंप कर निगरानी के निर्देश दिये गए हैं।
-नावेद सिद्दीकी, वन रेंजर फतेहपुर