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बोआई के बाद खाद-पानी का संकट
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Wed, 16 Nov 2016 12:31 AM IST
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जहांगीराबाद क्षेत्र में खेत में मशीन द्वारा बोया गया आलू।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में इस बार आलू बोआई का लक्ष्य 15880 हेक्टेअर था। जिसके सापेक्ष 14500 हेक्टेअर पर बोआई हो चुकी है। इस बार जिले में संचालित हो रहे 24 कोल्ड स्टोरज में 2.34 लाख एमटी आलू भंडारण क्षमता थी। जिसमें 2.12 लाख एमटी आलू का भंडारण किया गया था।
बोआई के सीजन में आलू का बाजार भाव कम होेने के चलते किसानों ने बोआई में काफी रुचि ली है। कोल्ड स्टोरेेेेेज से 1.97 लाख एमटी की निकासी हो जाने से स्टोर लगभग खाली हो चुके हैं। अब जो भी आलू स्टोरों में है वह बड़े काश्तकारों का है जो बिक्री के लिए पड़ा है।
बीच में मौसम ठीक होने पर एकदम से आलू बोआई का काम शुरू होने से कोल्ड स्टोरों में आलू निकासी की दिक्कतें किसानों को उठानी पड़ी, लेकिन नोट बंदी से आलू काश्तकारों को कोई दिक्कतें नहीं हुई हैं। जिला उद्यान अधिकारी जयकरण सिंह का कहना है कि जिले में 24 कोल्ड स्टोरों में इस बार 2.12 लाख एमटी का भंडारण किया गया था।
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स्टोरों से 1.97 लाख एमटी आलू की निकासी हो चुकी है। नोटबंदी का असर किसानों पर नहीं पड़ा है। किसान व कोल्ड स्टोर संचालकों के बीच 500-1000 के नोट के लेनदेन के विवाद की कोई शिकायत नहीं आई है।
पहले तो किसान खाद का प्रबंध कर आलू की बोआई आसानी से कर दिया था। अब किसानों को आलू में डालने के लिए यूरिया की आवश्यकता है। किसान समितियों पर 500-1000 का नोट लेकर जाते हैं तो सचिव लेने से मना कर रहे हैं। जिसके चलते किसानाें को काफी दिक्कते हो रही हैं।
इस ओर अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। वहीं खेतों की सिंचाई के लिए किसानों के पास डीजल की व्यवस्था का भी संकट खड़ा हो गया है। पूरे जिले में किसी भी सहकारी समिति में पिछले पांच दिन से पुराने नोट नहीं लिए जा रहे हैं।
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बोआई के सीजन में आलू का बाजार भाव कम होेने के चलते किसानों ने बोआई में काफी रुचि ली है। कोल्ड स्टोरेेेेेज से 1.97 लाख एमटी की निकासी हो जाने से स्टोर लगभग खाली हो चुके हैं। अब जो भी आलू स्टोरों में है वह बड़े काश्तकारों का है जो बिक्री के लिए पड़ा है।
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बीच में मौसम ठीक होने पर एकदम से आलू बोआई का काम शुरू होने से कोल्ड स्टोरों में आलू निकासी की दिक्कतें किसानों को उठानी पड़ी, लेकिन नोट बंदी से आलू काश्तकारों को कोई दिक्कतें नहीं हुई हैं। जिला उद्यान अधिकारी जयकरण सिंह का कहना है कि जिले में 24 कोल्ड स्टोरों में इस बार 2.12 लाख एमटी का भंडारण किया गया था।
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स्टोरों से 1.97 लाख एमटी आलू की निकासी हो चुकी है। नोटबंदी का असर किसानों पर नहीं पड़ा है। किसान व कोल्ड स्टोर संचालकों के बीच 500-1000 के नोट के लेनदेन के विवाद की कोई शिकायत नहीं आई है।
पहले तो किसान खाद का प्रबंध कर आलू की बोआई आसानी से कर दिया था। अब किसानों को आलू में डालने के लिए यूरिया की आवश्यकता है। किसान समितियों पर 500-1000 का नोट लेकर जाते हैं तो सचिव लेने से मना कर रहे हैं। जिसके चलते किसानाें को काफी दिक्कते हो रही हैं।
इस ओर अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। वहीं खेतों की सिंचाई के लिए किसानों के पास डीजल की व्यवस्था का भी संकट खड़ा हो गया है। पूरे जिले में किसी भी सहकारी समिति में पिछले पांच दिन से पुराने नोट नहीं लिए जा रहे हैं।