फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   After clearing the exams for constable and agriculture officer, Khushi has now passed the Sub-Inspector recruitment exam.

Barabanki News: सिपाही और कृषि अधिकारी के बाद खुशी ने पास की दरोगा भर्ती परीक्षा

Thu, 16 Jul 2026 01:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Thu, 16 Jul 2026 01:56 AM IST
विज्ञापन
After clearing the exams for constable and agriculture officer, Khushi has now passed the Sub-Inspector recruitment exam.
बाराबंकी। सरकारी स्कूल की टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ने वाली साधारण परिवार की बेटी खुशी ने अपनी असाधारण मेहनत से वो मुकाम हासिल किया है, जो लाखों युवाओं का सपना होता है। वजीउद्दीनपुर निवासी ग्राम प्रधान सीताकांत विश्वकर्मा की इकलौती बेटी खुशी ने 16 माह के भीतर यूपी सरकार की तीन बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है।
विज्ञापन

सिपाही और कृषि अधिकारी के बाद दरोगा भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण कर उन्होंने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया। वर्तमान में बलरामपुर जिले के गैसड़ी थाने में कांस्टेबल के पद पर तैनात खुशी अब उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा बनने जा रही हैं। उन्होंने इस परीक्षा में पूरे प्रदेश में 264वीं रैंक हासिल की है।
विज्ञापन

कस्बा स्थित नूर मोहम्मद इंटर कॉलेज से वर्ष 2017 में हाईस्कूल और 2019 में इंटरमीडिएट करने के बाद खुशी ने वर्ष 2023 में चार वर्षीय बीएससी (एग्रीकल्चर) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद मार्च 2025 में उन्होंने सिपाही भर्ती परीक्षा पास की और जुलाई 2025 में विभाग में ड्यूटी जॉइन कर ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

ड्यूटी के कड़े शेड्यूल के बीच भी खुशी ने पढ़ाई जारी रखी। इसी साल 23 जून 2026 को कृषि विभाग में एटीए (अधीनस्थ कृषि सेवा) पद पर भी उनका चयन हुआ लेकिन दरोगा बनने की जिद मन में थी, इसलिए मेहनत जारी रखी। आखिरकार 14 जुलाई 2026 को आए नतीजों ने खुशी के कंधे पर दो स्टार लगना तय कर दिया।
इस सफलता से मां राधा विश्वकर्मा, छोटे भाई शिवम सहित पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है। बीडीओ प्रीति वर्मा और एसएचओ संतोष कुमार सिंह सहित तमाम लोगों ने खुशी के घर पहुंचकर बधाई दी।

भाई-बहन की जुगलबंदी ने आसान की राह
खुशी की इस सफलता के पीछे उनके बड़े भाई सत्यम विश्वकर्मा की अहम भूमिका रही। दोनों भाई-बहन ने घर पर ही एक साथ मिलकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। दोनों साथ पढ़ते थे और एक-दूसरे की कमियां सुधारते थे। सिपाही बनने के बाद भी तैयारी को लेकर दोनों आपस में संवाद करते रहते थे।
इस जुगलबंदी का नतीजा यह हुआ कि बीते 23 जून को कृषि विभाग की एटीए परीक्षा में दोनों भाई-बहन का एक साथ चयन हुआ। भाई सत्यम ने कृषि विभाग में जॉइन कर लिया, जबकि खुशी अब दरोगा बनकर कानून व्यवस्था संभालेंगी।


स्मार्टफोन से दूरी, पांच घंटे की नियमित पढ़ाई
खुशी ने बताया कि आज के दौर में जहां युवा सोशल मीडिया और रील्स में घंटों समय गंवाते हैं, उन्होंने स्मार्टफोन से दूरी बना रखी थी। मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ ऑनलाइन क्लासेज और अपनी पढ़ाई से जुड़े टॉपिक्स को समझने के लिए किया। नौकरी की व्यस्तता के बीच भी रोजाना 4 से 5 घंटे सेल्फ स्टडी करती थी। खुशी ने कहा कि सही दिशा में किया गया परिश्रम ही सफलता की एकमात्र चाबी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed