{"_id":"6a270ce53ee77044360172c4","slug":"after-planting-eight-lakh-saplings-the-responsible-people-forgot-about-it-within-48-hours-barabanki-news-c-315-1-brp1006-170469-2026-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: आठ लाख पौधे लगाकर 48 घंटे में ही भूल गए जिम्मेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: आठ लाख पौधे लगाकर 48 घंटे में ही भूल गए जिम्मेदार
Tue, 09 Jun 2026 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 09 Jun 2026 12:11 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। विश्व पर्यावरण दिवस पर सरकारी दावों और संकल्पों की जमीनी हकीकत महज 48 घंटों में ही सामने आ गई है। पांच जून को जिलेभर में हरियाली का संदेश देने के लिए आठ लाख से अधिक पौधे रोपे गए थे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर तस्वीरें खिंचवाईं, लेकिन अभियान खत्म होते ही इन पौधों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया।
नतीजा यह है कि भीषण गर्मी और पानी के अभाव में कई पौधे सूख चुके हैं और बाकी सूखने के कगार पर हैं। इस वर्ष जिले में कुल 60 लाख पौधे लगाने का भारी-भरकम लक्ष्य तय किया गया है, लेकिन शुरुआती लापरवाही ने इस अभियान की सफलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सिंचाई और ट्री-गार्ड (संरक्षण) की व्यवस्था नहीं की गई, तो अधिकांश पौधे दम तोड़ देंगे। इस मामले पर डीएफओ आकाशदीप बधावन ने कहा कि पौधों को लगाने से ज्यादा उन्हें बचाना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि जिन स्थानों पर पौधे सूखे हैं, वहां दोबारा लगाए जाएंगे। हालांकि, ग्रामीणों का मानना है कि बजट लेने के लिए सिर्फ कागजी और फोटो वाले अभियान चलाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
मनरेगा पार्क में दो दिन भी नहीं टिक सके पौधे
मसौली ब्लॉक के एक मनरेगा पार्क में लगाए गए कई पौधे दो दिन के बाद ही सूखने लगे। पौधे लगाने के बाद उनकी देखरेख के लिए कोई नहीं आया। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच पानी न मिलने से पौधों की हालत खराब हो गई।
100 पौधे लगे, 48 घंटे बाद 15 नष्ट
अमृत सरोवर के किनारे भी नहीं बच सके पौधे हैदरगढ़ ब्लॉक की कमेला ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर के पास करीब 100 पौधे लगाए गए थे। दो दिन बाद ही इनमें से लगभग 15 पौधे नष्ट हो गए। यहां सबमर्सिबल तो है लेकिन देखरेख करने का इंतजाम नहीं है।
ब्लॉक प्रमुख के लगाए पौधे भी संकट में
फतेहपुर क्षेत्र की इसरौली ग्राम पंचायत में ब्लॉक प्रमुख की मौजूदगी में पौधरोपण हुआ था लेकिन यहां भी कई पौधे टूटने और सूखने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सिंचाई और संरक्षण की व्यवस्था नहीं की गई तो अधिकांश पौधे बच नहीं पाएंगे।
विज्ञापन
नतीजा यह है कि भीषण गर्मी और पानी के अभाव में कई पौधे सूख चुके हैं और बाकी सूखने के कगार पर हैं। इस वर्ष जिले में कुल 60 लाख पौधे लगाने का भारी-भरकम लक्ष्य तय किया गया है, लेकिन शुरुआती लापरवाही ने इस अभियान की सफलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सिंचाई और ट्री-गार्ड (संरक्षण) की व्यवस्था नहीं की गई, तो अधिकांश पौधे दम तोड़ देंगे। इस मामले पर डीएफओ आकाशदीप बधावन ने कहा कि पौधों को लगाने से ज्यादा उन्हें बचाना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि जिन स्थानों पर पौधे सूखे हैं, वहां दोबारा लगाए जाएंगे। हालांकि, ग्रामीणों का मानना है कि बजट लेने के लिए सिर्फ कागजी और फोटो वाले अभियान चलाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
मनरेगा पार्क में दो दिन भी नहीं टिक सके पौधे
मसौली ब्लॉक के एक मनरेगा पार्क में लगाए गए कई पौधे दो दिन के बाद ही सूखने लगे। पौधे लगाने के बाद उनकी देखरेख के लिए कोई नहीं आया। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच पानी न मिलने से पौधों की हालत खराब हो गई।
100 पौधे लगे, 48 घंटे बाद 15 नष्ट
अमृत सरोवर के किनारे भी नहीं बच सके पौधे हैदरगढ़ ब्लॉक की कमेला ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर के पास करीब 100 पौधे लगाए गए थे। दो दिन बाद ही इनमें से लगभग 15 पौधे नष्ट हो गए। यहां सबमर्सिबल तो है लेकिन देखरेख करने का इंतजाम नहीं है।
ब्लॉक प्रमुख के लगाए पौधे भी संकट में
फतेहपुर क्षेत्र की इसरौली ग्राम पंचायत में ब्लॉक प्रमुख की मौजूदगी में पौधरोपण हुआ था लेकिन यहां भी कई पौधे टूटने और सूखने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सिंचाई और संरक्षण की व्यवस्था नहीं की गई तो अधिकांश पौधे बच नहीं पाएंगे।